AKTU:छात्रों को इस तरह करें तैयार कि कंपनियां न कर पायें इनकार, देखें छात्रों के व्यक्तित्व विकास के लिए इंडस्ट्री एक्सपर्ट ने एकेटीयू में शिक्षकों को क्या दी सलाह
लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) में शनिवार को ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट की ओर से ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट ऑफिसर मीट और उद्योगों से एमओयू पर हस्ताक्षर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में टीपीओ को बताया गया कि उद्योगों की जरूरत क्या है और उन्हें कैसे छात्र चाहिए। उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुसार छात्रों को तैयार करने से ही उनकी प्लेसमेंट अच्छी होगी।
इस मौके पर कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार मिश्र ने कहा कि वक्त बदल गया है। अब कॅरियर के लिहाज से बहुत से क्षेत्र हैं। लेकिन यह तय करना छात्रों का काम है कि उन्हें किस दिशा में जाना है। मगर कई बार वह तय ही नहीं कर पाते कि उन्हें करना क्या है। ऐसे में शिक्षकों की भूमिका बढ़ जाती है कि वह उन्हें इस तरह से तैयार करें जिससे कि उनमें निर्णय लेने की क्षमताओं का विकास हो सके। साथ ही कहा कि वर्तमान में युवा बहुत जल्दी धैर्य खो देता है, उसका उत्साह कम पड़ जाता है ऐसे में उसे मोटिवेट रहने की भी जरूरत है। युवाओं को अपने विषय में तो जानकार होना ही चाहिए साथ ही अच्छा कम्युनिकेशन, नेतृत्व की क्षमता भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम निश्चित ही छात्रों के लिए लाभदायक होगा।
इस मौके पर प्रति कुलपति प्रो. मनीष गौड़ ने कहा कि ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की जिम्मेदारी है कि वह छात्रों को इस तरह से तैयार करे कि जब भी प्लेसमेंट का मौका आये तो छात्र उसमें सफल रहे, लेकिन ज्यादातर सेल छात्रों की ट्रेनिंग के बजाय सिर्फ प्लेसमेंट कराने पर ध्यान केंद्रित किये हैं। ऐसे में छात्र सही मायने में सफल नहीं हो पाते हैं। इसी के साथ उन्होंने सलाह दी कि छात्रों को सिर्फ पैकेज के पीछे नहीं भागना चाहिए बल्कि प्लेसमेंट के दौरान ऐसी कंपनी को प्राथमिकता देनी चाहिए जहां उनका सम्पूर्ण विकास हो सके। इसका फायदा उन्हें भविष्य में मिलेगा। अब ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल का दायरा भी बड़ा हो गया है। इस सेल का काम सिर्फ छात्रों को कंपनियों में प्लेसमेंट कराना ही नहीं है बल्कि उनको इस तरह से तैयार करना है कि वह उद्यमिता और स्टार्टअप की और भी अग्रसर हो सकें। एचबीटीयू कानपुर की प्रो0 अनीता यादव ने ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट पर अपना अनुभव साझा किया। कहा कि हम समय-समय पर छात्रों के लिए कार्यशालाओं और प्रशिक्षण का आयोजन करते हैं, जिसका फायदा उन्हें प्लेसमेंट के दौरान मिलता है।
इंडस्ट्री के विशेषज्ञों ने दिये छात्रों को टिप्स
इस मौके पर मौजूद इंडस्ट्री के जानकारों ने टीपीओ को विभिन्न उद्योगों से अवगत कराया। बताया कि उद्योगों को किस तरह के छात्रों की जरूरत होती है। पिज्म जॉनसन लिमिटेड के जीएम एचआर संजय काम्बेकर ने कहा कि कंपनी को फ्रेशर छात्रों की जरूरत होती है जिन्हें वो अपने काम के हिसाब से ढाल लेते हैं। मगर छात्र कंपनी की अपेक्षाओं पर खरा उतरे इसके लिए जरूरी है कि वह संस्थान स्तर पर ही तैयार रहे। अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि कई बार जब हम संस्थानों में प्लेसमेंट के लिए जाते हैं तब छात्रों को पता ही नहीं रहता कि किस तरह साक्षात्कार देना है, रिज्यूमे कैसे बनाना है। कहा कि इसलिए ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल को चाहिए कि छात्रों के लिए मॉक टेस्ट करायें।
उन्हें इस तरह पहले ही तैयार करें कि जब कंपनी उनका प्लेसमेंट करने आये तो उन्हें किसी तरह की दिक्कत न होने पाये। इसी क्रम में वीबीआई फाउंडेशन के डॉ. आलोक यादव, पीटीसी इंडस्ट्रीज के करूणा श्रीवास्तव ने अपने अनुभव साझा किये। डीन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट प्रो. अरूणिमा वर्मा ने कहा कि किसी भी संस्थान के लिए छात्रों की ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे में जरूरी है कि यह सेल छात्रों को किस तरह से तैयार करे कि उन्हें प्लेसमेंट में दिक्कत न आये। इस मौके पर एसो. डीन डॉ. मनमोहन शुक्ला, डॉ. अजय भूषण प्रसाद और डॉ. देवेंद्र सिंह ने प्रस्तुति दी। संचालन वंदना शर्मा ने किया। इस मौके पर प्रतिभा शुक्ला सहित विभिन्न संस्थानों के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
एमओयू पर हुआ हस्ताक्षर
कार्यक्रम के दौरान पीटीसी इंडस्ट्रीज, वाईबीआई फाउंडेशन, दी क्लिक कंपनी और रेड क्विक डिजिटल इंडिया लिमिटेड और एकेटीयू के बीच एमओयू हुआ। कंपनियों के प्रतिनिधियों और कुलपति प्रो0 प्रदीप कुमार मिश्र ने डॉक्यूमेंट्स का आदान किया। ये कंपनियां एकेटीयू के छात्रों को प्लेसमेंट से लेकर प्रशिक्षण तक में अपना सहयोग करेंगी।