UP News: लखनऊ में 21 नवम्बर से शुरू होगा पुरुष नसबंदी पखवारा, देखें कब तक चलेगा अभियान, जानें कितनी मिलेगी प्रोत्साहन राशि
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुरुष नसबंदी पखवारा 21 नवम्बर से शुरू होने जा रहा है। अब पुरुष निभाएंगे जिम्मेदारी, परिवार नियोजन अपनाकर दिखाएंगे अपनी भागीदारी, इस थीम के साथ स्वास्थ्य विभाग परिवार नियोजन को लेकर बड़ा अभियान चलाने जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग आगामी 21 नवंबर से 4 दिसंबर तक पुरुष नसबंदी पखवारा मनाएगा।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ . मनोज अग्रवाल ने बताया कि परिवार नियोजन को लेकर पुरुष नसबंदी पखवारा शुरू किया जा रहा है। यह पखवाड़ा 21 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेगा। पुरुष नसबंदी पखवाड़ा को कामयाब बनाने के लिए सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला अस्पताल में सभी कार्य दिवसों पर तथा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएच सी) पर लाभार्थियों की संख्या के अनुसार नियत सेवा दिवस (एफडीएस) के माध्यम से पुरुष नसबंदी की सेवाएं दी जाती हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस अभियान में खासतौर से पुरुषों को जागरूक करना है और उन्हें परिवार नियोजन के बारे में बता कर नसबंदी अपनाने के लिए तैयार करना है।
इसके बारे में जानकारी देते हुए प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) के नोडल अधिकारी और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आर वी सिंह ने बताया कि परिवार नियोजन बहुत जरूरी है। इसमें पुरुषों को बढ़-चढ़कर शामिल होना चाहिए। उनका कहना है कि ऐसा कोई भी व्यक्ति नसबंदी करा कर परिवार नियोजन का हिस्सा बन सकता है, जिसके एक साल से ऊपर एक भी जीवित संतान हो। उन्होंने बताया कि नसबंदी कराने वाले पुरुष लाभार्थी को ₹3000 प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाता है। साथ ही नसबंदी के लिए प्रोत्साहित करने वाले प्रेरक को 400 रुपये प्रति लाभार्थी दिया जाता है ।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी ने बताया कि पुरुष नसबंदी पखवाड़ा को लेकर लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस कार्यक्रम को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। दूसरे चरण में इच्छुक पुरुषों को नसबंदी की सेवा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से समुदाय में लोगों को नसबंदी की सेवा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा जिन पुरुषों ने नसबंदी की सेवा अपनाई है उनसे अपेक्षा है कि वह आगे आकर अन्य पुरुषों को नसबंदी की सेवा अपनाने के लिए प्रेरित करें ।