खाट खड़ी सबकी करवाती मेरी प्यारी अम्मा जी…पीठाधीश्वर अरदास महाराज के स्वागत में हुआ कवि सम्मेलन
Kanpur: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में कल यानी 26 नवंबर को राष्ट्रीय सनातन धर्म सेवा संगठन के द्वारा सफेद कॉलोनी में पीठाधीश्वर अमरदास महाराज के प्रथम नगर आगमन पर स्वागत समारोह एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक साहनी द्वारा किया गया.
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश पूजन से हुआ. इसके बाद तत्पश्चात् अर्चना चौहान ने वाणी वंदना की. इस मौके पर मुख्य रूप से सतीश तिवारी, केडी पाण्डेय, रितेश राजपूत, संजय कुमार, रामजी त्रिपाठी, सुमित चंदेल सहित कई लोग मौजूद रहे.
तो वहीं कवि सम्मेलन में आये कवियों में डॉ चक्रधर शुक्ला, डॉ सुषमा सेंगर, सारांश तिवारी, मनीष मीत, डॉ अजीत सिंह राठौर, डॉ अर्चना सिंह और शोभना कश्यप ने अपनी रचनायें प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी. कवि सम्मेलन का संयोजन डॉ सुषमा सेंगर और संचालन वरिष्ठ व्यंग्य कवि चक्रधर शुक्ल ने किया. आयोजक दीपक साहनी ने सभी का माल्यार्पण करके अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया.

कवि सम्मेलन में ये रचनाएं हुई प्रस्तुत
“सत्य सनातन की तुम अखण्ड अलख जगाओ
धरती से अम्बर तक झण्डा लहर – लहर लहराओ”
अर्चना चौहान
मनीष मीत ने बेटियों पर कविता सुनाकर खूब वाहवाही लूटी तो वहीं अजीत राठौर (लुल्ल कानपुर) ने “टुकड़े-टुकड़े कटती श्रद्धा फिर भी श्रद्धा ज़िंदा है. पन्ने पन्ने कविता फटती फिर भी कविता ज़िंदा है. आफ़ताब तेरा सर न काट पाया ये लुल्ल बहुत शर्मिंदा है.” सुनाकर भारत की धीमी न्याय व्यवस्था पर गहरा प्रहार किया.
“सुबह सबेरे जब चिल्लाती मेरी प्यारी अम्मा जी,
खाट खड़ी सबकी करवाती मेरी प्यारी अम्मा जी.
डॉ सुषमा सेंगर
संतों भक्तों के ख़ातिर ही वनवासी राम हुए सुनाकर चक्रधर शुक्ल ने खूब तालियां बटोरी.
‘नहीं ख्वाहिश मुझे किसी किसी आसमान की
मैं धरती की पुजारिन हूं.
नहीं चाहिए कोई फरेबी रिश्ते मैं इस मिट्टी की दुलारन हूं.”
शोभना कश्यप
शबरी के बेर खाने वाले राम हैं सुनाकर सारांश तिवारी ने खूब तालियां बटोरी
“हँसी-खुशी सब रह लेते थे बिन झगड़े-तकरार
साठ वर्ग गज के कमरे में अस्सी रिश्तेदार
सबके काँधे जुड़ जाते थे जब छप्पर ढहते थे”
मनीष मीत
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