Shakuntala University: एडीपी-ईडीपी लागू करने वाला पहला राज्य विश्वविद्यालय बना DSMNRU

July 16, 2026 by No Comments

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Shakuntala University: डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय (Dr. Shakuntala Mishra National Rehabilitation University) की 42वीं विद्या परिषद की बैठक आज हुई जिसमें विद्यार्थियों के हित में कई अहम फैसले लिए गए।

कुलपति आचार्य संजय सिंह ने मीडिया को बताया कि परिषद ने एक्सेलरेटेड डिग्री प्रोग्राम (एडीपी)-2026, एक्सटेंडेड डिग्री प्रोग्राम (ईडीपी)-2026 रेगुलेशन, यूजी और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (एसईसी) के रूप में शामिल करने के प्रस्ताव और शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अकादमिक कैलेंडर को मंजूरी दी है।

उन्होंने आगे जानकारी दी कि एडीपी और ईडीपी लागू करने वाला यह प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय है। इससे मेधावी, दिव्यांग और दूसरे जरूरतमंद विद्यार्थियों को अपनी क्षमता और आवश्यकता के अनुसार पढ़ाई पूरी करने का अवसर मिलेगा। बैठक में इसी नए सत्र से विभिन्न विभागों में संचालित किए जाने हेतु 71 मल्टी डिसिप्लिनरी कोर्सेज को भी स्वीकृति मिली।

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. यशवंत वीरोदय ने बताया कि एडीपी के तहत एसजीपीए/सीजीपीए 7.5 या उससे अधिक और बिना बैक पेपर वाले मेधावी छात्र अतिरिक्त क्रेडिट लेकर चार वर्षीय (आठ सेमेस्टर) स्नातक पाठ्यक्रम छह सेमेस्टर में पूरा कर सकेंगे। इस योजना के लिए प्रत्येक संकाय में केवल 10 प्रतिशत सीटें निर्धारित होंगी।

दूसरी ओर, ईडीपी के तहत एसजीपीए/सीजीपीए 6.0 या उससे कम वाले विद्यार्थी, बैक पेपर हो या नहीं, कम क्रेडिट लेकर अधिकतम दो अतिरिक्त सेमेस्टर में अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। ईडीपी में किसी प्रकार का सीट आरक्षण नहीं होगा। एडीपी और ईडीपी के तहत प्राप्त डिग्री सामान्य अवधि में प्राप्त डिग्री के समान ही मान्य होगी।

उन्होंने बताया कि परिषद ने यूजी और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (एसईसी) के रूप में शामिल करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

इसके तहत विद्यार्थियों को एआई की मूल अवधारणाओं के साथ चैटजीपीटी, जेमिनी, डीपसीक, पर्प्लेक्सिटी जैसे आधुनिक एआई टूल, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग और पुनर्वास के क्षेत्र में एआई के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल में वृद्धि होगी और वे बदलती रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकेंगे।

बैठक में कुलसचिव रोहित सिंह ने विद्या परिषद के सदस्यों के समक्ष विभिन्न एजेंडा प्रस्तुत किए, जिन पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से अनुमोदन प्रदान किया गया।

कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कहा, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी क्षमता और आवश्यकता के अनुरूप लचीली शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। एडीपी और ईडीपी व्यवस्था मेधावी विद्यार्थियों को कम समय में डिग्री पूरी करने का अवसर देगी, जबकि दिव्यांग और दूसरे जरूरतमंद विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय मिलने से उनकी पढ़ाई बाधित नहीं होगी। यूजी और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में एआई को स्किल एन्हांसमेंट कोर्स के रूप में शामिल करने से विद्यार्थी नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करेंगे और भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर ढंग से तैयार होंगे।”

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