प्राइमरी स्कूल में झाड़ू लगाते बच्चों का वायरल हुआ Video, BSA ने दिए जांच के आदेश

Share News

Raebareli Primary School Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि एक परिषदीय स्कूल में कुछ बच्चे बारी-बारी से झाड़ू लगा रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में जहां कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इसे सही बताते हुए कह रहे हैं कि जब पीएम मोदी संसद में झाड़ू लगा सकते हैं तो फिर बच्चों को क्या स्कूल में झाड़ू लगाना नहीं सिखाया जा सकता. तो वहीं कुछ लोग इसका विरोध करते हुए प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

ये वीडियो उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के सलोन कोतवाली क्षेत्र के घुरहट गांव के एक प्राइमरी स्कूल का बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल ये वीडियो 10 मई 2025 को सामने आया था. वीडियो शेयर करने वाले ने दावा किया है कि वीडियो में छोटे-छोटे बच्चों को कक्षा में झाड़ू लगाते हुए देखा जा सकता है, जबकि स्कूल के शिक्षकों का कहीं पता नहीं है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में गुस्सा है और अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को शिक्षा देने के बजाय उनसे सफाई करवाई जा रही है।

बीएएस ने दिए जांच के आदेश

तो वहीं इस वीडियो को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली का कहना है कि शासनादेश में विद्यालय परिवार द्वारा स्कूल की साफ-सफाई करने का निर्देश पहले ही दिया जा चुका है. इसके लिए किसी विशेष बच्चे को फोर्स न करने की हिदायत भी दी गई है. हम लोग भी अभियान चला कर विद्यालय परिसर को साफ रखने के लिए निर्देश दे रहे हैं. जहां तक इस वीडियो की बात है तो इसको लेकर खंड शिक्षाधिकारी को निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है और वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है. अगर इस सम्बंध में कोई शिक्षक दोषी पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी.

प्रदेश के कई स्कूल बने हैं मॉडल

बता दें कि उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा स्कूल में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ाकर प्रदेश सरकार उनको मुख्य धारा से जोड़ने का काम कर रही है. शिक्षक भी निरन्तर बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर रहे हैं. प्रदेश के कई प्राइमरी स्कूल ऐसे भी हैं जो मॉडल के तौर पर विकसित किए गए हैं. बच्चों को मिड डे मील से लेकर ड्रेस आदि की भी सुविधाएं भी प्रदान की जा रही है. हालांकि झाड़ू लगाने और स्कूलों में बच्चों द्वारा घास कटाए जाने की खबरें पहले भी कई बार सामने आ चुकी है, जिसके बारे में शिक्षकों का कहना रहा है कि ये एक्टिविटी का हिस्सा होता है. फिलहाल ये खबर वायरल वीडियो के आधार पर लिखी गई है. इसकी पुष्टि खबर स्टिंग नहीं करता.

ये भी पढ़ें-टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद पत्नी के साथ प्रेमानन्द महाराज से मिलने पहुंचे व‍िराट कोहली, संत ने दी ये सलाह-Video