UP: गिट्टी चोरी के 35 साल पुराने मामले में योगी सरकार के मंत्री राकेश सचान को एसीएमएम कोर्ट ने घोषित किया दोषी, भागने की खबर पर सपा ने बोला भाजपा पर हमला, वीडियो में देखें मंत्री ने क्या दी सफाई
कानपुर। प्रदेश सरकार में लघु उद्योग मंत्री एवं भोगनीपुर के विधायक राकेश सचान 35 साल पुराने गिट्टी चोरी के मामले में दोषी करार घोषित कर दिए गए हैं। एसीएमएम कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है। ऐसी खबर सामने आ रही है कि फैसला आने से पहले ही राकेश सचान कोर्ट से गायब हो गए थे। इस सम्बंध में राकेश ने एक वीडियो जारी करते हुए सफाई दी है। तो दूसरी ओर समाजवादी पार्टी (सपा) ने जमकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक किदवईनगर निवासी राकेश सचान फतेहपुर से सपा के सांसद रहे हैं। इससे पहले वे घाटमपुर सीट से विधायक बने थे। उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़ने के बाद कांग्रेस का हाथ थामा लिया था। इसकी वजह सपा से लोकसभा का टिकट ना मिलना बताया गया था। कांग्रेस ने उन्हें राष्ट्रीय सचिव बनाया था। कहा जाता है कि वह प्रियंका गांधी के बेहद करीब थे, लेकिन उत्तर प्रदेश की विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का कमल का फूल पकड़ लिया और मंत्री बन बैठे।
भाजपा ने उन्हें कानपुर देहात की भोगनीपुर सीट से विधायक बनाया। अब प्रदेश सरकार में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा, एवं वस्त्रोद्योग, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री हैं। 1993 और 2002 में घाटमपुर सीट से विधायक और 2009 में फतेहपुर से लोकसभा चुनाव जीते राकेश सचान सपा संरक्षक मुलायम सिंह के खास सिपहसलार भी रहे थे। बता दें कि जो गिट्टी चोरी का मामला सामने आया है, वह उस समय का है, जब राकेश सचान रेलवे की ठेकेदारी करते थे। मीडिया सूत्रों के मुताबिक राकेश सचान के विरुद्ध रेलवे की ठेकेदारी के दौरान गिट्टी चोरी का मुकदमा आईपीसी की धारा 389 और 411 यूपी सरकार में दर्ज हुआ था। चोरी की गिट्टी भी बरामद हो गई थी। बताया जा रहा है कि धारा 389 में आजीवन कारावास अथवा 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है।