Lucknow: 1971 के युद्ध में कर्नल पीडी गुप्ता ने दिया था शौर्य का परिचय…जानें 84 की उम्र में क्या करते हैं अब?
1971 India Pakistan War: ये तो सभी जानते हैं कि साल 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था. इस युद्ध में पूर्वी पाकिस्तान आजाद हो गया और बांग्लादेश के रूप में एक नया देश उभर कर सामने आया था. भारत के जवानों की बहादुरी के आगे पाकिस्तान की सेना ने 16 दिसम्बर को ही घुटने टेक दिए थे और सरेंडर कर दिया था. इसी युद्ध में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में निवास कर रहे कर्नल पीडी गुप्ता (पुरुषोत्तम दास गुप्ता समीर) भी थे. उन्होंने इस युद्ध में बहादुरी के साथ जंग लड़ी थी.
बता दें कि वर्तमान में वह लखनऊ के इंदिरानगर इलाके में निवास कर रहे हैं और वह अपना 84वां जन्मदिन धूमधान से मनाने जा रहे हैं. वह अपने जीवन से जुड़ी कहानियों पर कई पुस्तकें लिख चुके हैं और समाज सेवा से जुड़े हुए हैं. सेवा के दौरान उनको दो बटालियन का कमांड करने का अवसर प्राप्त हुआ था, जो कि समान्यत: किसी को नहीं दिया जाता. वह कहते हैं कि यह उनके लिए विशेष गर्व की बात थी. वह पर्यावरण बचाओ अभियान भी चला रहे हैं और इस उम्र में समाज सेवा में काफी सक्रिय हैं. वह कहते हैं कि “मैं 84 वर्ष का हूँ, सेवानिवृत्त कर्नल से साहित्यकार बना. 6 पुस्तकें हिन्दी में और एक अंग्रेजी में लिख चुका हूं. ” बता दें कि वह 21 देशों का दौरा कर चुके हैं.
उनको कई समाजिक संगठनों द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है. वह कहते हैं कि वह पूरी जिंदगी देश सेवा में ही गुजार देना चाहते हैं. वह आज भी एक जिंदादिल इंसान हैं और गरीबों व आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए लगातार काम कर रहे हैं. इसी के साथ ही वह सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर भी काफी एक्टिव रहते हैं और लगातार अपने कार्यों से सम्बधित पोस्ट शेयर करते रहते हैं. वह देश के युवाओं को संदेश देते हुए कहते हैं कि जो ये जिंदगी मिली है उसे देश सेवा में लगाएं. इसी के साथ कहते हैं कि खाली बैठकर या फिर मोबाइल में गलत कंटेट देखकर अपना समय नष्ट मत करिए. देश के हित में कार्य करिए.