Hyderabad: IFHE विश्वविद्यालय हैदराबाद के हिंदू छात्र का दावा, सीनियर छात्रों ने पिटाई के बाद लगवाए “अल्लाह हू अकबर” के नारे, वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक हिंदू छात्र को सीनियर छात्रों के करीब 20 लोगों के ग्रुप ने बेरहमी से पीटा और उससे अल्लाह हू अकबर के नारे लगवाए। यह वीडियो हैदराबाद (Hyderabad) IFHE University के छात्र का बताया जा रहा है। छात्र पर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। इसी के साथ यह भी जानकारी सामने आ रही है कि IFHE विश्वविद्यालय असदुद्दीन ओवैसी के हैदराबाद संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक पीड़ित छात्र ने आरोप लगाया है कि उसे लोहे की रॉड से पीटा गया। यूनिवर्सिटी प्रबंधन को छात्र ने पत्र लिखकर इस मामले में एक्शन लेने की मांग की है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन को लिखे पत्र में छात्र ने बताया है कि उसे और उसके परिवार के लोगों के जान को खतरा है। यह मामला हैदराबाद के आईसीएफएआई फाउंडेशन फॉर हायर एजुकेशन (IFHE) प्राइवेट डीम्ड यूनिवर्सिटी का है। पीड़ित छात्र के नाम हिमांक बंसल है और वह यूनिवर्सिटी में IFHE में BBA-LLB का छात्र है।
पीड़ित हिमांक ने यूनिवर्सिटी को लिखे पत्र में आगे दावा किया है कि 20 लोगों के एक ग्रुप ने उसे लोहे की रॉड, चमड़े के बेल्ट और लोहे के हथियारों से उसे बेरहमी से पीटा है। घटना में वो गंभीर रूप से घायल हो गया है। पीड़ित छात्र हिमांक बंसल के पत्र की जानकरी के मुताबिक 1 नवंबर की दोपहर करीब 3.30 बजे उसके कमरे में 15-20 लोग घुस गए। उसके बाद उन्होंने वीडियो बनाते हुए उसके साथ मारपीट की और उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी।
पीड़ित छात्र ने आरोप लगाया है कि पूरी घटना उन्होंने रिकॉर्ड की और मुझसे पेंट उतारने के लिए कहने लगे। तो उसने मना कर दिया। इस पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी। अपने पत्र में हिमांक ने आगे लिखा है कि शुरुआत में उसे नहीं पता चला कि वो लोग उसे क्यों मार रहें हैष हालांकि कुछ समय के बाद पूछताछ के बाद उन लोगों ने बताया कि मैंने गलती से पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कुछ विवादित टिप्पणी कर दी है।
फिर थोड़े समय के बाद छात्र हिमांक को याद आया कि उसने बीए-एलएलबी फर्स्ट इयर की छात्रा दीपाशा शर्मा से बातचीत के दौरान गलती से कुछ ऐसा कह दिया था, जो की उसे नहीं कहना चाहिए था। ऐसा छात्र हिमांक को लगा। छात्र के दोस्त दीपाशा ने पब्लिक प्लेटफॉर्म पर बातचीत का स्क्रीनशॉट वायरल कर दिया। इसके बाद ही लोग ने छात्र को पीटने आ गए। छात्र ने शिकायती पत्र में दीपाशा शर्मा को दोषी ठहराया है। उसने अपने पत्र में कहा कि निजी बातचीत को दीपाशा को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए था।
इसकी वजह से मेरी जिंदगी खतरे में पड़ गई है। मुझे पीटने आए लोगों ने मेरी सहमति के बिना मेरी व्हाट्सएप चैट चेक की। मेरी गोपनीयता पर हमला किया। मैंने डर के कारण बाद में उन सभी चैट को हटा दिया कि कहीं दोबारा मुझ पर हमला न हो जाए। फिलहाल इस मामले पर अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। घटना एक नवम्बर की है, लेकिन इससे सम्बंधित कई वीडियो आज वायरल हो रहे हैं।
यहां देखें वीडियो