Google Search की छुट्टी कर देगा ChatGPT, इंसानों की तरह देगा जवाब, नहीं होगी गलती की गुंजाइश, छीन सकता है नौकरी भी
सोशल मीडिया पर इन दिनों ChatGPT सॉफ्टवेयर की चर्चा जोरों पर है। बताया जा रहा है कि यह सॉफ्टवेयर Google Search की छुट्टी कर देने का भी दम रखता है। क्योंकि यह लोगों के द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब एकदम सटीक देता है और इससे कोई भी गलती नहीं होती है। यह एकदम इंसानी सोच के साथ ही लोगों को जवाब देगा। इसे एक AI Tool बताया जा रहा है। इसी के साथ जानकारी सामने आ रही है कि ChatGPT भविष्य में स्मार्टफोन में भी देखने को मिल सकता है।
ये तो सभी जानते हैं कि शायद ही कोई दिन ऐसा हो कि जब आप बिना गूगल सर्च के रहते हों। किसी भी सवाल को लेकर जब आप अटकते हैं तो बस तुरंत ख्याल आता है कि Google सर्च कर लो। ये बातें तो अब आम हो गई हैं। किसी भी जानकारी के लिए लोग गूगल सर्च का ही सहारा लेते हैं, लेकिन कभी-कभी ये होता है कि गूगल से भी आपको पूरी संतुष्टि नहीं मिलती। क्योंकि जब आप अपना सवाल डालते हैं तो कई सारे जवाब आपके सामने होते हैं और फिर उसमें से एक-दो ही आपके मतलब के होते हैं।
अक्सर गूगल अनुवाद में दिक्कत देता है, कि आपने पूछा कुछ और ट्रांसलेशन कुछ और हो गया। गूगल सीधा-सीधा ट्रांसलेशन करके आपको दे देता है, और अगर आपने जरा भी ध्यान नहीं दिया तो अर्थ का अनर्थ भी हो जाता है, लेकिन बताया जा रहा है कि ChatGPT के साथ यह समस्या नहीं होगी। दावा किया जा रहा है कि यह सवालों के सटीक जवाब देने की क्षमता रखता है। इसके आगे बढ़ने की चर्चा इसलिए भी जोरों पर हो रही है क्योंकि अब गूगल सर्च को पुरानी तकनीक कहा जाने लगा है और मार्केट में ChatGPT नाम के सॉफ्टवेयर की चर्चा तेज हो गई है और लोग इसे गूगल से भी बेहतर बता रहे हैं और ये कह रहे हैं कि इस नए सॉफ्टवेयर की वजह से अब गूगल पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। ये सॉफ्टवेयर AI पर काम करता है और लोगों के सवालों का जवाब किसी इंसान की तरफ देता है।
जानें क्या है ChatGPT
जानकारों के मुताबिक ChatGPT का मतलब जेनरेटिव प्री ट्रेन सॉफ्टवेयर जो कि AI सोफ्टवेयर है और लोगों के सवालों के जवाब देता है। हालांकि लोगों के मन में ये सवाल भी उठ रहे हैं कि इसमें नया क्या है, लेकिन यहां बता दें कि ये सॉफ्टवेयर किसी इंसान की तरह सोच-समझकर आपके सवालों के जवाब देता है और आपको ऐसा लगेगा ही नहीं कि आपको एक मशीनी जवाब मिल रहा है। ये जवाब ठीक वैसा ही होगा जैसा कोई इंसान देता है। यही वजह है कि मार्केट में इस सॉफ्टवेयर की चर्चा तेज है और अभी से लोग गूगल के लिए चैट जेपीटी को खतरा बता रहे हैं। लगातार आ रही लोगों की प्रतिक्रया को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि ये गूगल को पीछे छोड़ देगा और सबसे आगे निकल जाएगा।
गलती की नहीं होगी गुंजाइश, देगा नपा-तुला जवाब
जानकार बता रहे हैं कि चैट जीपीटी यूजर्स के सवालों का नपा-तुला जवाब देगा। इससे साफ होगा कि कोई मशीन जवाब नहीं दे रही है बल्कि कोई इंसान जवाब दे रहा है और ये उसी सवाल का जवाब देगा, जिसे आपने पूछा है, न कि गूगल सर्च की तरह, जो कि आपके एक सवाल के कई जवाब परोस देता है, जिसमें से आपको चुनना होता है कि आखिर आपके सवाल का जवाब क्या है।
जानें किन कामों में होगा सबसे आगे
जानकारों की मानें तो ये सॉफ्टवेयर कुछ नौकरियों के लिए खतरा साबित हो सकता है। दरअसल ये सॉफ्टवेयर इंसान की भाषा समझता है और इंसान की तरह जवाब देता है। ऐसे में कॉल सेंटर की नौकरी करने वाले लोगों और कंटेंट राइटिंग करने वाले लोगों की नौकरियों पर खतरा मंडरा सकता है। फिलहाल समय के साथ देखना होगा कि ये किन-किन नौकरियों के लिए खतरा खड़ा कर सकता है।
जानें किसने की है इसकी स्थापना
मीडिया सूत्रों के मुताबिक चैटजीपीटी OpenAI द्वारा निर्मित, एक सैन फ्रांसिस्को-मुख्यालय वाली AI अनुसंधान प्रयोगशाला, जिसकी स्थापना एलोन मस्क द्वारा की गई थी, में इसकी स्थापना की गई है। ChatGPT प्राकृतिक मानव भाषा को समझने और एक संकेत देने की क्षमता रखता है। यह निबंधों और कविताओं से लेकर ईमेल और कंप्यूटर कोड तक सब कुछ सोच सकता है।
जानें कैसे एक्सेस होगा चैटजीपीटी
चैटजीपीटी तक पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको ओपनएआई वेबसाइट पर एक खाता बनाना होगा। यह आपसे एक ईमेल और फोन नंबर मांगेगा, साथ ही मुख्य कारण कि आप OpenAI का उपयोग क्यों करना चाहते हैं, चाहे वह अनुसंधान, ऐप विकास या व्यक्तिगत उपयोग के लिए हो। एक बार साइन अप करने के बाद, शुरू करने के लिए चैटजीपीटी पर वापस जाना होगा। इस तरह से इसके एक्सेस तक आप पहुंच सकते हैं। (फोटो-सोशल मीडिया)