Holi: होली की रात दूध और चावल की खीर बनाकर चंद्रमा को लगाएं भोग, बनी रहेगी लक्ष्मीजी की कृपा, पढ़ें ये मंत्र
होली विशेष। हिंदू धर्म में प्रत्येक वर्ष फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को होली का पर्व मनाया जाता है. ज्योतिश की दृष्टि से इस दिन को लेकर तमाम फायदे हैं. अगर पूरी श्रद्धा व मन से इन उपायों को कर लें तो साल भर के लिए आर्थिक तंगी तो कटेगी ही, साथ ही दुख और शोक का भी नाश होगा.
आचार्य विनोद कुमार मिश्र बताते हैं कि, होली का दिन चंद्रमा का प्रागट्य दिन है। जो लोग सदा किसी न किसी दुःख से पीड़ित रहते हो , तो दुःख और शोक दूर करने के लिए विष्णु-धर्मोत्तर ग्रंथ में बताया है कि होली के दिन भगवान के भूधर स्वरुप अर्थात पृथ्वी को धारण करने वाले भगवान का ध्यान और जप करना चाहिये। मंत्र बोलना चाहिये होली के दिन इनका विशेष माहात्म्य और फायदे है –
ॐ भूधराय नम: ॐ भूधराय नम: ॐ भूधराय नम:
और होली को रात को चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिये। जिनके घर मे पैसों की तंगी रहती है,आर्थिक कष्ट सहना पड़ता है। तो होली को रात दूध और चावल की खीर बनाकर चंद्रमा को भोग लगाये। पानी, दूध, शक्कर, चावल मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दे,दीपक जलाकर दिखायें और थोड़ी देर चंद्रमा की किरणों के सामने बैठकर गुरुमंत्र का जप करें।और प्रार्थना करें हमारे घर का जो आर्थिक संकट है वो टल जायें, कर्जा है तो उतर जाये।होली की रात फिर बैठकर जप करें बहुत फायदा होगा।चंद्रमा उदय होने पर चंद्रमा में भगवान विष्णु, लक्ष्मी और सूर्य की भावना करके अर्घ्य देना चाहिये।
श्रीर्निषा चन्द्र रुपस्त्वं वासुदेव जगत्पते।
मनोविलसितं देव पूर्यस्व नमो नमः।
ॐ सोमाय नम:।
ॐ नारायणाय नम:।
ॐ श्रीं नम:।
लक्ष्मीजी का मंत्र – ॐ श्रीं नम: होली की रात घर मे आर्थिक परेशानी को दूर भगाने वाला ये सरल प्रयोग है।
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।