Odisha Train Accident: बालासोर भीषण ट्रेन हादसे का निकला ये कारण, आक्रोशित रेल मंत्री ने कहा, जिम्मेदार लोगों की पहचान कर ली गई है, कड़ी कार्रवाही होगी

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Odisha Train Accident: बालासोर में हुए भीषण ट्रेन हादसे ने ट्रेन में सुरक्षित सफर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. तो वहीं लगातार दूसरे दिन रविवार को भी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ओडिशा के बालासोर ट्रेन दुर्घटनास्थल पर चल रहे मरम्मत कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे. इस मौके पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए. इस दौरान उन्होंने ट्रेन हादसे के कारणों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि, रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने मामले की जांच की है. हादसे के कारण का पता लग गया है, इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान भी कर ली गई है. उन्होंने कहा कि, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव के कारण यह हादसा हुआ है। (फोटो सोशल मीडिया)

इसी के साथ रेल मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए निर्देशों पर तेजी से काम चल रहा है. कल रात एक ट्रैक का काम लगभग पूरा हो गया. आज एक ट्रैक की पूरी मरम्मत करने की कोशिश रहेगी. सभी डिब्बों को हटा दिया गया है. शवों को निकाल लिया गया है. कार्य तेजी से चल रहा है. कोशिश है कि बुधवार की सुबह तक सामान्य रूट चालू हो जाए. बता दें कि ओडिशा के बालासोर के बहनागा बाजार में शुक्रवार को हुए रेल हादसे में मौत की नींद सोए लोगों की संख्या बढ़कर 288 तक पहुंच गई है. इस घटना में 1175 घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, इनमें से 793 को छुट्टी दे दी गई और 382 का उपचार चल रहा है. दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

लूप लाइन पर चली गई थी कोरोमंडल एक्सप्रेस

जानकारी सामने आ रही है कि हादसे की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कोरोमंडल एक्सप्रेस बहनगा बाजार स्टेशन से पहले मुख्य के बजाय लूप लाइन पर चली गई थी, जहां उसकी टक्कर पहले से खड़ी मालगाड़ी से हुई। मीडिया सूत्रों की मानें तो प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, कोरोमंडल एक्सप्रेस के लिए अप मेनलाइन का सिग्नल दिया गया और बाद में हटा लिया गया। इससे ट्रेन लूप लाइन में घुस गई। मालगाड़ी से टकराने के बाद उसके कुछ कोच पटरी से उतर गए। इस बीच बंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस डाउन मेन लाइन से गुजरी और उसके दो कोच पटरी से उतरे कोरोमंडल एक्सप्रेस के कोच से टकराने के बाद पलट गए. बताया जा रहा है कि इस दौरान कोरोमंडल एक्सप्रेस 128 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी, वहीं बंगलूरू-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस 116 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी.

2,500 से अधिक यात्री थे सवार

जानकारी सामने आ रही है कि दोनों ट्रेनों में 2,500 से अधिक यात्री सवार थे। हादसे के बाद भटके 1,500 यात्रियों को विशेष ट्रेनों से उनकी मंजिल तक पहुंचाया जा रहा है। शनिवार को 1,000 यात्रियों को हावड़ा पहुंचाया गया। एक अन्य ट्रेन से 200 यात्री बालासोर से हावड़ा लाए जा रहे हैं। भद्रक से चेन्नई के लिए विशेष ट्रेन में 250 यात्री रवाना हुए। इनमें 133 यात्री चेन्नई, 41 विशाखापट्टनम व बाकी अन्य शहरों में उतरेंगे। वहीं अधिकारियों ने बताया कि 1,200 कर्मियों के अलावा 200 एंबुलेंस, 50 बस और 45 मोबाइल स्वास्थ्य यूनिट दुर्घटनास्थल पर काम कर रही थीं। वायुसेना ने गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बाहर निकालने के लिए डॉक्टरों की टीम के साथ दो एम-आई हेलिकॉप्टर तैनात किए थे।