Kanpur: “इंद्रियों के बस में न रहिए, उन्हें अपने नियंत्रण में रखें”, श्रीमद् भागवत कथा में भक्तों को कथावाचक ने दी सलाह, कहा आनन्द होते हैं दो प्रकार के

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Kanpur: श्रीमद् भागवत कथा को प्रवाहित करते हुए आचार्य योगेश महाराज ने कहा कि, कलयुग में हरि नाम का जितना अधिक स्मरण करेंगे वही सार्थक है. जय सियाराम जय सियाराम जय सियाराम जय सियाराम उन्होंने सुखदेव जी द्वारा राजा परीक्षित को मृत्यु से भय मुक्त होने का उपाय बताया. सुखदेव जी ने कहा माधव जी के चरणों में जिस दिन व्यक्ति अपने को समर्पित कर देता है उसी दिन मृत्यु से भाई हो जाता है.

सुखदेव जी के उपदेश से परीक्षित जी के हृदय में व्यक्त संशय समाप्त होने लगा सुखदेव जी ने परीक्षित से तीन काम करने को कहा एक भगवान की कथा को सुनिए, आत्मसात करिए. जैसे-जैसे कथा हृदय में व्यस्त होती जाएगी वैसे वैसे चलायमान मनका भटगांव समाप्त होने लगेगा. मन कथा में रम जाएगा जीवन बदल जाएगा. दो कथा सुनने के बाद समाज में बच्चों के बीच उसका वादन कीजिए. भगवान राम की चर्चा करिए उनकी कीर्ति का ज्ञान करिए. भगवान के नाम का ही स्मरण जब करते रहिए. सुखदेव महाराज ने श्रोता परीक्षित से कहा कि भगवान के चरण कमलो में पहुंचने के नियम का पालन करें. आसन सांस पर नियंत्रण रखें. सांस लेने का मन से अटूट संबंध है मन को जीतीए. इंद्रियों के बस में ना रहिए. उन्हें अपने नियंत्रण में रखें ऐसा करने से मन परमेश्वर के चरणो में लग जाएगा.

आचार्य योगेश ने बताया की आनंद दो प्रकार का होता है. 1 विषयों का आनंद दूसरा परमानंद इंद्रियों के वशीभूत होकर विषयों का आनंद तो बिना प्रयास के ही व्यक्ति को मिलाने लगता है, परंतु परमानंद प्राप्त करने के लिए विशेष प्रकार करने होते हैं. उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित को तो यह पता हो गया था. उनका जीवन मात्र 7 दिन का शेष है तथा उन्होंने सुखदेव जी से श्रीमद् भागवत कथा प्राप्त कर जीवन को सार्थक कर लिया. हम लोगो को तो अगले पल के बारे में जानकारी नहीं है इतना क्षणभंगुर जीवन है फिर भी धन संप्रदाय परिवार आदि के बारे में बहुमूल्य जीवन को गवा देता है लेकिन स्वयं के कल्याण तथा अपने जीवन को सुधारने की और ध्यान नहीं देता है.

श्री सुखदेव जी ने गदगद हुए राजा परीक्षित से यह कहा कि राजन भगवान प्रदत वस्तुओं का मोल समझे सभी को संत स्वभाव से हवा प्रकाश जल आदि प्राकृतिक प्रदत वस्तुओं उपलब्ध होती है इसका सदुपयोग करें आचार्य ने कहा कथा वक्ता तथा सोता दोनों के महत्व को रेखांकित किया कथा में मनोज सेंगर, अलका दीक्षित, दिव्या तिवारी, कामना तिवारी, आयुष पंचोली, मनोरमा अश्वनी त्रिपाठी, अनिल दीक्षित आदि उपस्थित रहे.. कथा का आयोजन महाराज प्रयाग नारायण मंदिर शिवाला कानपुर में किया जा रहा है. कथा 7 जुलाई से आरम्भ है, जो कि 13 जुलाई तक चलेगी. कथा का शाम 4 से 6 बजे तक आयोजन होता है.