डेंगू एवं मच्छर जनित रोगों से बचने के लिए जानें “क्या करें, क्या न करें”
Health Tips: बारिश का मौसम आते ही डेंगू सहित मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है और ये खतरा मानसून के अलविदा होने के बाद भी बना रहता है. यही वजह है कि अक्टूबर का महीना शुरू होने पर जहां मौसम विभाग ने मॉनसून के जाने की घोषणा कर दी है तो वहीं अब भी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लगातार चिकित्सा विभाग की ओर से एहतियातन अभियान चलाकर लोगों को मच्छर जनित बीमारियों से बचने का उपाय बताया जा रहा है.
इसी क्रम में 30 सितम्बर को भी जनपद में डेंगू के 08 (चन्दरनगर-3, सिल्वर जुबली-2, इन्दिरानगर-1, अलीगंज-2) एवं मलेरिया के 00 धनात्मक रोगी पाये गये। माह जनवरी 2024 से अब तक जनपद में डेंगू के कुल 477 एवं मलेरिया के 408 धनात्मक रोगी पाये गये. तो वहीं कल लगभग 1607 घरों एवं आस-पास मच्छरजनित स्थितियों का सर्वेक्षण किया गया और कुल “15” घरों में मच्छरजनित स्थितियां पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया।
नगर मलेरिया इकाई एवं जिला मलेरिया अधिकारी की टीमों द्वारा जनपद के विभिन्न स्थलो/भवनों का निरीक्षण किया गया तथा लार्वा रोधी रसायन का छिडकाव किया गया। क्षेत्रीय जनता को घर के आस-पास पानी जमा न होने, पानी से भरे हुए बर्तन एवं टंकियों को ढंक कर रखें, हर सप्ताह कूलर के पानी को खाली करके साफ कपड़े से पोछ कर सूखा एवं साफ करने के बाद ही पुनः प्रयोग में लाने, पूरी बांह के कपड़े पहनने, बच्चों को घर से बाहर न निकलने, मच्छर रोधी क्रीम लगाने एवं मच्छरदानी में रहने तथा डेंगू एवं मच्छर जनित रोगों से बचाव हेतु “क्या करें, क्या न करें” सम्बंधित स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की गयी।
इस तरह रोकें मच्छरों की ब्रीडिंग
वाटर टैंक व कंटेनरों को ढक कर रखे, घर के अंदर व आसपास पानी को जमा न होने दे।
अनावश्यक कन्टेनर, कबाड़, टायर व नारियल के खोल में पानी जमा न होने दे। तत्काल उसका निस्तारण सुनिश्चित करे।
प्रत्येक सप्ताह कूलर का पानी बदले, कूलर आदि में ज्यादा दिनों तक पानी जमा न होने दे।
बर्ड बाथ, फूलदान आदि में प्रत्येक सप्ताह पानी बदले।
क्या न करें
घर मे या घर के आस पास कूलर, बाल्टी, बैरल, फूलदान, बर्ड बाथ, फ्रीज, टायर व नारियल के खोल में पानी जमा न होने दे।
टूटे बर्तन, अनुपयोगी बोतल, टिन, पुराने टायर, और कबाड़ को घर मे न जमा होने दे और न ही घर के पास उन्हें फेके। उक्त चीजों का उचित निस्तारण सुनिश्चित कराए ताकि उसमे मच्छरों की ब्रीडिंग न हो पाए।
बुखार होने पर स्वंय से दवा न करे, चिकित्सक के परामर्श के उपरान्त ही दवा का उपयोग करें।
मौसमी बीमारियों से जुड़ी जानकारी, सहयोग एवं सहायता हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय लखनऊ कन्ट्रोल रूम नम्बर 0522-2622080 संपर्क कर सकते हैं।
बचाव के उपाय
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करे।
दिन के समय मच्छरों के काटने से बचने के लिए फुल सिलिव्स के कपड़े पहने बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह पर दवा का उपयोग करे।
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