हेड मास्टर ने स्कूल में ही लगा ली फांसी, 18 पन्ने के सुसाइड नोट में BSA पर लगाया परेशान करने का आरोप; DM ने कही ये बात-Video
Amroha News: उत्तर प्रदेश के जनपद अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर संजीव का शव फांसी के फंदे से झूलता हुआ मिला है. बताया जा रहा है कि उन्होंने आत्महत्या कर ली है और इसके लिए जिला बेसिक शिक्षाधिकारी (BSA) पर परेशान करने का आरोप लगाया गया है. तो दूसरी ओर प्रधानाचार्य की आत्महत्या की खबर की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन के सीनियर अफसर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तो वहीं इस सम्बंध में जिलाधिकारी ने कहा है कि पूरे मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
बता दें कि संजीव गजरौला इलाके के सुल्तानठेर गांव में आदर्श जूनियर हाई स्कूल में प्रधानाचार्य थे. वह मूल रूप से बछरायूं इलाके के जमनाबाद गांव के रहने वाले थे. बताया जा रहा है कि प्रधानाचार्य का स्कूल के ही किसी साथी टीचर से विवाद चल रहा था. बताया जा रहा है कि प्रिंसिपल सुबह जल्दी स्कूल आ गए थे और फिर स्कूल ऑफिस में ही फांसी लगा ली. इसके बाद बाकी टीचर और छात्र स्कूल आए तब मौत का पता चला. फिलहाल घटना के बाद सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो वहीं पुलिस ने घटना स्थल पर फोरेंसिक टीम बुलाकर कमरे की जांच की है और कमरे को सील कर दिया है.
👉अमरोहा शिक्षक आत्महत्या मामले में @dmamroha का बयान,, pic.twitter.com/UZnQ3Jwx62
— बेसिक शिक्षा: सूचना और सामग्री (@Info_4Education) October 1, 2024
मृतक प्रिंसिपल संजीव ने 18 पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा है और स्कूल के दो शिक्षकों के साथ ही बीएसए को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है. इसी के साथ ही अपना दर्द जाहिर किया है.
मृतक के बेटे ने लगाया ये आरोप
मृतक के बेटे अनुज सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा है कि स्कूल टीचर पिता को प्रताड़ित करते थे. हर रोज लड़ाई करते थे. आज घर से वह 7 बजे निकले थे. दूसरे टीचरों ने शव को लटकता देखा, इसके बाद उन लोगों ने सूचना दी. अनुज ने बताया कि उसके पिता ने उसे व्हाट्सएप पर मैसेज भी भेजा था लेकिन उसके देखने से पहले ही उन्होंने डिलीट कर दिया था. अनुज ने ये भी बताया कि वह कल रात से ही परेशान दिखाई दे रहे थे. इसके बारे में उनसे बहुत पूछा लेकिन उन्होंने कुछ बताया नहीं था.
जानें क्या लिखा है सुसाइड नोट में
मृतक संजीव कुमार ने सुसाइड नोट में आरोप लगाते हुए लिखा है कि ‘मैं राघवेंद्र सिंह, सरिता सिंह और बीएसए मैडम से दुखी होकर आत्महत्या कर रहा हूं. राघवेंद्र और सरिता गाली गलौज करते हैं. उनकी यातनाओं से तो मरना अच्छा है. मैं उनकी दबंगई 2 अप्रैल 2019 से झेल रहा हूं. मैं इनकी जांच सीबीआई से करवाना चाहता हूं.” इसी के साथ ही ये भी लिखा है कि “मेरी सभी अधिकारियों से हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि जांच करने वाला मुरादाबाद मंडल का ना हो, क्योंकि उनकी दबंगई पूरे मंडल में चलती है.” इसी के साथ ये भी लिखा है कि प्रताड़ना की सारी कहानी सुसाइड रजिस्टर में बयां कर दी है. यह कहानी पूरे 18 पेज की लिखी हुई है. जब तक डीएम साहिबा और बीएसए मैडम न आएं तब तक मेरी बॉडी को छूना नहीं. मेरे पास स्कूल का कोई सामान नहीं है. दोनों टैबलेट नई वाली सेफ में रखे हैं. गरिमा शर्मा को स्कूल का इंचार्ज बनाना है. वही सबसे सीनियर टीचर हैं.