दीवाली के मौके पर यहां बिक रहे हैं “मोदी लड्डू”…खासियत जान उड़ जाएंगे होश; कीमत इतनी कि आप सोच भी नहीं सकते
Modi Laddu: धनतेरस-दीवाली की रौनक हर ओर बिखरी दिखाई दे रही है. सोने-चांदी से लेकर खिल-गट्टे व मिठाई तक की दुकानें सजी दिखाई दे रही है. मार्केट में इतनी भीड़ है कि तिल रखने तक को जगह नहीं. इसी दौरान बिहार के भागलपुर के एक मिठाई विक्रेता के लड्डू चर्चा का विषय बने हैं क्योंकि उन्होंने अपने इस लड्डू का नाम‘मोदी लड्डू’ रखा है. मिठाई विक्रेता संजीव उर्फ लालू शर्मा पीएम मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक है. यही वजह है कि इस दीवाली उन्होंने कुछ अलग किया है और अपने लड्डू का नाम ही मोदी लड्डू रख दिया है.
इस लड्डू की विशेषता की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. संजीव ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा है कि जिस साल मोदी जी प्रधानमंत्री बने, हमने उनके सम्मान में “मोदी लड्डू” नाम से एक शाही लड्डू बनाने की शुरुआत की थी और तभी से ये शाही लड्डू विशेष मौकों पर बनाते आ रहे हैं और तभी से मोदी लड्डू को काफी लोकप्रियता मिली है. वह कहते हैं कि इस कीमती लड्डू को भागलपुर से बाहर भी भेजा जाता है.
बिहार के सीएम भी चख चुके हैं इसका स्वाद
वह कहते हैं कि मैंने इसे पटना में नीतीश कुमार जी को भी भेजा है। देवघर में सांसद निशीकांत दुबे को भेजा है। इसके अलावा बनारस, कलकत्ता, दिल्ली, मुंबई, जयपुर, बेंगलुरु भी जाता है. संजीव कहते हैं कि वह प्रेम की भावना फैलाने के लिए ऐसा काम करते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस लड्डू को बेचने के लिए नहीं, बल्कि समाज में सौहार्द बढ़ाने के लिए बनाते हैं।
इस तरह बनता है लड्डू
संजीव बताते हैं कि इस लड्डू को शुद्ध केसर, देसी घी, पिस्ता और बादाम के साथ गुलाब जल और जूस का इस्तेमाल करके बनाया जाता है. इसमें बादाम केसर पिस्ता की प्रचुर मात्रा है। यह लड्डू 250 ग्राम का है। इसे फैंसी डिब्बे में पैक किया गया है। गुलाब जल और गुलाब पंखुड़ियों के इत्र और गंगाजल से इसे तैयार किया जाता है।
व्यवसायिक नहीं होती हमारी मिठाइयां
संजीव कहते हैं कि हमारी मिठाइयों का उद्देश्य सिर्फ व्यावसायिक नहीं है, बल्कि हम गंगा, यमुना और सरस्वती की पहचान को भी दिखाना चाहते हैं। वह कहते हैं कि इन मिठाइयों की खासियत ये है कि इसमें प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया गया है. ताकि लोग इसकी शुद्धता का अनुभव कर सकें।
बढ़ती जा रही है लड्डू की लोकप्रियता
लड्डू विक्रेता कहते हैं कि लड्डू लगातार फेमस होता जा रहा है. आज तक मोदी जी के तीन बार प्रधानमंत्री बनने के बाद भी इसकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। लोग पूरे हिंदुस्तान में हमें “मोदी लड्डू” के नाम से जानते हैं, और दिवाली पर इसकी मांग इतनी बढ़ गई है कि हम सभी को नहीं पहुंचा पा रहे। मेरा प्रयास है कि इस लड्डू को देश के हर कोने और विदेश में भी पहुंचाया जाए।
गंगाजल का इसलिए किया जाता है उपयोग
संजीव कहते हैं कि हम गंगा किनारे रहते हैं, और मोदी जी भी बनारस से सांसद हैं, इसलिए गंगाजल का उपयोग हमारे लड्डू में एक भावनात्मक जुड़ाव पैदा करता है। वह कहते हैं कि इसी भावना से प्रेरित होकर एक बर्फी भी हमने बनाई है, जिसमें प्योर पिस्ता, बादाम, और काजू का उपयोग किया गया है। यह तिरंगे के अनुसार है, जो देश प्रेम की भावना को दर्शाता है।
नमकीन भी बनाते हैं इस तरह
संजीव कहते हैं कि वह नमकीन में भी प्राकृतिक सामग्री का प्रयोग करते हैं, जैसे आलू, बादाम और नीम के पत्ते। वह कहते हैं कि हमारा लक्ष्य है कि हमारी मिठाइयां प्रसाद के रूप में बनें, जो शुद्ध हों और जिन्हें भगवान और भक्त दोनों ही प्रसन्नता से खा सकें।
जानें क्या है इसकी कीमत?
लड्डू विक्रेता कहते हैं कि 51000 हजार रुपये का लड्डू बेचने के लिए बनाए जाते हैं. एक लड्डू की कीमत 225 रुपया है। इसके अलावा बांटने के लिए हम अलग से 51000 रुपये के लड्डू बनाते हैं। ये 51000 हजार रुपये का लड्डू हम मोदी प्रेमियों को या अपने प्रेमियों को गिफ्ट करते हैं। तो वहीं अगर कोई इसे खरीद कर खाना चाहता है तो वह खा सकता है. वैसे तो हम इस लड्डू को गिफ्ट करने के लिए ही बनाते हैं.