AKTU News: एकेटीयू के दो शिक्षकों को मिली बड़ी उपलब्धि… स्टैनफोर्ड/एल्सेवियर की वैज्ञानिक सूची में बनाई जगह

September 20, 2025 by No Comments

Share News

AKTU News: स्टैनफोर्ड/एल्सेवियर (Stanford/Elsevier) ने 2025 में दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची जारी की है. मालूम हो कि संस्था उच्च स्तरीय शोध, साइटेशन के आधार पर यह सूची जारी करती है।

उत्तर प्रदेश के लिए ये गर्व की बात है कि इस सूची में लखनऊ स्थित डॉ0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के घटक संस्थान सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में मेकाट्रॉनिक्स के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुज कुमार शर्मा एवं इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रो. अरूण तिवारी ने जगह बनायी है। इस उपलब्धि के लिए कुलपति प्रो0 जेपी पाण्डेय ने दोनों शिक्षकों को बधाई दी और इसे विश्वविद्यालय के लिए खास पल बताया.

बता दें कि स्टैनफोर्ड/एल्सेवियर एक वार्षिक सूची है. मिली जानकारी के मुताबिक, एल्सेवियर के जरिए स्कोपस डेटाबेस के आधार पर स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा ये सूची तैयार की जाती है. इस सूची में दुनिया भर के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों को उनके उद्धरण संख्या, शोध के प्रभाव और अन्य शैक्षणिक मापदंडों के आधार पर उनकी पहचान करती है। इस सूची को दुनिया भर में सबसे प्रभावशाली माना जाता है. ये संस्था लगातार उत्कृष्ट शोधकर्ताओं को मान्यता देती है और वैज्ञानिकों को उनके क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दुनिया के सामने उनको लाने का काम करती है.

जानें क्या है स्टैनफोर्ड/एल्सेवियर ?

यह संस्था एक प्रतिष्ठित वार्षिक रैंकिंग है जो कि दुनिया भर के शीर्ष 2 प्रतिशत सबसे उद्धृत वैज्ञानिकों की पहचान करती है और उनको दुनिया के सामने लाने का काम करती है. इस सूची को तैयार करने के लिए शोधकर्ताओं को विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों और उप-क्षेत्रों में वर्गीकृत किया जाता है। इससे पहले एल्सेवियर की ICSR लैब के जरिए स्कोपस डेटाबेस के डेटा का उपयोग किया जाता है।

जानें क्या होता है इसका उद्देश्य?

स्टैनफोर्ड/एल्सेवियर संस्था दुनिया भर में वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को मान्यता देती है। यह अपनी सूची में विभिन्न वैज्ञानिक विषयों के वैज्ञानिकों को शामिल करती है और उनके शोध के निरंतर और वर्तमान प्रभाव को रेखांकित करती है। इसके द्वारा जारी इस सूची का उद्देश्य अकादमिक प्रभाव को मापने के साथ ही दुनिया के सबसे प्रभावशाली शोधकर्ताओं को पहचानना भी होता है. साथ ही वैज्ञानिकों के करियर के दौरान उनके शोध के प्रभाव को प्रदर्शित करना भी इस सूची का उद्देश्य होता है.

ये भी पढ़ें-“गंवार हो तभी बार्डर पे भेज दिए गए हो…” HDFC Bank की महिला कर्मचारी ने फौजी से किया अभद्र व्यवहार; ऑडियो सुन आप भी भर जाएंगे क्रोध से