Ayodhya Ramleela: अयोध्या में नहीं होगा रावण दहन…जिला प्रशासन और रामलीला समिति में ठनी
Ayodhya Ramleela: दशहरा इस बार 2 अक्तूबर को मनाया जा रहा है और देश भर के तमाम शहरों में रावण दहन की तैयारी पूरी हो चुकी है. 2अक्टूबर की शाम को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रावण का पुतला धूं-धूं कर जलेगा तो वहीं राम नगरी यानी उत्तर प्रदेश के अयोध्या से बड़ी खबर सामने आ रही है.
खबर है कि इस बार यहां फिल्मी सितारों की रामलीला में रावण दहन नहीं हो पाएगा है. जिला प्रशासन ने इसकी वजह सुरक्षा कारण और गैर पारंपरिक आयोजन होने की वजह बताई है. यही वजह है कि जिला प्रशासन ने रावण दहन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. इसके बाद से ही रामलीला के आयोजकों और जिला प्रशासन में ठन गई है तो वहीं स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर चर्चा जोरों पर हो रही है.
बता दें कि फिल्मी सितारों की रामलीला की शुरुआत 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कोशिश से हुई थी और तब से यह अयोध्या में एक विशेष आकर्षण बन चुकी है.
क्यों नहीं होगा रावण दहन?
एडीएम सिटी योगानंद पांडे ने इसको लेक स्पष्ट किया कि रावण दहन इस बार गैर पारंपरिक रूप में होना था, इसलिए इसे अनुमति नहीं दी गई है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने ये भी कहा कि अयोध्या की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है.
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष ने लगाए ये आरोप
रामलीला के अध्यक्ष सुभाष मलिक बॉबी ने मीडिया से बात करते हुए जिला प्रशासन के इस फैसले पर आरोप लगाते हुए कहा कि 28 सितंबर की रात रामलीला समिति से पुलिस अधिकारियों की ओर से बदसलूकी की गई. इस मामले को उठाते हुए गुहार लगाई कि फिल्मी रामलीला और रावण दहन को अनुमति दी जाए, फिर भी जिला प्रशासन इसका अनुमति नहीं दे रहा है. ये फिल्मी रामलीला 2020 में शुरू हुई थी.
22 सितंबर से जारी है रामलीला का आयोजन
बता दें कि 22 सितंबर से राम कथा पार्क में फिल्मी सितारों की रामलीला का आयोजन जारी है. इसमें रवि किशन, मनोज तिवारी, अवतार गिल, राकेश बेदी, बिंदु, दारा सिंह और मिस यूनिवर्स इंडिया मणिका विश्वकर्मा जैसे कलाकार हिस्सा ले रहे है. खबर सामने आ रही है कि रामलीला तो जारी रहेगी लेकिन दशहरे वाले दिन यानी 2 अक्तूबर को रावण दहन नहीं होगा. बता दें कि यहां पर इस बार रावण का पुतला 240 फीट ऊंचा बनाया जा रहा था, जिसे जलते हुए देखने के लिए श्रद्धालुओं में उत्सुकता थी और भारी भीड़ आने की उम्मीद थी लेकिन प्रशासन की ओर से अनुमति न मिलने के कारण इस योजना को रद्द कर दिया गया है. मालूम हो कि इस रामलीला के आयोजन का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल बनाना है.