अब यहां हुई दो बच्चों की मौत…मचा हड़कंप; कहीं यहां भी कफ सिरप ही वजह तो नहीं?
Cough Syrup Death Case: जहरीले कफ सिरप का तांडव अभी जारी दिखाई दे रहा है. दरअसल मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहां जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 16 तक पहुंच गया है तो वहीं अब बैतूल जिले के आमला ब्लॉक में दो मासूम बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है। फिलहाल प्रारंभिक जांच में इन बच्चों की मौत का कारण भी किडनी फेल होना ही बताया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों बच्चों का इलाज छिंदवाड़ा जिले के परासिया में ही डॉ. प्रवीण सोनी के पास हुआ था। बता दें कि परासिया में बच्चों की मौत के मामले में डॉ. सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
इन बच्चों की हुई मौत
बैतूल जिले में पहला केस 2 साल के निहाल का सामने आया है. वह जामुन बिछुआ निवासी निखिलेश धुर्वे का बेटा था. परिजनों ने बताया कि तबीयत बिगड़ने पर बच्चे को बैतूल और फिर एम्स भोपाल रेफर किया गया.जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। तो वहीं दूसरा मामला कबीर (3 साल 11 महीने) का सामने आया है. यह बच्चा कैलाश यादव का बेटा था जो कि राम नगर ढाना कलमेश्वरा के रहने वाले हैं। उसने भी इसी डॉक्टर से इलाज कराया था और 8 सितंबर को उसकी मौत हो गई।
दोनों बच्चों का एक ही डॉक्टर ने किया इलाज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों बच्चों के इलाज भले ही अलग-अलग समय पर हुआ लेकिन डॉक्टर एक ही निकला। इस मामले में परिजनों ने संदेह है कि कहीं कफ सिरप के सेवन से ही तो बच्चों की हालत नहीं बिगड़ी थी। हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है कि दवा प्रतिबंधित थी या नहीं। दोनों मामलों में पोस्टमॉर्टम नहीं होने के कारण वास्तविक कारण की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
प्रवीण सोनी से ही कराया था इलाज
दोनों बच्चों की मौत के मामले में सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने बताया कि आमला विकासखंड के जामुन बिछुआ और कमलेश्वरा गांव में दो बच्चों की मौत हुई है. इन दोनों का इलाज परासिया के डॉ. प्रवीण सोनी ने ही किया था. मामले की जांच शुरू कर दी गई है. परिजनों से चर्चा के बाद इलाज से जुड़े सभी कागजात एकत्रित किए जाएंगे। फिलहाल अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि दोनों बच्चों को कफ सिरप दिया गया था या नहीं। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त जांच टीम गठित कर दी है। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं, इलाज के तरीके और सिरप की जांच की जा रही है।
किडनी फ्लेयोर की थी समस्या
इस सम्बंध में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप साहू का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने बताया कि निहाल को गंभीर किडनी फेल्योर की समस्या थी. इसलिए उसे भोपाल रेफर किया गया था। तो वहीं मृतक निहाल के पिता निखिलेश धुर्वे ने कहा कि परासिया के डॉक्टर ने जो दवा दी थी. उसे खिलाने के बाद ही बच्चे का तेजी से स्वास्थ्य बिगड़ा और फिर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. वह रोते हुए बोले कि उनको न्याय चाहिए और प्रशासन पूरी सच्चाई सामने लाए।
VIDEO | Madhya Pradesh: Betul CMHO Dr Manoj Kumar Hurmaade says, “We have received the information from Amla tehsil BMO officer that two children of Jamun Bichhawa and Kalmeshwara villages have died after receiving treatment from a private hospital. However, it’s not confirmed… pic.twitter.com/5BDRH6cMcV
— Press Trust of India (@PTI_News) October 5, 2025