SIT का मतलब शेयर इन थेफ्ट मतलब चोरी में हिस्सेदारी…अखिलेश यादव ने राम मंदिर दान गबन में हुई जांच पर साधा निशाना
Ayodhya Donation Theft Case: अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी मामले में जहां एक ओर एसआईटी ने प्रशासन को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है तो इसको लेकर यूपी में सियासत तेज हो गई है. हर कोई एसआईटी पर सवाल खड़े कर रहा है. इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री व सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं.
ये तो सीधा हितों का टकराव है?
आखिर SIT संजय प्रसाद को अपनी रिपोर्ट कैसे सौंप सकती है?
वे तो खुद राम मंदिर ट्रस्ट के मेंबर हैं।
उनकी सुदर्शन तस्वीर ट्रस्ट की वेबसाइट पर चस्पा है।
इस लिहाज से वे खुद अपनी भूमिका को लेकर जांच के घेरे में हैं,
कि चढ़ावा चोरी का इतना बड़ा महापाप… pic.twitter.com/PBnwRwqzkT
— abhishek upadhyay (@upadhyayabhii) June 23, 2026
अखिलेश यादव बुधवार को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए अयोध्या में हुए दान चोरी मामले में खुल कर बोले और कई सवाल खड़े किए. राम मंदिर में हुई चोरी को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में चढ़ावा चोरी का महापाप हुआ है. इसके आगे उन्होंने कहा कि विशेष जांच समिति का मतलब एसआईटी यानी शेयर इन थेफ्ट मतलब चोरी में हिस्सेदारी है. वह आगे बोले कि राम मंदिर दान चोरी मामले में अभी तक एफआईआर न होना भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है.
FIR के बिना SIT ‘बिना तीर की कमान’ है।
अब दान में दिये गये ‘कागभुसुंडि’ के गायब हो जाने की निंदनीय ख़बर आई है। जिस तरह हर दिन ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी का नया भंडाफोड़ हो रहा है और सनातनी आस्थावानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, उसे देखकर नेपाल और बाक़ी बार्डर बंद कर देने चाहिए, जिससे… pic.twitter.com/tMkP7QSEAF
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 24, 2026
गुप्त दान वालों के घर ईडी-सीबीआई भेज दी जाएगी
अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राम मंदिर को करोड़ों श्रद्धालुओं ने दान दिया था और खूब दान दिया. प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र से अगर 10 करोड़ की भी मानें तो 800 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्रभु श्रीराम को चढ़ाया गया होगा और बहुतों ने गुप्तदान भी किया लेकिन अब अगर गुप्तदान करने वाले कुछ बोलेंगे तो उनके घर ईडी और सीबीआई पहुंच जाएगी.