Cough Syrup Death Case: प्राइवेट कंपनी और डॉक्टर पर दर्ज हुआ हत्या का केस, चिकित्सक गिरफ्तार…एक आयुष फर्म पर छापा-Video

October 5, 2025 by No Comments

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Cough Syrup Deaths: कफ सीरप पीने से बच्चो के मौत के मामले में मध्य प्रदेश से बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां पर सिरप बनाने वाली कंपनी और सरकारी डॉक्टर होते हुए निजी क्लीनिक में इलाज करने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी के खिलाफ परासिया थाने में केस दर्ज कर लिया गया है और देर रात एसपी की स्पेशल पुलिस टीम ने डॉ. प्रवीण सोनी को छिंदवाड़ा के राजपाल चौक से हिरासत में भी ले लिया है. बता दें कि छिंदवाड़ा के परासिया में जहरीला कफ सिरप पीने से 10 बच्चों की मौत हो गई थी. इसी के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की गई है.

वहीं ताजा खबर सामने आ रही है कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 10 बच्चों की मौत के बाद ड्रग्स विभाग ने छिंदवाड़ा में एक आयुष फर्म पर छापा मारा है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने मौके का वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है जिसमें साफ दिखाई दे रहा है ड्रग्स विभाग सभी सिरप को सील कर रहा है.

कफ सिरप पर बैन

इस सम्बंध में एसपी अजय पांडेय ने मीडिया को बताया कि “हाल ही में परासिया में कफ सिरप पीने से 10 बच्चों की मौत हो गई थी. इसी मामले में प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश में दोनों कफ सिरप की बिक्री को बैन कर दिया है. इसके अलावा सरकार ने कंपनी के अन्य प्रोडक्टों की बिक्री पर भी रोक लगा दी है. तो वहीं सरकारी डॉक्टर होते हुए डॉ. प्रवीण सोनी निजी क्लीनिक चला रहे थे. यहां उन्होंने बच्चों के इलाज के लिए इस कंपनी के कफ सिरप को प्रिस्क्रिप्शन में लिखा था.”

तीन अलग-अलग मामलों में दर्ज हुआ मुकदमा

एसपी ने मीडिया को बताया कि, “कप सिरप निर्माता कंपनी और डॉ. प्रवीण सोनी के खिलाफ परासिया थाने में तीन अलग-अलग मामलों में केस दर्ज किया गया है. तो वहीं शनिवार की देर रात को एसपी द्वारा गठित स्पेशल टीम ने डॉ. प्रवीण को छिंदवाड़ा के राजपाल चौक से हिरासत में लिया है.

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

एसपी के मुताबिक, डॉक्टर सोनी पर बीएनएस की धारा 276 105, ड्रग्स एवं कास्मेटिक एक्ट 1940 की धारा 27 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है.” केस दर्ज होने के बाद ही आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डॉक्टर प्रवीण सोनी को निलंबित कर दिया है.

छुट्टी लेकर चलाता था निजी क्लीनिक

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकारी डॉक्टर होते हुए भी डा. प्रवीण छुट्टी लेकर निजी क्लीनिक में इलाज करता था. इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और सिरप बनाने वाली कंपनी के साथ ही सरकारी डॉक्टर होते हुए निजी क्लीनिक में बच्चों का इलाज करने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है.

4 लाख का मुआवजा

बता दें कि इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतक बच्चों की परिजनों को 4-4 लाख रुपये के मुआवजा देने की घोषणा की है. तो दूसरी ओर जो बच्चे बीमार हैं, उनके इलाज का खर्च सरकार ने उठाने की जिम्मेदारी ली है. इसके अलावा सरकार पूरे प्रदेश में हर ब्रांड के कफ सिरप की जांच करने के लिए कमर कस ली है.

जांच में पाई गई खामियां

कफ सिरप से मौत के बाद ही सिरप को जांच के लिए भेज दिया गया था. शासकीय औषधि विश्लेषक, औषधि परीक्षण प्रयोगशाला चेन्नई के परीक्षण अनुसार इस सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा 48.6 फीसदी पाई गई है. जबकि इसकी मात्रा मात्र 0.1 फीसदी होनी चाहिए. यह एक जहरीला तत्व है. जानकारों के मुताबिक, यह स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है. यह सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित एक फैक्ट्री में बनाई जाती है. यह मामला जैसे ही सामने आया था जांच के बाद तमिलनाडु सरकार ने कोल्ड्रिफ सिरप पर बैन लगा दिया था. बता दें कि कोल्ड्रिफ सिरप को तमिलनाडु के औषधि नियंत्रक द्वारा कोल्ड्रिफ सिरप को नॉट ऑफ स्टैण्डर्ड क्वालिटी (एनएसक्यू) घोषित किया गया है.

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