ब्राह्मणों बेटियों पर शर्मनाक बयान मामला… IAS संतोष वर्मा को कांग्रेस ने बताया सही…BJP के वरिष्ठ नेता ने दी ये बड़ी चेतावनी-Video
IAS Santosh Verma Case: ब्राह्मण बेटियों पर शर्मनाक बयान देने वाले मध्य प्रदेश के IAS संतोष वर्मा (अजाक्स के प्रदेशाध्यक्ष) पर राजनीति तेज हो गई है. इस मामले में जहां एक ओर कांग्रेस के दलित नेता और पूर्व सांसद उदित राज संतोष वर्मा का बचाव कर रहे हैं और संतोष वर्मा के बयान को सही बता रहे हैं तो वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने केंद्र व राज्य सरकार से मांग की है कि संतोष वर्मा पर कड़ी कार्रवाई की जाए. रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा भी संतोष वर्मा के खिलाफ उतरे हैं.
नरोत्तम मिश्रा ने संतोष वर्मा के बयान को लेकर कहा कि “मानसिक विकृति वाली सोच रखने वाले आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ सरकार तुरंत कार्रवाई करे. अगर सरकार नहीं करेगी तो सनातन धर्मावलंबियों को कदम उठाना पड़ेगा.
“IAS संतोष वर्मा पर कार्रवाई नहीं हुई तो सनातन खुद देगा जवाब”
◆ मध्य प्रदेश के शिवपुरी में बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा
◆ संतोष वर्मा ने कहा था, “जब तक एक ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं कर देता या मेरे बेटे के साथ संबंध स्थापित नहीं कर लेता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए”… pic.twitter.com/Ord7Yv7wEk
— News24 (@news24tvchannel) November 29, 2025
सांसद जनार्दन मिश्रा ने लिखा शिकायती पत्र
रीवा सांसद ने केंद्रीय राज्यमंत्री DoPT को शिकायती पत्र लिखकर संतोष वर्मा पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने ब्राह्मण बेटियों के बयान को अमानवीय, जातिगत रूप से भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक बताया. साथ ही सांसद ने यह भी दावा किया कि वर्मा के भाप्रसे चयन में प्रक्रियात्मक अनियमितताएं थीं.
सरकार के सामने रखी ये मांगें
जनार्दन मिश्रा ने केंद्र सरकार को लिखे पत्र में निम्न मांगें रखी हैं- इसमें आईएएस (आचरण) नियम 1968 के तहत विभागीय कार्रवाई की मांग की है तो वहीं अनुसूचित जाति की बजाय अनुसूचित जनजाति के माध्यम से चयन की प्रक्रिया की दोबारा जांच कराने की भी मांग उठाई है. साथ ही पूर्व में न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि और चयन प्रक्रिया की कथित खामियों को ध्यान में रखते हुए वर्मा की पदोन्नति की पुनः समीक्षा करने की भी मांग की है.
ब्राह्मण जब तक अपनी बेटी को मेरे बेटे को दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए: संतोष वर्मा ( वरिष्ठ IAS अधिकारी और नवनिर्वाचित प्रांताध्यक्ष अजाक्स)
बताइए यह एक IAS की विचारधारा है आगे कुछ कहना है आपको? pic.twitter.com/wh0xkg8cpZ
— Anuj Agnihotri Swatntra (@ASwatntra) November 24, 2025
बयान के बाद से ही चले गए अवकाश पर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवादित बयान देने के बाद से ही संतोष वर्मा अवकाश पर हैं. वह वर्तमान में मध्य प्रदेश मं कृषि विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी पद पर तैनात हैं. सामान्य प्रशासन विभाग ने उनके कार्यालय लौटने का चार दिनों तक इंतजार किया लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए. इस पर उनको पहले वाट्सऐप के माध्यम से नोटिस भेजा गया और फिर बाद में संतोष वर्मा के निजी सचिव के जरिए नोटिस की प्रति उन तक पहुंचाने का बंदोबस्त किया गया.
IAS संतोष वर्मा अब हर न्यूज़ चैनल में ब्राह्मण समाज से माफ़ी माँगता फिर रहा है। नाक रगड़ रहा है। उसे पता है उसने गलती कर दी है।
उसे पता है कि किसी की बहन बेटियों पर अभद्र टिप्पणी करना नीचता है, घटियापन है। अफ़सोस ये कि कई निष्पक्ष पत्रकार इस मामले पर अभी तक चुप हैं? मुँह सिल लिए… pic.twitter.com/I7tlwtLlYR
— Shubham Shukla (@Shubhamshuklamp) November 26, 2025
उदित राज का बयान
कांग्रेस नेता उदित राज ने आईएएस संतोष वर्मा के बयान को सही कहा है और सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा है कि “पीएम मोदी, योगी और तमाम बीजेपी नेता और RSS रात- दिन वोट लेने के लिए सब हिंदू है , कहते रहते हैं. संतोष वर्मा, IAS ने रोटी- बेटी के रिश्ते की ही बात किया अर्थात् बात तो वही है फिर मध्य प्रदेश सरकार ने कारण बताओ नोटिस क्यों दिया है? ब्राह्मण समाज क्यों विरोध कर रहा है? हिंदू राष्ट्र की माँग करने वालों को इसका जवाब देना चाहिए ? इन्हें संतोष वर्मा के साथ खड़ा होना चाहिए वर्ना यह शब्द जुबान पर भी नहीं लाना चाहिए.
पीएम मोदी, योगी और तमाम बीजेपी नेता और RSS रात- दिन वोट लेने के लिए सब हिंदू है , कहते रहते हैं ।संतोष वर्मा, IAS ने रोटी- बेटी के रिश्ते की ही बात किया अर्थात् बात तो वही है फिर मध्य प्रदेश सरकार ने कारण बताओ नोटिस क्यों दिया है? ब्राह्मण समाज क्यों विरोध कर रहा है? हिंदू…
— Dr. Udit Raj (@Dr_Uditraj) November 28, 2025
सोशल मीडिया पर खड़ा हुआ हंगामा
उदित राज के बयान के बाद से ये विवाद और गहराता दिखाई दे रहा है और इस पर सियासत तेज हो गई है. सोशल मीडिया में दोनों पक्षों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. ब्राह्मण संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि यह समाज पर सीधी टिप्पणी है. तो वहीं वर्मा के समर्थकों का कहना है कि बयान को काटकर वायरल किया गया है. फिलहाल अब सभी की नजर वर्मा को मिली नोटिस पर है और देखना है कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है. हालांकि ये मामला राजनीति के साथ ही प्रशासन और समाज तीनों स्तर पर गर्म है.
–IAS अधिकारी संतोष वर्मा ने ब्राह्मण बेटियों पर दिया शर्मनाक बयान…कार्रवाई की मांग-Video