UGC एक्ट पर घमासान तेज…DU में ब्राह्मण महिला पत्रकार की जमकर पिटाई; दी गई रेप की धमकी, रुचि तिवारी पर भी लगे गम्भीर आरोप-Video
UGC ACT Protest Ruchi Tiwari Case: सोशल मीडिया पर दो दिन से रुचि तिवारी को लेकर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. दरअसल रुचि तिवारी एक पत्रकार हैं और उनके मुताबिक, वह कल DU में कवरेज के लिए गई थीं, इसी दौरान एक शख्स ने उनसे पूछा कि वो कौन हैं? इस पर उन्होंने बताया कि वह ब्राह्मण है तो उनके ऊपर एक पूरा ग्रुप टूट पड़ा और उनके कपड़े फाड़े गए व उनको रेप की धमकी भी दी गई. हालांकि सोशल मीडिया पर रुचि तिवारी पर हुए हमले को लेकर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं.
नाम #Ruchi_Tiwari #रुचि_तिवारी
उसके साथ देखो कैसे बदतमीजी से व्यवहार हो रहा है वो भी #हिंदू बहुल #भारत में
पूरा #हिंदू समाज खामोश है
अगर #रुचि_तिवारी की जगह#रुखसार कोई #मुस्लिम या कोई #जयभीम
वाली होती तो अब तक देश खतरे मे आ जाता
खैर #हिन्दुओ तुम #INDvPAK
मैच देखो pic.twitter.com/TCkTLggWyg— SHAILENDRA (@HindShailendra) February 14, 2026
इसी बीच दूसरे पक्ष ने रुचि तिवारी पर आरोप लगाया है कि रुचि ने पहले एक छात्रा को जमीन पर पटका और जब उन्होंने ऐसा व्यवहार किया, इसी के बाद उनको सबक सिखाने के लिए ये स्टेप उठाया गया. बता दें कि देश के तमाम हिस्सों में यूजीसी के नए एक्ट को लेकर सवर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी क्रम में DU (दिल्ली विश्वविद्यालय) के नॉर्थ कैंपस के आर्ट्स फैकल्टी में एक कार्यक्रम AISA की छात्राएं आयोजित कर रही थीं.
#Justice_For_रूचि_तिवारी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देकर #UGCAct जैसा दमनकारी कानून बनाकर गुंडो को ब्राह्मणों की बेटियों को बेइज्जत करने का अधिकार देने वालो शर्म करो..क्या ब्राह्मण होना कोई अपराध है जो उनकी बेटियों के साथ ये सब किया जा रहा है👇🥹 pic.twitter.com/3zdcvO6KE0 pic.twitter.com/ZwmkmKl5zP
— उत्पीड़ित सवर्ण (@K_tyaagii) February 14, 2026
इस कार्यक्रम का नाम ‘अधिकार रैली’ था, जिसमें कई प्रोफेसरों और अन्य वक्ताओं को UGC के नए नियमों पर चर्चा के लिए बुलाया गया था ताकि यूजीसी के नए नियमों को लेकर चर्चा हो सके. तभी ये विवाद हो गया जो कि इतना बढ़ा कि सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय हो गया. फिलहाल रुचि तिवारी को पुलिस के हस्तक्षेप के बाद छुड़ाया गया. इसके बाद रुचि तिवारी ने बताया कि ब्राह्मण होने की वजह से उनको पीटा गया और उनसे बदसलूकी की गई. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. फिलहाल ये खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबरों के आधार पर लिखी गई है. इसकी पुष्टि खबर स्टिंग नहीं करता.
रूचि तिवारी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए 13 फरवरी को हुई पूरी घटना की विस्तार से जानकारी दी है। वीडियो में उन्होंने उस दिन की परिस्थितियों, अपने साथ हुई घटनाओं और अपनी बात को स्पष्ट रूप से सामने रखा।
#Justice_For_रूचि_तिवारी pic.twitter.com/oZgKBsC2HI— Shikhar karan (@Shikhar_77_) February 14, 2026
जानें क्या है यूजीसी एक्ट
बता दें कि हाल ही में यूजीसी ने नई गाइडलाइन जारी की है जिसमें कहा गया है कि हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में एक इक्विटी समिति का गठन किया जाएगा जो एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को रोकेगी और आरोपी के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा. इस एक्ट को लेकर सवर्णो के संगठनों का कहना है कि जिस तरह से एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग कर झूठे मुकदमें ब्राह्मण व सवर्ण समाज पर दर्ज किए जा रहे हैं, इसी तरह यूजीसी के इस नए एक्ट का भी इस्तेमाल होगा?
Wow! BJP IT Cell and Mohammad Zubair are on the same page, for defaming Ruchi Tiwari who was assaulted and molested by urban Naxals.
They are now justifying her lynching basis a trimmed video.Here’s the real clip :
Ruchi Tiwari did not say 5000 saal se paani nahi pine diya… pic.twitter.com/Io6aRhFUBy— ARIKA🇮🇳🚩 (@nidhisj2001) February 15, 2026
इससे शिक्षण संस्थान में स्वस्थ्य मानसिकता के साथ पढ़ाई नहीं हो सकेगी और सवर्णों के बच्चों को झूठे मुकदमें में फंसा दिया जाएगा. इसी के साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि इस एक्ट में सवर्णों को पीड़ित नहीं बल्कि पहले से ही आरोपी घोषित कर दिया गया है. दुर्व्यवहार तो किसी के साथ भी हो सकता है. मांग की जा रही है कि या तो इसमें सवर्णों के बच्चों को भी पीड़ित होने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात शामिल की जाए या तो इसे खत्म किया जाए. फिलहाल मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है और कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है और आगे इस पर सुनवाई होनी है.
मुगलों और अंग्रेजो से लड़ने के बजाय महिलाओं को आगे करके उनके पीछे छिप जाते थे ।
बहुजन आंदोलन को बदनाम करने के लिए फिर से विशेष समाज वही कर रहा है ।
दिल्ली विश्वविद्यालय में Ruchi Tiwari आन्दोलन को बदनाम करने के लिए ही गई थी ।
दिल्ली यूनिवर्सिटी की अन्य छात्राओं से रुचि तिवारी… pic.twitter.com/rgeakn2b9I— YOUTH_ARMY Voice of Social Justice (@Youth_Army_IN) February 13, 2026