Parashuram Jayanti: आचरण में उतारें श्रीमद्भागवत कथा…परशुराम जयंती पर आयोजित कथा में सही जीवन जीने का संदेश -Video

April 19, 2026 by No Comments

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Parashuram Jayanti 2026: देश भर में आज भगवान परशुराम की जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है. बड़ी संख्या में कहीं बाइक रैली को कहीं कथा का आयोजन किया गया. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज में स्थित भगवान परशुराम मंदिर में आचार्य द्रोण विचार संस्थान के तत्वावधान में जन्मोत्सव के बीसवें महोत्सव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा व्यास परम विद्वान डॉ. योगेश व्यास ने कंसवध, महारास और रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया, जिससे श्रद्धालु भावविभोग हो गए.

श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन 18 अप्रैल को कथाव्यास ने दिव्य प्रसंग में कंस वध, महारास और रुक्मिणी विवाह का अमृतमय वर्णन किया. उन्होंने कहा कि यह केवल कथा नहीं, बल्कि सनातन धर्म के गूढ़ सत्य और जीवन के उच्चतम आदर्शों का सजीव मार्गदर्शन है.

कंस वध हमें यह संदेश देता है कि अहंकार, अन्याय और अधर्म चाहे जितना प्रबल क्यों न हो, अंततः धर्म और सत्य की ही विजय होती है। भगवान श्रीकृष्ण का यह कार्य हमें सिखाता है कि जीवन में अन्याय के विरुद्ध खड़े होना ही सच्चा धर्म है.

महारास प्रेम, समर्पण और आत्मा के परमात्मा से मिलन का प्रतीक है. यह दर्शाता है कि जब मन पूर्ण रूप से भगवान में लीन हो जाता है, तब जीवन में आनंद और शांति का वास्तविक अनुभव होता है। महारास हमें सिखाता है कि ईश्वर प्राप्ति का मार्ग प्रेम और भक्ति से होकर जाता है.

रुक्मिणी विवाह श्रद्धा, विश्वास और सच्चे प्रेम का अद्भुत उदाहरण है. रुक्मिणी जी का भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट विश्वास हमें यह प्रेरणा देता है कि जब भाव शुद्ध और निष्ठा दृढ़ हो, तो स्वयं भगवान भी भक्त की पुकार सुनकर उसके जीवन को सफल बनाते हैं.

सनातन धर्म का सार यही है कि हम अपने जीवन में सत्य, प्रेम, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलें. यह कथा हमें केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि अपने आचरण में उतारने के लिए है.

इनका हुआ सम्मान

कार्यक्रम में सुधाकर त्रिपाठी, पूर्व मंत्री हरिनारायण उपाध्याय, पूर्व प्रधानाचार्य एमडी शुक्ला इंटर कॉलेज मिथलेश तिवारी, लखन द्विवेदी, अयोध्या प्रसाद बाजपेयी, रुचि राजपूत, भोलानाथ शुक्ला, अर्विंद द्विवेदी, बरौरा, आवत प्रकाश शुक्ला, उदयवीर सिंह, एडवोकेट संजय त्रिवेदी, विकास दीक्षित, विनीत शर्मा, देवेंद्र शुक्ला (प्रधान), विरेंद्र शुक्ला (प्रधान), राजकुमार गुप्ता (मैनेजर, एसआर पब्लिक स्कूल), संतोष द्विवेदी (पूर्व एक्शियन, जल संस्थान), हरिकृष्ण अवस्थी ‘बब्बू अवस्थी’, सुरेंद्र पांडे, आरके त्रिवेदी, शिव प्रसाद, शिवशंकर पांडे, मनीष गौतम, ओपी मिश्रा, आरके मिश्रा, रामकिशोर अवस्थी,राजेश श्याम शुक्ल, योगी राकेश नाथ, लक्ष्मीकांत शुक्ल, राजेश पाण्डे, महेश सोनी, राम बाबू मिश्रा आदि को अंगवस्त्र, माला एवं भगवान परशुराम जी का चित्र भेंट कर उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

जेपी मिश्रा, संरक्षक दीपक त्रिपाठी, महामंत्री संजय तिवारी, रमाकांत शुक्ला एवं रजत तिवारी के करकमलों से सभी अतिथियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट अनुराग पांडे ने किया।

नृत्य ने सभी का मोहा मन

उक्त अवसर पर महाराष्ट्र प्रसंग का भावपूर्ण चित्रण भी प्रस्तुत किया गया। आँचल समाज उत्थान सेवा समिति की निदेशक डॉ. आरती शुक्ला के निर्देशन में अनिका, आँचल शुक्ला, आभा सक्सेना, अनाया, राहुल श्रीवास्तव, सान, कसिस, सक्षम एवं उन्नति द्वारा सुंदर गीतों एवं भजनों पर नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया गया।

आज कथा का विश्राम दिवस, कल भंडारा

कार्यक्रम के संयोजक एडवोकेट अनुराग पांडे ने बताया कि आज यानी 19 अप्रैल को कथा का अंतिम एवं विश्राम दिवस होगा। दिनांक 20 अप्रैल को सुबह अक्षय तृतीया का पुण्य अवसर प्राप्त हो रहा है, जिसमें प्रातःकाल स्नान एवं पूजन का विशेष महत्व है। अतः 20 अप्रैल को प्रातः हवन-पूजन एवं संत-महंतों का महाप्रसाद वितरण किया जाएगा। तदुपरांत अपराह्न 3 बजे से गृहस्थ जनों के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुगण प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे.

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