भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या का CCTV फुटेज आया सामने…? जांच अधिकारियों का बड़ा खुलासा; चश्मदीद ने दी बड़ी जानकारी-Video
Suvendu Adhikari PA Murder Case: बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या से जुड़ी तमाम जानकारी लगातार सामने आ रही है. इसी बीच एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें खौफनाक हत्या कैसे की गई, इसकी जानकारी सामने आई है.
इस केस को लेकर जांच अधिकारियों ने खुलासा किया है कि हत्या करने से पहले हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ की पूरे एक हफ्ते तक रेकी की थी. इस हाई-प्रोफाइल मर्डर की जांच एसटीएफ के साथ ही सीआईडी और आईबी की गठित एसआईटी को सौंपी गई है और ये टीम राजारहाट और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज तेजी से खंगाल रही है.
सुवेंदु अधिकारी के PA के हत्यारे को ढूढ़ने में लगे BSF के महानिदेशक प्रवीण कुमार ,CC tv की जांच हो रही है जल्द ही गुनहगार कानून के शिकंजे में होगा और रहम की भीख मांग रहा होगा😡💪 pic.twitter.com/4YTXyoztKa
— PRARTHANA SINGH (@PrarthaSingh83) May 7, 2026
तो वहीं सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह अपराधियों ने फिल्मी स्टाइल में स्कॉर्पियो का रास्ता रोककर पॉइंट ब्लैंक रेंज से 10 राउंड फायरिंग की. आइए जानते हैं पूरी कहानी. सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि एक बाइक बेहद बिजी सड़क पर दौड़ती चली जा रही है और फिर चंद्रनाथ रथ की स्कॉर्पियो के पास पहुंचती है. तो वहीं अचानक एक कार सामने से आती है और स्कॉर्पियो का रास्ता रोक देती है.
जैसे ही स्कार्पियो रुकती है,बाइक के पीछे बैठा शूटर नीचे उतरता है और सीधे चंद्रनाथ रथ की सीट वाली खिड़की के पास जाकर एक के बाद एक कई फायरिंग कर देता है. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि करीब 10 राउंड गोलियां चलाई गईं और इस हमले में पूर्व सेना के जवान चंद्रनाथ की मौके पर ही मौत हो गई. हमलावरों ने पॉइंट ब्लैंक रेंज का इस्तेमाल किया ताकि किसी तरह से भी चंद्र बच न सकें. चंद्र के ड्राइवर बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से जख्मी हो गए.
पच्छिम बंगाल के भावी मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ अधिकारी की कोलकाता के मध्य ग्राम में गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गयी।
48 घण्टों से बंगाल जल रहा है जबकि ढाई लाख केंद्रीय सुरक्षा बल मौजूद हैं और बंगाल पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
गृहमंत्री श्री अमित शाह को… pic.twitter.com/8Am1jlX34p— I.P. Singh (@IPSinghSp) May 6, 2026
जांच अधिकारियों का मानना है कि इस हमले से पहले करीब एक हफ्ते तक रेकी की गई और हमलावरों को ये बात अच्छी तरह से मालूम थी कि चंद्र रात में किस समय घर लौटते हैं और कौन सी कार इस्तेमाल करते हैं. इसी के साथ हम हमलावरों को ये भी मालूम था कि वह कार के अंदर किस साइड में बैठते हैं. हमलावरों के पास इस तरह की सभी सटीक जानकारी थी इसीलिए बिना समय बर्बाद किए शूटरों ने सीधे टारगेट पर हमला किया.
तो वहीं वारदात के लिए हमलावरों ने जेसोर रोड के उस हिस्से को चुना जहां कार को आसानी से ब्लॉक किया जा सके. इस तरह की पूरी प्लानिंग ये साफ करती है कि शूटर पेशेवर थे और उनको चंद्र की हर हरकत का पता था और लोकल एरिया की भी पूरी जानकारी थी.
शुभेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड का नया CCTV फुटेज आया सामने. Via @GagandeepNews pic.twitter.com/SYEk5rUfQg
— Tez Tarrar (@teztarrardelhi) May 7, 2026
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य पुलिस के डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता खुद घटनास्थल के आस-पास सभी सीसीटीवी फुटेज की निगरानी कर रहे हैं. तो दूसरी ओर एसटीएफ, सीआईडी की टीमें घटनास्थल के साथ ही मध्यमग्राम, जेसोर रोड और राजारहाट की ओर जाने वाले सभी रास्तों के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही हैं.
फुटेज से जानकारी मिली है कि वारदात के बाद हमलावर राजारहाट की ओर से भाग निकले हैं. पहचान छुपाने के लिए शूटरों ने हेलमेट पहन रखा था. पुलिस अब उन रास्तों के सीसीटीवी के जरिए शूटरों के भागने के रूट को मैप करने में जुटी है. तो दूसरी ओर पुलिस अब उन्नत फेशियल रिकग्निशन और बाइक के हुलिए के आधार पर हमलावरों की तलाश कर रही है. साथ ही जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं इन कैमरों में कोई संदिग्ध गाड़ी बार-बार तो नहीं देखी गई.
वीडियो में देखें प्रत्यक्षदर्शी ने क्या कहा?
పాయింట్ బ్లాంక్లో షూట్ చేశారు!
సువేందు అధికారి పీఏను దుండగులు ఎలా చంపారో వివరించిన ప్రత్యక్ష సాక్షి#suvenduadhikari #westbengal pic.twitter.com/HOYQLr9FNS— Times Now Varthalu (@TNVarthalu) May 7, 2026
पुलिस को ये भी शक
बता दें कि चंद्र सुवेंदु अधिकारी के बहुत ही करीबी थे और उनके साथ चार साल से थे. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में जांच तेजी से बढ़ा कर आगे बढ़ रही है. तो जांच में जांच में एक और बड़ा मोड़ उस वक्त आया जब हमले में इस्तेमाल की गई चार पहिया गाड़ी पर नकली नंबर प्लेट लगने का खुलासा हुआ. यही नहीं गाड़ी का चेसिस नंबर भी अपराधियों ने मिटा दिया था ताकि डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए भी पुलिस उन तक न पहुंच सके. तो वहीं बाइक पर भी नम्बर प्लेट नहीं थी.
ये जानकारी सामने आने के बाद पुलिस को शक है कि इस हाई प्रोफाइल हत्याकांड के तार किसी विदेशी ताकत या फिर दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं क्योंकि जिस तरह से आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर हत्या की गई है, उससे हत्या के तार किसी बड़े सिंडिकेट से जुड़े होने की ओर इशारा कर रहा है.
फिलहाल एसटीएफ हर एंगल से इस हत्या को देख रही है और इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि कहीं इन शार्प शूटरों को सीमा पार या राज्य के बाहर से सुपारी देकर तो नहीं बुलाया गया था. तो वही सवाल ये भी खड़ा हो रहा है कि हमलावरों को ये तक कैसे पता था कि चंद्र के साथ किस समय सुरक्षाकर्मी नहीं होंगे। हालांकि इससे साफ जाहिर होता है कि हमलावरों ने पहले चंद्र की हर हरकत के बारे में पूरी तरह से रेकी कर पता लगाया और फिर हमला किया गया.