मुस्लिम महिला अधिकारी को हत्यारोपी हिंदू कैदी से हुआ प्यार…कर लिया विवाह; VHP ने किया कन्यादान

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Muslim Lady Officer Firoza Khan Love Story: छतरपुर जिले के लवकुश नगर से चौंका देने वाली खबर सामने आ रही है. दरअसल यहां बीते 5 मई को एक शादी हुई है जिसकी चर्चा तेजी से हो रही है. खबर सतना जेल की मुस्लिम महिला अधिकारी फिरोजा खान से जुड़ी है. दरअसल उन्होंने हत्या के केस में सजा काट चुके धर्मेंद्र सिंह उर्फ अभिलाष नाम के युवक से हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली है. इस युवक से उनको प्यार हुआ था. इसके बाद उन्होंने युवक को अपना हमसफर बना लिया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिरोजा खातून केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक हैं. तो वहीं युवक चंदला के रहने वाला है और पूरा नाम धर्मेंद्र सिंह (अभिलाष) है. एक हत्या के मामले में वह आजीवन की सजा काट रहा था. इसी दौरान सहायक महिला जेल अधीक्षक की अभिलाष से मुलाकात हुई. ये मुलाकात करीब 4 साल पहले ड्यूटी के दौरान हुई थी. हालांकि इस शादी के लिए फिरोजा का परिवार तैयार नहीं था. शादी के दौरान जब फिरोजा के परिवार से कोई नहीं पहुंचा तो विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने ही फिरोजा का कन्या दान किया.

फिरोजा सम्भाल रही थीं वारंट इंचार्ज का काम

खबरों के मुताबिक, सतना में जेल में पदस्थापना के दौरान फिरोजा वारंट इंचार्ज का काम संभाल रहीं थीं. तभी 2007 के चर्चित हत्याकांड में धर्मेंद्र जेल में उम्र कैद की सजा काट रहा था. जेल में तैनाती के दौरान धर्मेंद्र और फिरोजा में बातचीत शुरू हुई. धर्मेंद्र का व्यहार फिरोजा को अच्छा लगा. इस पर दोनों की दोस्ती हो गई. ये दोस्ती प्यार में कब बदल गई पता ही नहीं चला.

नहीं माना फिरोजा का परिवार

तो वहीं 4 साल पहले धर्मेंद्र जेल से रिहा हो गया. इसके बाद दोनों ने शादी करने का फैसला लिया लेकिन इस शादी के लिए फिरोजा का परिवार तैयार नहीं था. बावजूद इसके दोनों ने 5 मई 2026 को छतरपुर के लवकुश नगर के एक मैरिज हाउस में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सतना विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा ने कन्या दान किया.

शुरू हुआ बधाई का सिलसिला

शादी की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर बधाई का तांता लग गया. तो वहीं केंद्रीय जेल सतना में भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया. कैदी से लेकर अधिकारी तक सभी ने नवविवाहित जोड़े को बधाई दी. इस तरह से जेल की चारदीवारी के भीतर कानून-व्यवस्था संभालने वाली इस महिला अधिकारी ने यह साबित कर दिया कि मोहब्बत और इंसानियत का कोई मजहब नहीं होता है.

धर्मेंद्र ने की थी किसकी हत्या?

साल 2007 में धर्मेंद्र सिंह ने नगर परिषद चंदला के उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या की थी और शव जमीन में दफना दिया था. इस हत्या की खूब चर्चा हुई थी. इसी मामले में धर्मेंद्र को उम्रकैद हुई थी. इस केस में धर्मेद्र ने करीब 14 साल तक जेल में सजा काटी थी. इसके बाद जेल प्रबंधन ने उसके अच्छे आचरण को देखते हुए जेल से रिहा कर दिया था. धर्मेंद्र बीते करीब 4 साल से जेल से बाहर था.

धर्मेंद्र के दोस्त ने बताई ये कहानी

जैसे ही अधिकारी और कैदी के बीच हुई शादी की खबर सामने आई है, लोग कैदी के बारे में जानने के इच्छुक दिखाई दे रहे हैं. इसी दौरान सोशल मीडिया पर चंदला के स्थानीय निवासी अजय द्विवेदी का एक बयान सामने आया है. वह बताते हें कि उनकी उम्र 37 वर्ष है. अजय दावा करते हैं कि धर्मेंद्र उर्फ अभिलाष उनके साथ ही चंदला के स्कूल में ही पढ़ता था और दोनों ही चंदला के बस्ती यानी वार्ड 13 में रहते थे. अजय बताते हैं कि वह चाल-चरित्र का हमेशा अच्छा रहा. उसे इस हत्या के मामले में फंसाया गया था. अजय दावा करते हैं कि इस बात को केवल वही नहीं चंदला के सभी लोग जानते हैं. वह कहते हैं कि अभिलाष के अधिकतर रिश्तेदार सतना के रहने वाले हैं. फिलहाल ये जानकारी सामने नहीं आ सकी है कि धर्मेंद्र वर्तमान में क्या काम कर रहे हैं?

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