Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स में चमके ये भारतीय और रच दिया इतिहास…2030 में भारत होगा मेजबान
Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 (Commonwealth Games 2026) समाप्त हो चुका है. इस बार भारत का प्रदर्शन इस मेगा इवेंट में शानदार रहा. विशेषतौर पर भारत के मुक्केबाजों ने कमाल का प्रदर्शन किया. हालांकि इस बार हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में कई ऐसे खेलों को शामिल नहीं किया गया था जिसमें भारत का प्रदर्शन पहले शानदार रहा है, बावजूद इसके भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 39 मेडल जीते और इस तरह से मेडल टैली में भारत चौथे स्थान काबिज रहा.
तो वहीं 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की जिम्मेदारी भारत को सौंपी गई है. जो अपने आप में बड़ी बात इसलिए भी हैं क्योंकि 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स का 100वां संस्करण होगा.
2030 Commonwealth Games की मेजबानी अब भारत के हाथ! 🥇
ग्लासगो में CWG 2026 के समापन समारोह के साथ 2030 Commonwealth Games के 100वें ऐतिहासिक संस्करण का आधिकारिक ध्वज और बैटन भारत को सौंपा गया।
यह सिर्फ खेलों की मेजबानी नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख, क्षमता और… pic.twitter.com/dB78ezY4uX
— BJP (@BJP4India) August 3, 2026
शामिल हुए थे केवल 10 खेल
स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में इस बार केवल 10 खेल शामिल किए गए थे. निशानेबाजी, कुश्ती, बैडमिंटन और हॉकी जैसे खेलों को शामिल नहीं किया गया था. इन खेलों में भारत का प्रदर्शन अच्छा रहा है. यही वजह रही कि पहले तो इस मेगा इवेंट में लग रहा था कि शायद इस बार भारत मेडल टैली के टॉप-5 देशों में भी शामिल न हो सके लेकिन भारत के 122 सदस्यीय टीम ने 13 गोल्ड मेडल, 17 सिल्वर मेडल और 9 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया और भारत को चौथे स्थान स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया. हालांकि इसमें सबसे बड़ी भूमिका मुक्केबाजी ने निभाई.
मुक्केबाजी में मिले 10 मेडल
भारतीय मुक्केबाजों ने इस बार कॉमन वेस्थ गेम्स में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किय और रिकॉर्ड सात गोल्ड मेडल के साथ कुल मिलाकर 10 मेडल जीते. पुरुषों के साथ ही महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया. हालांकि इस बार कई यूरोपीय और एशियाई देशों की अनुपस्थिति होने की वजह से प्रतियोगिता ओलंपिक या विश्व चैंपियनशिप की तरह कठिन नहीं थी.यही वजह रही कि भारत ने इस मौके का पूरा लाभ उठाया.
जूडो ने भी किया अच्छा प्रदर्शन
जूडो में भी भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया. लंबे वक्त से हाशिये पर रहने वाले इस खेल में कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. पिता के निधन के कुछ महीनों बाद अस्मिता डे ने स्वर्ण पदक जीता तो वहीं हर्ष सिंह ने भी खिताब पर निशाना साधा.
पैरा खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया
भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने भी इस मेगा इवेंट में अपनी प्रगति को जारी रखा. पावरलिफ्टिंग से लेकर एथलेटिक्स तक में भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने विभिन्न पदकों पर निशाना साधा.
नीरज चौपड़ा को मिला सिल्वर
तो वहीं एथलेटिक्स में इस बार भारत का प्रदर्शन मिश्रित रहा. चोट से उबरकर वापस लौटे ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा को फिलहाल सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा. तो वहीं मेडल के कुछ अन्य दावेदार भी उम्मीदों पर बहुत खरे नहीं उतरे. बावजूद इसके एथलेटिक्स में तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में मेडल जीता तो वहीं गुलवीर सिंह ने लंबी दूरी की दौड़ में दो मेडल जीतने वाले भारत के एकमात्र खिलाड़ी बने. दूसरी ओर मुरली श्रीशंकर ने सिल्वर मेडल जीता. वह चोट के कारण लंबे समय तक खेल से दूर रहे और वापसी करते ही राष्ट्रमंडल खेलों में एक और सिल्वर मेडल की जीत हासिल की.
भारोत्तोलन ने जीता 8 मेडल
चार साल पहले बर्मिंघम में भारोत्तोलन में तीन गोल्ड मेडल सहित 10 मेडल लेकर लौटने वाले भारतीय भारोत्तोलकों की टीम ने इस बार आठ मेडल जीते. हालांकि इनमें केवल एक गोल्ड मेडल मीराबाई चानू ही जीत सकीं.
तो वहीं अन्य खेलों की बात करें तो साइकिलिंग और तैराकी में भी भारतीय खिलाड़ी बहुत अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके. फिलहाल भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स के 100 साल पूरे होने पर मेजबानी करेगा. तो वहीं ग्लास्गो में हुए खेलों में भारत के लिए सकारात्मक पहलू रहा है और अब पूरी उम्मीद ये भी की जा रही है कि चार साल बाद भारत और भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा.
Bengaluru, Karnataka: On winning bronze in the women’s shot put F57 event at the Glasgow 2026 Commonwealth Games, Para athlete Shilpa K. Shaila says, ”I would like to express my heartfelt gratitude to everyone. From the moment I landed at the airport, everyone gave me such a… pic.twitter.com/D7PznT6DGX
— IANS (@ians_india) August 6, 2026