दीपावली पर करें गोबर से बने लक्ष्मी-गणेश की पूजा…रोटी कपड़ा फाउंडेशन की शानदार पहल
Diwali: दीवाली आने वाली है और मार्केट लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों से सज गया है. मार्केट में बड़ी संख्या में मूर्तियां केमिकल युक्त रंगो और प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनाई गई हैं जो कि देखने में तो बहुत सुंदर लगती हैं लेकिन इन मूर्तियों का जब विसर्जन किया जाता है तो ये मूर्तियां नदियों के साथ ही भूमि को भी प्रदूषित करती हैं. इसीलिए विगत 2 वर्षों से रोटी कपड़ा फाउंडेशन लोगों को गोबर के लक्ष्मी-गणेश की पूजा करने की अपील कर रहा है.
फाउंडेशन ने इस बार भी दीपावली पूजन के लिए गौ माता के शुद्ध गोबर से निर्मित श्री गणेश लक्ष्मी जी की मूर्तियां, दिए, गोबर की लकड़ी, घर में लगाने वाले श्री ,ओम और स्वास्तिक बनवा कर तैयार कराए हैं. समिति के सचिव रिद्धि किशोर गौड़ के अनुसार यह सभी सामान लेटे हुए हनुमान जी मंदिर पंचवटी घाट पर उपलब्ध है. भक्तों के लिए कोरियर सर्विस भी उपलब्ध है. साल भर इनका पूजन करने के उपरांत इन्हें शुद्ध जल में अथवा गमले में विसर्जित किया जा सकता है. पूजन की हुई मूर्तियों का सम्मान किया जाना चाहिए, इस उद्देश्य से यह परंपरा प्रारंभ की गई है.
रिद्धि किशोर गौड़ का कहना है कि गौसेवा का सम्मान, पर्यावरण का संरक्षण और भारतीय संस्कृति का उत्थान — यही है हमारी पहल। वह कहते हैं कि इस दीपावली, रासायनिक पदार्थों से बनी मूर्तियों के स्थान पर गाय के गोबर से निर्मित पारंपरिक एवं पर्यावरण-अनुकूल श्री गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्तियों को अपनाएँ और अपनी आस्था के साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी भी निभाएँ.