Kanpur: रामकृष्ण मिशन उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय को वित्तविहीन बनाने पर तुले प्रबंधक, लौटा रहे हैं अनुदान का पैसा, वसूलना चाहते हैं छात्रों से हजारों रुपए, देखें DIOS ने क्या कहा और शिक्षकों ने क्या लगाए आरोप, वीडियो

August 11, 2022 by No Comments

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उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां माध्यमिक शिक्षा विभाग (यूपी बोर्ड) के तहत दशकों से संचालित हो रहे रामकृष्ण मिशन उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय(आरके मिशन स्कूल) रामकृष्ण नगर को वित्तविहीन बनाने का भरसक प्रयत्न यहां से प्रबंधक द्वारा किया जा रहा है। इस मामले में बुधवार को शिक्षकों ने कॉलेज पहुंचकर विरोध भी किया। दूसरी ओर शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि प्रबंधक सरकार द्वारा दिए गए अनुदान राशि को वापस कर रहे हैं और स्कूल को वित्तविहीन बनाना चाहते हैं ताकि विद्यार्थियों से फीस के नाम पर मनमाना पैसा वसूल कर सकें।

देखें शिक्षकों ने क्या लगाए आरोप
पूरे मामले को लेकर हमेशा शिक्षकों की आवाज बुलंद करने वाले शिक्षक नेता व भाजपा के क्षेत्रीय सहसंयोजक शिक्षक प्रकोष्ठ शैलेंद्र द्विवेदी ने बताया कि रामकृष्ण मिशन इंटर कॉलेज के प्रबंधक कॉलेज को वित्तहीन बनाने पर अड़े हुए हैं। ताकि वह आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को परेशान कर अधिक से अधिक धन वसूली कर सकें, फीस के नाम पर। उन्होंने आरोप लगाया कि इसको लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) सतीश तिवारी प्रबंधक के साथ बैठक भी कर चुके हैं और कॉलेज को वित्तविहीन बनाने के लिए संस्तुति भी कर चुके हैं। इसी के साथ उन्होंने शिक्षकों को ये लालच भी दिया है कि उनको जीआईसी में सम्बंद्ध कर दिया जाएगा और आगे जाकर उनका प्रमोशन भी हो सकेगा।

देखें क्या कहा जिला विद्यालय निरीक्षक ने

वहीं इस पूरे मामले को लेकर डीआईओएस सतीश तिवारी का कहना है कि उनको कुछ मालूम ही नहीं है इस बारे में। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे तमाम स्कूलों से मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन वित्तविहीन बनाना, न बनाना शासन स्तर का काम है। इसमें मेरा कोई रोल नहीं। दूसरी ओर इस प्रकरण को लेकर शिक्षक बड़ा आंदोलन करने की प्लानिंग कर रहे हैं। इसको लेकर रमाशंकर तिवारी ने भी सभी शिक्षकों को एकजुट होकर आंदोलन करने की सलाह दी है। बुधवार को प्रबंधक के खिलाफ हुई बैठक में जिला महामंत्री राहुल कुमार मिश्रा, सुरेंद्र पाल सिंह, जेके निषाद, आरसी पाण्डेय, अनुराग पाण्डेय, अवनीश शुक्ला, विपिन आदि मौजूद रहे।

जानें स्कूल के बारे में

बता दें कि दशकों से संचालित इस स्कूल में करीब 650 बच्चे पढ़ रहे हैं और एक दर्ज से अधिक शिक्षक नियुक्त हैं। यह शासन से सहायता प्राप्त विद्यालय है। इसी के साथ यह ऐसी जगह स्थित है, जहां आस-पास आर्थिक रूप से कमजोर लोग रहते हैं और उनके बच्चे यहां पढ़ते हैं। अगर यह विद्यालय वित्तविहीन होता है तो लोग अपने बच्चों को अधिक फीस देकर नहीं पढ़ा सकेंगे। इस तरह से इस क्षेत्र के गरीब व आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के दायरे से शिक्षा दूर हो जाएगी, जो कि सरकार के सर्व शिक्षा अभियान पर कहीं न कहीं प्रश्न चिह्न भी खड़ा करेगी।