Sankashta Chaturthi-2022: संकष्ट चतुर्थी 12 नवम्बर को, इन 6 मंत्रों को बोलकर करें गणपति जी की पूजा, कट जाएंगी जीवन की हर समस्या, पढ़ें कथा

November 11, 2022 by No Comments

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शनिवार, 12 नवम्बर को संकष्ट चतुर्थी है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के सदस्य आचार्य विनोद कुमार मिश्र के अनुसार शिव पुराण के अनुसार प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन प्रातः गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें-

ॐ गं गणपते नमः।
ॐ सोमाय नमः।


चतुर्थी‬ तिथि विशेष
चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश‬जी हैं। प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं। मान्यता है कि अगहन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ी संकष्टी चतुर्थी अत्यंत फलदाई होती है। शिवपुराण के अनुसार-

“महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके।
पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा॥

प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करने वाली और एक पक्ष तक उत्तम भोगरूपी फल देने वाली होती है।

जानें कष्ट निवारण के उपाय
जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं। कभी-कभी तो होता ये है कि ये समस्याएं मिटती ही नहीं हैं। कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या। ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन प्रातः छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों। मंत्र इस प्रकार हैं
ॐ सुमुखाय नम:
ॐ दुर्मुखाय नम:
ॐ मोदाय नम:
ॐ प्रमोदाय नम:
ॐ अविघ्नाय नम:
ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:

पढ़ें कथा
प्राचीन काल में मयूरध्वज नामक राजा राज्य करता था। वह बड़ा ही धर्मज्ञ और प्रभावशाली राजा था। एक बार उसका पुत्र कहीं खो गया और बहुत खोजने के बाद भी उसका कहीं पता न चला। तब मंत्री पुत्र की स्त्री के अनुरोध पर पूरे राज परिवार ने चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी का व्रत किया। इस व्रत को करने गणेश जी की कृपा से राजकुमार वापस लौट कर आ गया और वह आजीवन अपने पिता व राज्य की सेवा करता रहा।

DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)