ADR Report: भाजपा की झोली में गिरा बम्पर चंदा…कांग्रेस सहित चार राष्ट्रीय दलों के कुल चंदे से 1000% अधिक मिला; बसपा ने इस बार फिर चौंकाया
ADR Report: सोशल मीडिया पर एडीआर (Association for Democratic Reforms ) रिपोर्ट तेजी से वायरल हो रही है. दरअसल रिपोर्ट सामने आने के साथ ही वित्त वर्ष 2024-25 में देश के प्रमुख राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे की डिटेल भी सामने आ गई है. एक बार फिर से भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) देश में सबसे अधिक चंदा पाने वाले राजनीतिक दल के रूप में उभर कर सामने आई है.
तो वहीं कांग्रेस दूसरे नंबर पर है लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि भाजपा और कांग्रेस के बीच चंदे का फासला करीब 12 गुना से ज्यादा का है. ये आंकड़े इसलिए और भी चौंकाते हैं क्योंकि भाजपा के पास कांग्रेस के मुकाबले मात्र दोगुने दानकर्ता ही हैं. इससे साफ होता है कि भाजपा को जो भी चंदा मिला उसकी धनराशि बड़ी थी.
कई और पार्टियों ने भी किया दान का खुलासा
नियम के अनुसार राष्ट्रीय दलों को 20 हजार रुपये से अधिक मिलने वाले चंदे का रिकॉर्ड शो करना होता है. यह पूरा रिकॉर्ड 30 सितंबर 2025 तक चुनाव आयोग के पास भेजना गया. बता दें कि भाजपा और कांग्रेस के साथ ही कई और राजनीतिक दलों ने 2024-25 में मिले दान की राशि का खुलासा किया है.
2024-25 में अलग-अलग राजनीतिक दलों को मिला इतना चंदा
रिपोर्ट के मुताबिक, सभी राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को कुल 11,343 दानकर्ताओं की ओर से 6648.563 करोड़ रुपये का चंदा दिया गया जिसमें भाजपा को कुल राशि में से 91 प्रतिशत अधिक चंदा मिला है. यानी देशभर में राजनीतिक दलों को जितना चंदा मिला है उसकी तुलना में.
बीजेपी
भाजपा ने 2024-25 के के लिए कुल 6074.015 करोड़ रुपये का दान दिखाया है और बताया है कि यह दान 5522 दानदाताओं के जरिए उसे मिला. यह राशि बीजेपी के बाद चंदा जुटाने वाले चार राष्ट्रीय दलों को मिले कुल चंदे से 10 गुना से भी अधिक है।
कांग्रेस
कांग्रेस ने अपना कुल दान 517.394 करोड़ रुपये शो किया है और बताया है कि उसे यह धनराशि 2501 दानकर्ताओं से मिली है. कांग्रेस को मिली यह राशि भाजपा के मुकाबले करीब 1000 प्रतिशत कम है.
आम आदमी पार्टी (आप)
आप ने 2024-25 के लिए चंदे की राशि 38.106 करोड़ रुपये दिखाई है जो कि उसे 2554 दानकर्ताओं से मिली है.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा)
माकपा ने साल 2024-25 में 16.957 करोड़ रुपये का दान मिलने की बात कही है और बताया है कि ये धनराशि 741 दानदाताओं से मिली.
नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP)
पूर्वोत्तर के इस प्रमुख राजनीतिक दल ने 2.091 करोड़ का दान दिखाया है. यह धनराशि उसे 25 दानकर्ताओं से मिली.
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने चौंकाया
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने इस बार फिर से चौंकाया है और पिछले 19 साल की तरह इस बार भी यही दर्शाया है कि पार्टी को 20,000 रुपये से अधिक का कोई चंदा प्राप्त नहीं हुआ है. दरअसल बसपा ने चुनाव आयोग को दिए गए आंकड़े में पार्टी ने 20 हजार रुपये से ज्यादा के दान को शून्य दिखाया है।
पहले के मुकाबले चंदे में हुई इतनी बढ़ोतरी
वित्तीय वर्ष 2023-24 की अपेक्षा 2024-25 के दौरान राष्ट्रीय दलों के कुल चंदे में लगभग 4104.285 करोड़ रुपये (161%) की बड़ी वृद्धि देखने को मिली है.
भाजपा
मिले दान में 171% की वृद्धि हुई है. 2023-24 में 2243.947 करोड़ रुपये मिले थे, तो वहीं 2024-25 में बढ़कर 6074.015 करोड़ रुपये झोली में गिरे.
आप
27.044 करोड़ रुपये चंदे में उछाल देखने को मिला है जो कि 2023-24 के मुकाबले 244% अधिक है. इससे पहले के वित्त वर्ष में पार्टी को 11.062 करोड़ रुपये का दान मिला था.
एनपीपी
1313% की बढ़ोतरी इनके चंदे में हुई है. पिछले वर्ष एनपीपी को केवल 14 लाख 80 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जो 2024-25 में बढ़कर 1.943 करोड़ रुपये हो गए.
कांग्रेस
देश की मुख्य विपक्षी पार्टी. यानी नंबर-2 पार्टी कांग्रेस के दान में 84% की बढ़ोतरी हुई है. यानी 2023-24 में पार्टी को 281.480 करोड़ रुपये मिले थे, जो कि 2024-25 में बढ़कर 517.394 करोड़ रुपये हो गए.
माकपा
पिछले साल पार्टी को 7.641 करोड़ रुपये मिला था जो कि इस वर्ष बढ़कर 16.957 करोड़ रुपये हो गया. यह चंदे में 100 फीसदी से अधिक की बढ़त है.
ये राज्य चंदा देने में आगे
देश की राजधानी दिल्ली राष्ट्रीय दलों को चंदा देने में सबसे आगे है. राजधानी से 2639.48 करोड़ रुपये का चंदा राजनीतिक दलों को मिला है. महाराष्ट्र दूसरे नम्बर पर है. यहां से राजनीतिक दलों को 2438.86 करोड़ रुपये का चंदा मिला. तीसरे नंबर पर गुजरात है जहां से पार्टियों को 309.17 करोड़ मिले.
कॉरपोरेट और व्यक्तिगत दान के आंकड़े कुछ इस तरह हैं
राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को दान का एक बड़ा हिस्सा कॉरपोरेट दान के जरिए मिलता है. 2024-25 के आंकड़ों को देखे तों इस बार भी कुल दान में से कॉरपोरेट दान का हिस्सा 92.18 फीसदी रहा है. इस तरह से राष्ट्रीय दलों को 3,244 कॉर्पोरेट या व्यापारिक घरानों से कुल 6128.787 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त हुआ.तो वहीं 7,900 व्यक्तिगत दानदाताओं ने कुल 505.66 करोड़ रुपये का दान राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को दिया.
भाजपा का कारपोरेट दान
बीजेपी को 2,794 कॉरपोरेट दानकर्ताओं से सबसे अधिक 5717.167 करोड़ रुपये और 2,627 व्यक्तिगत दानदाताओं से 345.94 करोड़ रुपये का चंदा मिला. भारतीय जनता पार्टी ने कॉरपोरेट चंदा जो भी घोषित किया है, वह बाकी सभी राष्ट्रीय दलों को मिले कुल कॉरपोरेट दान 411.62 करोड़ रुपये से 13 गुना अधिक है.
कांग्रेस का कारपोरेट दान
112 कॉरपोरेट दानदाताओं ने कांग्रेस को कुल 383.8605 करोड़ रुपये दान दिए तो वहीं 2,357 व्यक्तिगत दानदाताओं से 132.3885 करोड़ रुपये का चंदा मिला.
सबसे अधिक दान देने वाले दानकर्ता
वित्तीय वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को सबसे ज्यादा चंदा देने वाले शीर्ष 10 दानकर्ताओं में अधिकतर ट्रस्ट के नाम सामने आए हैं तो वहीं सीरम इंस्टीट्यूट का भी नाम इस सूची में शामिल है.
प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट
सबसे बड़ा दानकर्ता रहा इसने कुल 2413.465 करोड़ रुपये का दान दिया. भाजपा को इस ट्रस्ट ने 2180.71 करोड़ रुपये (पार्टी को प्राप्त कुल दान का 35.90%), तो वहीं कांग्रेस को 216.335 करोड़ रुपये (41.81%) और आप को 16.4178 करोड़ रुपये (43.08%) का चंदा दिया.
प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट
इस ट्रस्ट ने भाजपा और कांग्रेस को दो योगदानों के जरिए कुल 834.97 करोड़ रुपये का दान किया.
एबी जनरल इलेक्टोरल ट्रस्ट
16 योगदानों के तहत इसने कुल 621 करोड़ रुपये का दान भाजपा और कांग्रेस को दिया.
न्यू डेमोक्रेटिक इलेक्टोरल ट्रस्ट
सात योगदानों के तहत कुल 155 करोड़ रुपये का चंदा भाजपा और कांग्रेस को दिया.
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
तीन योगदानों के तहत कुल 100 करोड़ रुपये का चंदा भाजपा को दिया.
रुंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड
चार योगदानों के तहत कुल 95 करोड़ रुपये का चंदा बीजेपी को दिया.
वेदांता लिमिटेड
कुल 67 करोड़ रुपये का दान इसने केवल भाजपा को किया.
मैक्रोटेक डेवलपर्स लिमिटेड
कुल 65.00 करोड़ रुपये का दान भाजपा को दिया.
डिराइव इन्वेस्टमेंट्स
कुल 57.50 करोड़ रुपये का दान का सबसे बड़ा हिस्सा भाजपा और कुछ हिस्सा कांग्रेस को दिया.
मॉडर्न रोड मेकर्स प्राइवेट लिमिटेड
52.15 करोड़ रुपये का दान केवल भाजपा को दिया.
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