Air India विमान… इन तारीखों में हुए बड़े हादसे का शिकार, देखें पूरी लिस्ट; भारत के परमाणु वैज्ञानिक भी मारे गए थे प्लेन क्रैश में
Air India Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया प्लेन क्रैश ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. हालत ये है कि जरा भी तकनीकि खराबी अगर प्लेन में सामने आ रही है तो तुरंत प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग की जा रही है या तो प्लेन की उड़ान ही कैंसिल कर दी जा रही है. इससे साफ होता है कि इस हादसे ने किस तरह से विमानन कम्पनियों के दिमाग पर असर डाला है.
बता दें कि 12 जून को एयर इंडिया का पैसेंजर प्लेन बोइंग ड्रीमलाइन 787 क्रैश हो गया था यह अहमदाबाद से लंदन जा रहा था. इस प्लेन में 10 क्रू मेंबर्स के अलावा 242 पैसेंजर्स सवार थे. इस हादसे में सिर्फ एक यात्री बचा है और बाकी सब मारे गए हैं तो वहीं प्लेन जिस इमारत पर गिरा था वह इमारत ट्रेनी डॉक्टरों का हॉस्टल था. जिस वक्त प्लेन इमारत पर गिरा, उस वक्त ट्रेनी डॉक्टर लंच कर रहे थे. इसी दौरान ये हादसा हुआ और 50 से अधिक ट्रेनी डॉक्टर व इस इमारत के आस-पास जो लोग भी थे वो भी जलकर राख हो गए हैं.
इसी बीच सोशल मीडिया पर अतीत में हुए एयर इंडिया विमान हादसों की डिटेल वायरल हो रही है, जो कि दिल दहला देने वाली है.
जानें कब-कब हुए बड़े हादसे?
अगस्त की 7 तारीख और साल 2020
एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट 1344
विमान: बोइंग 737-800
स्थान: कोझिकोड, भारत
मौतें: 21 (191 यात्रियों के साथ ही चालक दल विमान में थे और 2 पायलट की मौत हो गई थी)
कारण: भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच लैंडिंग के दौरान विमान रनवे से फिसल गया था. विमान एक घाटी में गिर गया और दो हिस्सों में टूट गया था. यह विमान दुबई से कोझिकोड आ रहा था. जांच में पायलट की गलती के साथ ही खराब मौसम को जिम्मेदार ठहराया गया था.
मई की 22 तारीख और साल 2010
एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट 812
विमान: बोइंग 737-800
स्थान: मंगलौर, भारत
मौतें: 158 (166 यात्रियों और चालक दल में से)
कारण: दुबई से मंगलौर यह विमान आ रहा था. जैसे ही लैंडिंग की तो रनवे से आगे निकल गया और पिर एक पहाड़ी से टकरा गया था जिससे विमान में आग लग गई थी. इस मामले में हुई जांच में पायलट की ही गलती मानी गई थी.
जून की 23 तारीख और साल 1985
एयर इंडिया फ्लाइट 182 (कनिष्क बम विस्फोट)
विमान: बोइंग 747-237B (सम्राट कनिष्क)
स्थान: अटलांटिक महासागर, आयरलैंड के तट के पास
मौतें: 329 ( चालक दल सहित सभी यात्री)
कारण: यह फ्लाइट टोरंटो से लंदन, फिर दिल्ली और मुंबई जा रही थी. यह विमान हादसा आतंकवादी हमले की वजह से हुआ था. दरअसल, बैंकुवर से भेजे गए कार्गो में रखा बम हवा में फट गया. जांच में सिख उग्रवादी संगठन बब्बर खालसा को जिम्मेदार ठहराया गया. यह कनाडा के इतिहास का सबसे घातक आतंकवादी हमला और एयर इंडिया का सबसे बड़ा हादसा था.
जून की 21 तारीख और साल 1982
एयर इंडिया फ्लाइट
विमान: बोइंग 707-400
स्थान: मुंबई, भारत
मौतें: 17 (99 यात्रियों में से 15 और 12 चालक दल में से 2)
कारण: रात का समय था और तेज बारिश हो रही थी.लैंडिंग के बाद विमान रनवे से फिसल गया था. चालक दल ने गो-अराउंड करने का प्रयास किया लेकिन विमान स्टॉल हो गया और रनवे पर फिर से गिर गया था. जांच में हादसे की वजह मौसम की खराबी के साथ ही पायलट की गलती भी आई थी.
जनवरीकी एक तारीख और साल 1978
एयर इंडिया फ्लाइट 855
विमान: बोइंग 747-237B (सम्राट अशोक)
स्थान: अरब सागर, मुंबई, भारत
मौतें: 213 (चालक दल के साथ सभी यात्री)
कारण: विमान टेकऑफ के दो मिनट बाद क्रैश हो गया था. यह बड़ा हादसा मुंबई के तट से करीब 3 किमी दूर अरब सागर में हुआ था. उस समय एयर इंडिया का यह सबसे घातक हादसा था.केस की जांच में पाया गया था कि स्थानिक भटकाव (spatial disorientation) और उड़ान उपकरणों की खराबी की वजह से ये हादसा हुआ था.
जनवरी की 24 तारीख और साल 1966
एयर इंडिया फ्लाइट 101
विमान: बोइंग 707-437
स्थान: मॉन्ट ब्लांक, फ्रांस
मौतें: 117 (चालक दल के साथ सभी यात्री)
हादसे का कारण: ये हादसा भी मॉन्ट ब्लांक के पास हुआ था और जेनेवा में उतरने से पहले विमान ग्लेशियर से टकरा गया था.जांच में पाया गया था कि पायलट की गलती और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ गलत कम्युनिकेशन को कारण यह हादसा हुआ था. तो वहीं इस हादसे को साजिश की नजर से भी देखा जाता है क्योंकि इस प्लेन में भारत के परमाणु वैज्ञानिक डॉ. होमी जहांगीर भाभा भी सवार थे.
नवम्बर की 3 तारीख और साल 1950
एयर इंडिया फ्लाइट 245
विमान: लॉकहीड L-749A कॉन्स्टेलेशन
स्थान: मॉन्ट ब्लांक, फ्रांस
मौतें: 48 (चालक दल के साथ सभी यात्री)
हादसे का कारण: यह विमान हादसा खराब मौसम और नेविगेशन में हुई गड़बड़ी के कारण हुआ था.यह प्लेन लंदन से बॉम्बे (अब मुंबई) जा रहा था. इसे जेनेवा में उतरना था लेकिन इससे पहले ही यह मॉन्ट ब्लांक के ग्लेशियर से टकरा गया. इस केस में हुई जांच में सामने आया था कि पायलट ने गलत ऊंचाई पर उड़ान भरी थी. इसी वजह से यह हादसा हुआ.