स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में अखिलेश और जगद्गुरु रामभद्राचार्य आमने-सामने; सपा मुखिया को कहा “नमाजवादी”-Video
Jagadguru Rambhadracharya and Akhilesh Yadav clash over Swami Avimukteshwaranand Saraswati’s case:
प्रयागराज ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मामले में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य को सरकारी जगद्गुरु तक बोल दिया तो वहीं रामभद्राचार्य महाराज ने अखिलेश पर पलटवार किया है और उन्हें ‘नमाजवादी’ तक कह दिया है.
बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती पर प्रयागराज माघ मेले में यौन शोषण का आरोप लगाकर वहां की पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है. तो वहीं यूपी में इसी मामले को लेकर लगातार सियासत तेज चल रही है. जहां एक ओर अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने कहा है कि अगर मेरे ऊपर कोई आरोप लगा है तो पुलिस इसकी जांच करवाए, मैं पूरी तरह से इसका सहयोग करने को तैयार हूं, ताकि जल्दी से मेरे ऊपर लगे कलंक का निस्तारण हो सके. इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि कहानी गढ़कर मेरे ऊपर झूठा आरोप लगाया गया है.
भाजपा हटाओ, सनातन बचाओ!
सच्चे संतों का अपमान करके भाजपा ने फिर साबित कर दिया है कि सिवाय अपनी पैसों की भूख और ख़ुदगर्ज़ी के, वो किसी की भी सगी नहीं है। भाजपाई की ये पुरानी ‘कु-कार्यशैली’ है कि जो भी भाजपाइयों के ज़ुल्म, ज़्यादती और जुर्म के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है, उसे भाजपाई… pic.twitter.com/aZoTz4KH4A
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 23, 2026
मालूम हो कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगी के खिलाफ यौन शोषण का मामला आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा दर्ज कराया गया है. हालांकि शंकराचार्य ने आशुतोष को ही हिस्ट्रीशीटर बताया है तो वहीं इस पूरे विवाद में जमकर सियासत हो रही है. दूसरी ओर धर्माचार्यों की भी अब इस मामले में एंट्री हो गए है जिससे ये मामला अब तूल पकड़ता दिख रहा है.
अखिलेश ने लगाया गम्भीर आरोप
तो वहीं अविमुक्तेश्वरानन्द के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसकी निन्दा की थी. इसी के साथ ही जगद्गुरु रामभद्राचार्य को सरकारी जगद्गुरु कह कर सम्बोधित किया था. रविवार को अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस की और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोप व एफआईआर पर कड़ी आपत्ति जताई थी. साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ और जगद्गुरू रामभद्राचार्य को इसका जिम्मेदार ठहराया. इसके अलावा दावा किया कि शंकराचार्य कि खिलाफ जो शिकायत दर्ज कराई गई है उसके पीछे रामभद्राचार्य और उनके चेले का हाथ है.
अखिलेश यादव पूज्य शंकराचार्य जी के समर्थन मे आये,उन्होंने कहा
अगर शंकराचार्य जी पर मुक़दमा दर्ज करवाने वाला उनका चेला है तो मुझसे एक गलती हुई है
हमने कभी रामभद्राचार्य पर 420 का मुक़दमा वापस लिया था, हमे उन्हें जेल भेज देना चाहिए था.. pic.twitter.com/MrZOzLZAUF
— उपदेश त्रिपाठी (@UpdeshTripathi) February 22, 2026
इसके अलावा अखिलेश यादव ने अपने शासनकाल की बात बताते हुए कहा कि जब उनकी सरकार थी तो रामभद्राचार्य पर 420 का मुकदमा दर्ज हुआ था, मुझसे गलती हुई, उन पर दर्ज मुकदमे को हमने वापस ले लिया था, मुझे उन्हें उसी समय जेल भेज देना चाहिए था.
रामभद्राचार्य महाराज ने किया ये पलटवार
तो वहीं अखिलेश के आरोप लगाने के बाद रामभद्राचार्य ने भी पलटवार किया और उन्हें ‘नमाजवादी’ बताते कहा है कि अखिलेश द्वारा लगाया गया आरोप कोरा भ्रम है. दरअसल वह रविवार को यूपी के बस्ती में पहुंचे थे. यहां पर वह श्री राम कथा के आयोजन में शामिल होने आए थे. इसी दौरान मीडिया के सवालों के जवाब देने के दौरान उन्होने ये बात कही.
डर सबको लगता है गला सबका सूखता है
यह डायलॉग रामभद्राचार्य पर सटीक बैठ रहा हैअखिलेश यादव जी ने कहा था रामभद्राचार्य का केस हमारे पास आया था हमने कार्रवाई नहीं की थी।
पत्रकारों ने जब इस पर बात की तो रामभद्राचार्य ने चुप्पी साध ली उन्हें भी पता है 2027 में फिर आ रहे हैं। pic.twitter.com/tkL4fR6vh4
— Bhanu Nand (@BhanuNand) February 23, 2026
ये भी पढ़ें-कबाड़ में मिला 1.5 लाख का सोना…हाजी अख्तर ने असली मालिक को लौटाया-Video