राम मंदिर के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा…सम्भाली थी ऑपरेशन सिंदूर की कमान; 3 नए सदस्यों के नाम भी घोषित

September 2, 2026 by No Comments

Share News

Ayodhya Ram Mandir First CEO: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) को लेकर घोषणा हो चुकी है. पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की कमान सम्भाली थी को ट्रस्ट का पहला सीईओ चुना गया है. इसी के साथ ही तीन नए सदस्यों के नाम की भी घोषणा की गई है.

बुधवार यानी आज अयोध्या की मणिरामदास छावनी में महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में ट्रस्ट की बैठक हुई जिसमें सर्वसम्मति से ये निर्णय लिया गया. बैठक में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ ही आमंत्रित सदस्य भी मौजूद रहे.

तीन सदस्यों के नाम

बैठक के दौरान अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और अयोध्या की निर्मला यादव को तीन नए सदस्यों के रूप में शामिल किया गया है.

चार दशक रहे हैं वायुसेना में

एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ ) नियुक्त किया गया है। वह मूल रूप से देवरिया जिले के भाटपाररानी क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। मालूम हो कि वह भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक रहे और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली है. अब वह राम मंदिर की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को नई दिशा देंगे। माना जा रहा है कि उनके आने के बाद राम मंदिर की व्यवस्था में व्यापक सुधार देखा जाएगा. बता दें कि हाल ही में राम मंदिर में दान चोरी के बाद जमकर घमासान मचा था. उसी के बाद सीईओ नियुक्त करने की प्रक्रिया सामने आई थी.

18 से अधिक विमानों पर भरी उड़ान

जीतेंद्र मिश्रा ने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया था। अगर उनके सैन्य करियर की बात करें तो लंबे सैन्य करियर में उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के विमानों पर उड़ान भरी है. वह 3,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव हासिल कर चुके हैं। वह कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर भी रहे हैं. अपनी मेहनत और लगन से देवरिया के छोटे से गांव भोपतपुरा से निकले जितेंद्र मिश्रा ने पहले भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व पर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई तो वहीं अब अयोध्या के राम मंदिर के पहले सीईओ के रूप में नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं.

अमेरिका और ब्रिटेन का भी अनुभव

जितेंद्र मिश्रा ने एकीकृत रक्षा स्टाफ में उप प्रमुख (सिद्धांत, संगठन एवं प्रशिक्षण) जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को भी संभाल चुके हैं। यही नहीं देश के साथ ही अमेरिका और ब्रिटेन के प्रतिष्ठित रक्षा संस्थानों से प्रशिक्षण हासिल करने वाले जितेंद्र मिश्रा के पास बड़े संगठन के संचालन और नेतृत्व का व्यापक अनुभव है.

सैन्य अनुशासन के बाद मिली अब मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी

राम मंदिर अब निर्माण के चरण से आगे बढ़ चुका है और व्यवस्थित संचालन और वैश्विक धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है. इसलिए जितेंद्र मिश्रा की जिम्मेदारी को काफी अहम माना जा रहा है. चूंकि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही यहीं बनी हुई है. दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, कर्मचारी प्रबंधन, सुविधाओं का विस्तार के साथ ही विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय जैसी बड़ी जिम्मेदारियों को वह बखूबी निभा सकते हैं, ऐसा माना जा रहा है. इसीलिए उनको सीईओ के लिए चुना गया.

राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य और स्थाई सदस्यों की सूची

के. परासरन- सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य।
महंत नृत्य गोपाल दास- अध्यक्ष, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट।
स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज – कोषाध्यक्ष.
कृष्ण मोहन- अंतरिम महासचिव।
जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज- सदस्य (प्रयागराज)।
जगतगुरु मध्वाचार्य स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ जी महाराज- सदस्य (पेजावर मठ, उडुपी)।
युगपुरुष परमानन्द जी महाराज- सदस्य (हरिद्वार)।
महंत दिनेंद्र दास – सदस्य (निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि)।
निर्मला यादव- नई महिला ट्रस्टी (शिकोहाबाद)।
मदन मोहन पांडे- नए ट्रस्टी (अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता)।
महेश भागचंदका- नए ट्रस्टी (दिल्ली)।

पदेन और सरकारी सदस्यों की सूची

नृपेंद्र मिश्रा- अध्यक्ष, मंदिर निर्माण समिति।
प्रशांत लोखंडे- केंद्र सरकार के प्रतिनिधि।
संजय प्रसाद- उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि।
शशांक त्रिपाठी- जिलाधिकारी अयोध्या।

ये भी पढ़ें-‘चढ़ावा चोरी पाप ही नहीं महापाप है…’, राम मंदिर दान गबन मामले में बोले कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री-Video