Bahraich Violence: एक हाथ में पिस्टल दूसरे में चश्मा…बुलेटप्रूफ जैकेट भी नहीं…फिल्मी स्टाइल में प्रदर्शनकारियों के पीछे दौड़े STF प्रमुख अमिताभ यश-बोले ‘मारो…’-Video

October 14, 2024 by No Comments

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Bahraich Violence:उत्तर प्रदेश के बहराइच में मूर्ति विसर्जन यात्रा के दौरान हुई हिंसा आज दूसरे दिन भी थमने का नाम नहीं ले रही है. इसी दौरान बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स बहराइच में मोर्चा सम्भाले है तो वहीं यूपी एसटीएफ प्रमुख और एडीजी लॉ एंड आर्डर IPS अमिताभ यश (Amitabh Yash) का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह बिना बुलेटप्रूफ जैकेट के हाथ में पिस्टल लेकर उपद्रियों के पीछे दौड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस दौरान उनके दूसरे हाथ में काला चश्मा भी दिखाई दे रहा है.

30 लोगों को लिया गया हिरासत में

बता दें कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए बवाल के बाद सोमवार को एक बार फिर से आगजनी और तोड़फोड़ की गई। कई दुकानों और घरों में तोड़फोड़ की गई। तो दूसरी ओर बाइक के शोरूम और एक अस्पताल में भी आग लगा दी गई है। वाहनों को भी आग में झोंक दिया गया. तमाम दवाइयों को जला दिया गया है। मामला बिगड़ता देख बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. इसके अलावा आस-पास के इलाकों से भी पुलिस बुलाई गई है. मामले को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने मार्च किया। स्थिति को देखते हुए गृह सचिव संजीव गुप्ता और एडीजी (कानून-व्यवस्था) और एसटीएफ चीफ अमिताभ यश को शासन द्वारा मौके पर भेजा गया है। अभी तक 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

गौरतलब हो कि बहराइच में महसी तहसील के महराजगंज कस्बे में गाने को लेकर कहा-सुनी इतनी बढ़ी की हिंसा में बदल गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद के बाद दूसरे समुदाय के युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे दुर्गा प्रतिमा खंडित हो गई. इसी के बाद पूजा समिति के सदस्यों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया तो दूसरे समुदाय के लोगों ने रामगोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो रामगोपाल मिश्रा को बचाने के लिए पहुंचे राजन भी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना से दूसरे दिन भी पूरे जिले में विरोध प्रदर्शन जारी है. विसर्जन कमेटी के लोगों ने बहराइच-सीतापुर हाईवे पर चहलारी घाट पुल के पास जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बहराइच-लखनऊ हाईवे भी जाम कर दिया गया है.

शव को लेकर निकली भीड़ को पुलिस ने रोका

मालूम हो कि सांप्रदायिक हिंसा में जान गंवाने वाले रामगोपाल मिश्रा का पोस्टमार्टम सुबह सात बजे पूरा हुआ। इसके बाद शव उनके घर की तरफ रवाना किया गया था। इस घटना के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है. हिंसा में मारे गए युवक के शव को लेकर भीड़ सोमवार को निकली तो पुलिस ने रास्ते में रोक दिया. इसके बाद ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ सड़कों पर उतर आए। तो वहीं विरोध प्रदर्शन के हिंसक होने के कारण पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कि‍या। इस दौरान भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह भी मौके पर मौजूद रहे. तो वहीं पुलिस ने समझाया तो परिवार शव लेकर घर चला गया लेकिन भीड़ आक्रोशित हो गई औऱ उन्होंने महसी तहसील की मेन मार्केट में आगजनी कर दी.

मृतक के भाई ने लगाया ये आरोप

मृतक गोपाल के भाई वैभव मिश्रा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि हम लोग मूर्ति ले जाकर जा रहे थे। तभी अब्दुल हमीद के घर से अचानक पथराव शुरू हो गया। मौके पर पुलिस मौजूद थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की. हमारे बड़े भाई ने आगे बढ़कर उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन लोगों को धक्का देकर अंदर कर दिया। इस दौरान 15 से 20 गोलियां चलीं। पुलिस ने हम लोगों पर ही लाठीचार्ज कर दिया। इस पूरी घटना में पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है. हमारी मांग है कि थाना पुलिस पर कार्रवाई हो।

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