Bhavishya Malika Predictions: कब होगा तीसरा विश्वयुद्ध और कैसा होगा भारत…? जानें भविष्य मालिका में क्या लिखा संत अच्युतानंददास ने
Bhavishya Malika Predictions: इन दिनों सोशल मीडिया पर कथावाचकों के वो वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं जिसमें वो भविष्यमालिका की भविष्यवाणियों का जिक्र कह रहे हैं और बता रहे हैं कि इसके मुताबिक तीसरा विश्वयुद्ध कब होगा? एक वीडियो में कथावाचक देवकीनन्दन ठाकुर ने दावा भविष्यमालिका की भविष्यवाणी को लेकर दावा किया है कि साल 2025 से लेकर 2032 तक का समय दुनिया के लिए बहुत ही खराब है. इस दौरान विश्व युद्ध हो सकता है और साल 2032 के बाद फिर से सतयुग जैसी स्थिति बनेगी.
फिलहाल ये बातें कितनी सही है ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल भविष्यमालिका की भविष्यवाणियों पर अगर नजर डालें तो पता चलता है कि 16वीं सदी में संत अच्युतानंददास ने ‘भविष्य मालिका’ नाम की पुस्तक लिखी थी और इसमें कलयुग के अंत और दुनिया के महाविनाश की भविष्यवाणियां की थी.
जगन्नाथ मंदिर को लेकर की भविष्यवाणी
सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के मुताबिक, संत अच्युतानंददास की अधिकतर भविष्यवाणियां जगन्नाथ मंदिर को लेकर हैं. दरअसल अच्युतानंद ओडिशा राज्य में ही रहते थे और उस सदी में जगन्नाथ मंदिर भारतवर्ष में दिव्यता का एक बड़ा उदाहरण था. कहा जाता है कि दुनिया भर में होने वाले बदलावों का असर सबसे पहले जगन्नाथ मंदिर पर ही देखने को मिलता था. तो वहीं माना जाता है कि संत अच्युतानंददास की भविष्यवाणी के मुताबिक, जगन्नाथ मंदिर में बदलाव देखने को भी मिला है तो वहीं उनके द्वारा लिखी गई भविष्य मालिका में देश-दुनिया के बारे में और भी कई चौंकाने वाली भविष्यवाणियां मिलती हैं.
बदल जाएगी धरती की धुरी
संत अच्युतानंद ने भविष्यमालिका में दावा किया है कि कलयुग के दौरान धरती पर इतने अधिक भूकंप आएंगे कि पूरी धरती अस्त-व्यस्त हो जाएगी और इसकी धुरी ही बदल जाएगी.
आसमान में दिखेंगे 2 सूर्य
संत अच्युतानंद ने भविष्यमालिका में लिखा है कि कलयुग की चरम सीमा आने से कुछ पहले आसमान में दो सूर्य नजर आएंगे. हालांकि ये दो सूर्य नहीं होंगे बल्कि यह कोई पिंड होगा, जिसको देखने पर ये सूर्य की तरह आभास होगा. भविष्यमालिका में उन्होंने दावा किया है कि यह उल्कापिंड बंगाल की खाड़ी में गिरेगा, जिससे कि पूरा ओडिशा और आस-पास के शहर पूरी तरह से पानी में डूब जाएंगे.
तीसरा विश्वयुद्ध छिड़ेगा
संत अच्युतानंद ने भविष्यमालिका 16वीं सदी में लिखी थी और तभी उन्होंने तीसरे विश्वयुद्ध की भविष्यवाणी कर दी थी और इसमें लिखा कि दुनिया में तीसरा विश्वयुद्ध होगा. इसमें भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने तीसरे विश्वयुद्ध को लेकर लिखा है कि यह कलयुग के अंत समय से कुछ पहले होगा और यह 6 साल और 6 माह तक चलेगा. भविष्यमालिका में ये दावा किया गया है कि पर चीन और इस्लामिक देश मिलकर आक्रमण करेंगे जिसका भारत डटकर सामना करेगा और इस विश्वयुद्ध में विजयी होगा व विश्वगुरु बनकर सामने आएगा और इसके बाद दुनिया में सतयुग जैसी स्थिति बनेगी.
धरती को घेर लेगा अंधेरा
भविष्यमालिका में संत अच्युतानंद ने दावा किया है कि धरती पर एक के बाद एक कई प्राकृतिक आपदाएं तेजी से आएंगी और इसकी वजह से धरती पर 7 दिनों तक घनघोर अंधेरा छा जाएगा. कहीं तेज आंधियां तो कहीं तेज भूकंप आएगा और कहीं बाढ़ आएगी जिससे चारो तरफ मानव परेशान हो जाएगा.
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