जान के मरवइले बाड़ें हमार लइका के…एनकाउंटर में मारे गए समाजसेवी भरत तिवारी की मां ने सीएम को कहा भला-बुरा; अंतिम यात्रा में शामिल हुए लाखों लोग-Video

June 19, 2026 by No Comments

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Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर में पुलिसकर्मियों द्वारा गलत तरीके से किए गए एनकाउंटर को लेकर राज्य पुलिस तो सवालों के घेरे में है ही साथ ही सीएम सम्राट चौधरी भी अपने एक बयान की वजह से निशाने पर हैं. बता दें कि भोजपुर (आरा) पुलिस ने बुधवार, 17 जून को भरत भूषण तिवारी नाम के युवक का एनकाउंटर उस वक्त कर दिया जब उसने खुद को आत्मसमर्पण कर दिया था और बंदूक भी पुलिस के सामने फेंक दी थी.

इसी के बाद पुलिस ने उसे पांच गोलियां मारी, जिससे उसकी मौत हो गई. गांव से लेकर सोशल मीडिया पर पुलिस की इस कार्रवाई को लोग हत्या कह रहे हैं.

तो वहीं भरत तिवारी की मां और बहन का वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में मां ने सीएम सम्राट चौधरी को श्राप दिया है और कहा है कि उनके बेटे को जानबूझकर मरवाया गया है. दूसरी ओर इस मामले में चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है लेकिन लोग पुलिकर्मियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं.

बता दें कि एनकाउंटर से एक दिन पहले मंगलवार को पुलिस ने भरत भूषण को ‘मानसिक अस्वस्थ’ बताया था और फिर एक दिन बाद ही उसका एनकाउंटर कर दिया. इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई.

भोजपुर के एसपी ने प्रेस रिलीज़ जारी कर कहा कि “पुलिस टीम द्वारा खुद और लोगों की सुरक्षा के लिए गोली चलाई गई थी जो भरत भूषण के पांव में लगी.” इस पर लोग सवाल खड़े कर रहे हैं कि जब भरत ने पिस्तौल पुलिस के सामने फेंक दी थी तब भला पुलिस को क्या डर था. गांव के लोगों के वीडियो सामने आए हैं जिसमें लोग कहते दिख रहे हैं कि सरेंडर करने के बाद गोली कौन मारता है. जानबूझकर भरत को मार गया है.

मालूम हो कि गोली लगने से पहले भरत भूषण ने अपने फ़ेसबुक अकांउट पर लाइव थे जिसमें साफ दिख रहा है कि उन्होंने अपनी पिस्टल पुलिस की तरफ फेंक दी थी और इसी के बाद पुलिस आत्मरक्षा के नाम पर उनके ऊपर गोली चलाती है. हालांकि इस वीडियो की पुष्टि खबर स्टिंग नहीं करता है.

कहां से शुरू हुआ विवाद?

बता दें कि बिहार के भोजपुर ज़िले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी एक समाजसेवी थे और वह गांव की समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन से शिकायत करते रहते थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ दिन पहले भरत भूषण ने एक फ़ेसबुक पोस्ट करके सरकारी कामकाज के तरीके पर अपनी नाराज़गी जताई थी और एक अधिकारी का ‘एनकाउंटर’ करने तक की बात कही दी थी.

bihar police

इसके बाद भरत भूषण का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया था. इसके बाद स्थानीय पुलिस उनके घर गई. तो वहीं पुलिस ने दावा किया कि उन्होंने भरत भूषण को समझाने का प्रयास किया लेकिन भरत ने पिस्टल निकाल ली. इस सम्बंध में भी एक वीडियो सामने आया है जिसमें भरत भूषण की मां अपने बेटे को समझाती दिख रही हैं. इस वीडियो को भी भरत भूषण ने अपने फ़ेसबुक पेज पर डाला था.

16 जून को पुलिस ने दिया ये बयान

इसके बाद 16 जून को भोजपुर पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए दावा किया कि भरत तिवाली मानसिक रूप से अस्वस्थ है. उन्हें तत्काल उचित इलाज के लिए मानसिक आरोग्यशाला भेजने की आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. संबंधित व्यक्ति के पास मौजूद हथियार और व्यक्ति पर नियंत्रण का प्रयास किया जा रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.

ये मांग कर रहे थे भरत तिवारी

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि भरत लगातार मांग कर रहे थे कि उनके गांव की स्थिति ठीक की जाए और मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति की जाए. भरत का आरोप था कि जो वादे नेता और अधिकारी करते हैं उसे वे पूरा नहीं करते. बताया जा रहा है कि तीन दिन तक पुलिस को भरत ने चुनौती दी. कई बार उन्होंने फ़ेसबुक लाइव किया, पुलिस पर गोली चलाई. दरअसल पिछले साल बाढ़ के दौरान हुए कटाव का मुद्दा भरत लगातार उठा रहे थे और इस पर सरकार की तरफ़ से कदम नहीं उठाए जाने से वह नाराज़ थे. वह गांव में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय थे और गांव वालों की मदद किया करते थे.

इतनी लगी थी गोली

पुलिस द्वारा एनकाउंटर किए जाने के बाद भरत तिवारी को सदर अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सक एमएच अंसारी ने मीडिया को जानकारी दी कि “मरीज को कमर के निचले हिस्से में चार गोलियां लगी थीं. गोली निकाल दी गई लेकिन मरीज़ की हालत ठीक नहीं है. उसे बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच (पटना) रेफ़र किया गया. जहां इलाज के दौरान भरत की मौत हो गई. इसी के बाद जनमानस में गुस्सा फूट पड़ा है.

पिता ने लगाए ये आरोप

भरत भूषण के पिता कासीनाथ तिवारी का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया है कि बुधवार की सुबह से हमको थाने में बैठा कर रखा गया और गांव में मेरे बेटे को गोली मार दी गई. उन्होने आगे कहा कि मेरा बेटा कोई अपराधी नहीं था. सिर्फ उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था. मुझको शाम को थाने से छोड़ा गया. उनसे पुलिस वालों ने बताया था कि उसके पांव में गोली लगी है. पिता ने रोते हुए कहा कि इतना पुलिस बल था और निहत्थे को ये लोग नहीं पकड़ सके. ये पूरी योजना के साथ पुलिस वालों ने जानबूझकर मेरे बेटे को मारा है.

एनकाउंटर से पहले भी किया लाइव

बता दें कि भरत के साथ शासन-प्रशासन में इस तरह से ठनी थी कि वह लगातार समस्याओं को लेकर फेसबुक लाइव करते थे. तो वहीं बीते मंगलवार से जब पुलिस और भरत भूषण के बीच तनाव चलने लगा तो रहा था. भरत भूषण कभी अपने फ़ेसबुक पेज से लाइव आकर तो कभी इस तनाव का वीडियो डालकर सभी घटनाओं को सार्वजनिक कर रहे थे.

एनकाउंटर होने से पहले भी उन्होंने फेलबुक लाइव किया था जिसमें साफ दिख रहा है कि एक मैदान है जिसमें एक तरफ़ पुलिस खड़ी है तो वहीं दूसरी तरफ़ भरत हैं साथ ही बड़ी संख्या में गांव के लोग हैं जो पुलिस से बार-बार कह रहे हैं कि गोली मत चलाना. तो वहीं भरत भी लाइव आकर अपनी बात रख रहे हैं. इस लाइव में वो अपनी पिस्टल पुलिस की तरफ फेंकते हुए दिखते हैं लेकिन इसी के बाद ही वीडियो ख़त्म हो जाता है. बताया जा रहा है कि इसी के बाद पुलिस आत्मरक्षा के नाम पर भरत पर गोली चला देती है.

जबकि पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया है कि “भरत भूषण पुलिस पर लगातार रुक-रुककर फ़ायरिंग करता रहा.

मेरा बेटा उठा रहा था समाज का मुद्दा

भरत भूषण की मां आशा देवी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह कहते दिख रहा हैं कि जवनिया गांव में बीते साल बाढ़ आई थी और ये इलाका भाढ़ प्रभावित है. यहां के लोग आए थे कि उनके यहां मिट्टी भराव का काम नहीं हो रहा है. मेरे बेटे ने समाज का मुद्दा उठाया. जब उसने सरेंडर कर दिया था तो पुलिस ने उसे क्यों मारा?

भरत तिवारी की बहन का वीडियो

अंतिम यात्रा में शामिल हुए लाखों लोग

सोशल मीडिया पर भरत तिवारी के अंतिम यात्रा का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें साफ दिख रहा है कि बड़ी संख्या में लोग भरत तिवारी की अंतिम संस्कार में शामिल हुए. खबरों के मुताबिक, पुलिस के दबाव में अंतिम यात्रा रात को निकाली गई लेकिन फिर भी लाखों की संख्या में लोग पहुंचे. लगभग 5kmलम्बी यात्रा निकली.

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