कार्यशाला का समापन प्रतिभागियों के उत्साह, सकारात्मक प्रतिक्रिया और कला के प्रति नई सीख के साथ हुआ।
उनका नाम विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों तथा शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूचियों में भी शामिल रहा है।
साल 2000 में नागार्जुन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री ली.
बैठक की अध्यक्षता कार्यकारी अध्यक्ष डा. प्रमोद कुमार मिश्र, पूर्व एमएलसी ने की तथा संचालन महामंत्री नरेंद्र कुमार वर्मा ने किया।
आईआईटी बॉम्बे में एक छात्र ने आत्महत्या कर ली थी और इसी के बाद ये मुद्दा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ.
इस पर दीपांशु ने ऐसा करने से इनकार करते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ही चुनावी मैदान में कूद गए और खुलकर बगावत की.
इन कार्यो के पूर्ण होने से वाचनालय कक्ष अब विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए अधिक स्वच्छ, सुव्यवस्थित, सुविधाजनक एवं अध्ययन के अनुकूल वातावरण में उपलब्ध होगा।
विश्वविद्यालय परिसर के बीटेक, डिप्लोमा के 100 छात्रों ने 49 टीम के रूप में विभिन्न समस्याओं के समाधान का आइडिया प्रस्तुत किया।
विद्यार्थियों ने आक्रामक और चुनौतीपूर्ण व्यवहार के प्रबंधन के लिए व्यवहार प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी।
दूरदर्शन का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है और आज की डिजिटल पीढ़ी को इसके इतिहास और सामाजिक सरोकारों को समझना चाहिए।