कंपनी आईबीएम के साथ मिलकर शिक्षकों को पांच दिवसीय एफडीपी का आयोजन कर रहा है। आइबीएम विश्वविद्यालय के शिक्षकों को इस नई तकनीकी में प्रशिक्षण देगी।
99.60 प्रतिशत अंक जबकि अफशान अहमद, दिव्यांश कुशवाहा एवं फरहीन खान ने 99.40 प्रतिशत अंक अर्जित कर अपने मेधात्व का परचम लहराया है।
2016 की राजाज्ञा से आच्छादित शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने, वंचित तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण आदि प्रमुख मांगे सम्मिलित है।
24 अप्रैल को न्यू सनबीम स्कूल में एक प्रोग्राम था. इसी दिन एक स्टूडेंट के पेरेंट्स स्कूल में प्रिंसिपल से कुछ बात करने के लिए गए थे.
तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग से दिव्यांगजनों तक सुविधाओं की पहुंच को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है।
अवसर को पहचान कर स्टार्टअप कार्य करें। अपनी कमियों को पहचान कर बेहतर ढंग से आगे आना होगा।
यह कार्यक्रम गुरु-शिष्य परंपरा, शिक्षा के मानवीय मूल्यों और प्रतिभा सम्मान की भावना का एक सुंदर उदाहरण बनकर सभी के मन में विशेष छाप छोड़ गया।
अधिक से अधिक संख्या में धरने में पहुंचें, ताकि शिक्षकों के हितों को सुरक्षित रखने वाले प्रदर्शन को सफल बनाया जा सके.
बीटेक में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने पर भी बैठक में चर्चा की गयी. इसके लिए जल्द ही कार्यक्रम जारी किया जाएगा.
विश्वविद्यालय की ओर से उपरोक्त पाठ्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून 2026 है.