Brahmin Samaj: चाणक्य ब्राह्मण महासभा ने किया अनोखा काम, वैवाहिक जीवन के 50 वर्ष पूर्ण करने वाले 51 जोड़ों का किया सम्मान, खिले बुजुर्ग दम्पत्तियों के चेहरे, सनातनियों को दिया ये संदेश
भोपाल। चाणक्य ब्राह्मण महासभा ने अनोखा काम करते हुए उन बुजुर्ग दम्पत्तियों का सम्मान किया, जिन्होंने वैवाहिक जीवन के 50 वर्ष साथ-साथ पूरे किए। कार्यक्रम का आयोजन मध्य प्रदेश के कटनी के भगवान परशुराम मंदिर प्रांगण में हुआ। इस मौके पर करीब 51 दम्पत्तियों का सम्मान हुआ। इस मौके पर बुजुर्ग दम्मपत्तियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।

50 वर्ष वैवाहिक जीवन के पुर्ण कर चुके विप्र दम्पतीयो का स्वर्णिम गोरव शाली सम्मान समारोह आयोजन मे भारतवर्ष के विभिन्न प्रान्तो से पधारे राष्ट्रीय पदाधिकारियों में कानपुर से राष्ट्रीय महामंत्री पं.महेश मिश्रा,रायपुर से पं.रज्जन अग्नीहोत्री, सहमंत्री, देवास से पं.धर्मेन्द्र मिश्रा राष्ट्रीय मत्री अ.भा.कान्यकुब्ज महासभा, सतना से आर.पी.शुक्ला राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भिलाई दुर्ग से पॅ.श्याम तिवारी राष्ट्रीय मंत्री, जबलपुर से पं.कमल तिवारी सह सचिव,सतना से रमेश अग्नीहोत्री सह सचिव,राष्ट्रीय महिला मंच की राष्ट्रीय मंत्री शशी अग्न्होत्री सतना, राष्ट्रीय मंत्री बीके मिश्रा रीवा से राजेश पाण्डे,अयोध्या से श्रीवत्स जी महाराज भागवता चार्य तथा शहर के स्मानीत गणमान्य नागरीक विधायक, महापौर, जनपद अध्यक्ष , अध्यक्ष-बार एसोसिएशन तथा शहर के सामाजिक संगठनो के पदाधिकारी गण इस आयोजन मे उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के संयोजक चाणक्य ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष पं.रमाकान्त दीक्षित (पप्पु) भैया एवं समस्त पदाधिकारी गणो द्वारा सभी बाहर से आऐ अतिथियो एवं 51 युगल विप्र दम्पतीयो के 50 वर्ष वैवाहिक जीवन के पुर्ण कर चुके दंपत्तियों का शाल, श्रीफल,चुनरी,एवं अभिनन्दन पत्र, देकर जयमाला कराकर सम्मान किया गया। जो देश का एक पहला स्वर्णिम आयोजन रहा। बाहर से आए सभी अतिथियो ने इस गैरवशाली आयोजन के लिए कटनी के सभी विप्र बन्धुओ एवं कार्यक्रम संयत्रोजक पं.रमाकान्त दीक्षित (पप्पुभय्या) एवं पं.रामकिशोर शर्मा,पं सतीश त्रिपाठी, पं.उमाकान्त दीक्षित,पं.अनुज खेमरीया, चित्रा शर्मा, गीता बाजपेयी,आशा दीक्षित,सालीनी त्रिपाठी,कु.काव्या दीक्षित,आराध्या दीक्षित,यशस्वी दीक्षित, समस्त पदाधिकारी गणो को धन्यवाद प्रेषित किया।
जानें क्या दिया संदेश
ब्राह्मण संसार संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं. धर्मेंद्र मिश्र ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से आज की पीढ़ियों को संदेश दिया गया। क्योंकि आजकल जरा-जरा सी बात पर युवा तलाक ले लेते हैं या फिर बहुत ही जल्दी किसी न किसी वजह से उनका विवाह बंधन टूट जाता है। ऐसे में इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को संदेश दिया गया कि विवाह बंधन साथ निभाने की रस्म है, तोड़ने की नहीं। सनातन धर्म में एक बार विवाह होता है, जो कि कभी टूटता नहीं। ऐसे में सनातनियों को समझना चाहिए कि विवाह बंधन में बंधने के बाद उसे तोड़ने की जरा भी न सोचें और सात फेरों के वचनों को पूरी उम्र निभाएं।