यति नरसिंहानंद मामले में सख्त सीएम योगी ने कहा…कठोरता पूर्वक दिलवाई जाएगी सजा

October 7, 2024 by No Comments

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Yogi Adityanath: पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया में प्रसारित करने के बाद जहां एक ओर यति नरसिंहानंद का कहीं कुछ अता-पता नहीं चल रहा है तो वहीं इसी बीच सीएम योगी आदित्यनाथ का सख्त चेतावनी भरे लहजे में बयान जारी किया है और कहा है कि किसी भी जाति, मत-मजहब अथवा संप्रदाय से जुड़े ईष्ट, देवी-देवताओं, महापुरुषों और साधु-संतों के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी अस्वीकार्य है, किंतु विरोध के नाम पर अराजकता भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

सीएम योगी ने बिना किसी घटना और बयान का जिक्र किए सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि “किसी भी जाति, मत-मजहब अथवा संप्रदाय से जुड़े ईष्ट, देवी-देवताओं, महापुरुषों और साधु-संतों के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी अस्वीकार्य है, किंतु विरोध के नाम पर अराजकता भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कोई भी व्यक्ति अगर आस्था के साथ खिलवाड़ करेगा, तो उसे कानून के दायरे में लाकर कठोरता पूर्वक सजा दिलवाई जाएगी.” इसी के साथ ही सीएम योगी ने ये भी कहा है कि प्रदेश में सभी की सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। यूपी सरकार पर्व एवं त्योहारों को सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने हेतु प्रतिबद्ध है।

मालूम हो कि नरसिंहानंद के भड़काऊ बयान का वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो के वायरल होने के बाद ही बाद डासना देवी मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में एक समुदाय के लोग जमा हो गये और शुक्रवार रात से उनके खिलाफ प्रदर्शन करने लगे, जिसके बाद मंदिर परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. फिलहाल इस मामले में उनके खिलाफ देश के कई हिस्सों में रिपोर्ट दर्ज की गई है.

जमानत पर चल रहे हैं बाहर

गौरतलब है कि नरसिंहानंद डासना देवी मंदिर में पीठासीन महंत हैं और उनके खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं और वह जमानत पर बाहर चल रहे हैं. गाजियाबाद पुलिस द्वारा जारी एक बयान में बताया गया है कि यति नरसिंहानंद के खिलाफ नागपुरी गेट थाने में बीएनएस की धारा 299 (किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य), 302 (किसी अन्य व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए जानबूझकर शब्द बोलना), 197 (राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाई) और अन्य के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. उनके खिलाफ पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं. इनमें दिसंबर 2021 में हरिद्वार में एक सम्मेलन में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने का मामला भी शामिल है.

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