CSJMU:कानपुर के एएनडी कॉलेज की शिक्षिका डा. कीर्ति वर्मा को रिटायरमेंट के 6 दिन बाद मिली प्रोफेसरशिप, पढ़ने में थीं होनहार, पूरे करियर में मिली चार कमीशन की सर्विस, अब बनवा रही हैं वृद्धाश्रम

August 4, 2022 by No Comments

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कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के एएनडी कॉलेज हर्षनगर की शिक्षिका डा. कीर्ति वर्मा को रिटायरमेंट के बाद प्रोफेसरशिप मिली है। एएनडी कॉलेज के प्रशिक्षण विभाग की विभागाध्यक्ष डा. कीर्ति वर्मा, जिनका रिटायरमेंट 30 जून 2022 को हुआ है औऱ 6 दिन बाद अर्थात 7 जुलाई 2022 को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर में प्रोफेसर शिप का असेस्मेंट हुआ, जिससे जो पद नाम 11 नवम्बर 2021 को मिल जाना चाहिए था, वह रिटायरमेंट के बाद मिला है।

जानें डा. कार्ति वर्मा के जीवन की उपलब्धियां
प्रोफेसर डा. कीर्ति वर्मा का कहना है कि अगर पद पर बने रहते ही प्रोफेसर शिप मिल गई होती तो बात ही अलग थी। बता दें कि प्रोफेसर डा. कीर्ति वर्मा ने प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति, समाजशास्त्र, हिंदी से एमए किया है। इसी के साथ ही एमएड, एमफिल, एमलिबआईएससी और पीएचडी की है।

प्रो. डा. कीर्ति वर्मा द्वारा लिखित पुस्तक

प्रोफेसर कीर्ति को अपने जीवन काल में चार कमीशन की नौकरी प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। हमेशा से पढ़ाई में तेज रहने वाली कीर्ति वर्मा को लोक सेवा आयोग इलाहाबाद से तीन कमीशन की नौकरी और चौथी कमीशन की उच्च शिक्षा सेवा आयोग इलाहाबाद से प्राप्त की थी। इसी के तहत एएनडी कॉलेज में नौकरी ज्वाइन की थी। एएनडी कॉलेज की नौकरी करने से पहले वह औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र चौबटिया रानीखेत में चार साल बतौर लाइब्रेरियन कार्य कर चुकी हैं। इसके बाद एएनडी कॉलेज में 23 साल साढ़े तीन महीने नौकरी करने के उपरांत सेवानिवृत्त हो गई।

प्रोफेसर ने सात छात्राओं को अपने निर्देशन में पीएचडी की उपाधि दिलवाई है, जिसमें से एक छात्रा की थिसिस जमा है और एक अभी रिसर्च वर्क कर रही है। प्रोफेसर की नौ किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसी के साथ प्रोफेसर कीर्ति वर्मा ने 115 राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय सेमिनार में भागीदारी की है, जिसमें से 100 शोध प्रपत्र का वाचन किया है। इसके अलावा सिम्पोजियम और कार्यशालाओं में भी हिस्सा लिया इसी के साथ ही अन्य डिग्री कॉलेज, केंद्रीय़ विद्यालयों और स्कूलों में भी मुख्य वक्ता के रूप में अमंत्रित किए जाने पर विचार व्यक्त कर चुकी हैं। साथ ही वह 160 एमएड की छात्राओं को लघु शोध प्रबंध भी करा चुकी हैं।

लगातार करती रही हैं समाज सेवा
बता दें कि अपने पूरे जीवन काल में वह समाज सेवा के कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाती रही हैं। कन्याओं के विवाह के लिए दान देने से लेकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद भी वह हमेशा से करती रही हैं। फिलहाल वह बिना किसी अन्य की आर्थिक मदद से स्वयं ही वृद्धाश्रम का निर्माण भी करा रही हैं। वह कानपुर जिले के शिवली रोड पर टिकरा के आगे झकरा में वृद्धाश्रम का निर्माण करा रही हैं। यहां आपको बताना चाहेंगे कि प्रो. डा. कीर्ति वर्मा ने ये सभी कार्य अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा करते हुए और अकेले रहते हुए किए हैं।