Delhi: रेप की FIR रद्द करने के लिए कोर्ट ने रखी अनोखी शर्त, रेस्तरां मालिक से कहा, “अनाथ बच्चों को खिलाओ बर्गर”, देखें क्या था मामला
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक रेस्तरां मालिक के खिलाफ दर्ज रेप के आरोप की प्राथमिकी को रद्द करते हुए अनोखी शर्त रखी है। कोर्ट ने रेस्तरां मालिक से नोएडा और मयूर विहार के दो अनाथालयों में क्वालिटी युक्त बर्गर परोसने का आदेश दिया है।
मीडिया के मुताबिक जस्टिस जस्मीत सिंह ने कहा कि मेरा मानना है कि वर्तमान मामले में प्रतिवादी संख्या दो (आदमी) की शादी याचिकाकर्ता से हुई थी और उसके बाद उनमें मतभेद हो गए। इस वजह से दोनों ने अलग होने का फैसला लिया। इसी के बाद प्रतिवादी नम्बर दो ने खुद ही बताया कि वह बिना किसी दबाव, जबरदस्ती और अपनी मर्जी से मामले को समाप्त करना चाहती है। इसे देखते हुए आईपीसी की धारा 376 के तहत लगे आरोपों को खारिज किया जा सकता है।
रेस्तरां मालिक के वकील ने बताया कि समझौते की शर्तों के मुताबिक, उन्हें महिला को 4 लाख 50 हजार की राशि भुगतान करनी होगी। जिसे उसी दिन स्थानान्तरित कर दिया जाएगा। न्यायमूर्ति सिंह ने ये भी कहा कि मेरा विचार है कि वर्तमान मामले में प्राथमिकी वर्ष 2020 की है और इस दौरान पुलिस के साथ ही न्यायपालिका का भी काफी समय बर्बाद हुआ है, जिसे किसी अन्य कार्य में लगाया जा सकता था।
इसलिए याचिकाकर्ता को समाज के लिए कुछ अच्छा कार्य करना होगा। चूंकि याचिकाकर्ता ने बताया कि वह नोएडा और मयूर विहार में बर्ग सिंह और वाट-ए-बर्गर के नाम के तहत रेस्तरां चला रहा है। इसलिए कोर्ट आदेश देती है कि उसे कम से कम 100 बच्चों के दो अनाथालयों में गुणवत्ता वाला बर्गर वितरित करना होगा।
इसी शर्त पर याचिका का निपटारा किया गया। आदेश में कहा गया है कि सम्बंधित जांच अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि भोजन अच्छी तरह से बना हो और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में पकाया गया हो। इसी के बाद यह भोजन बच्चों में वितरित किया जाए। (Photo social media)