Dengue-Malaria: जनवरी से लेकर अब तक लखनऊ में मलेरिया और डेंगू के पाए गए इतने मरीज, स्वास्थ्य विभाग ने बताए बचाव के उपाय
Dengue-Malaria in Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लगातार डेंगू के रोगी पाए जा रहे हैं हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाकर लोगों को डेंगू से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं. इसी क्रम में आज दिनांक 10.10.2024 को जनपद में डेंगू के 63 (अलीगंज-8, इन्दिरानगर-7, चिनहट-4, एन0के0 रोड-4, चन्दरनगर-8, रेडक्रास-4, टूडियागंज-5, सिल्वर जुबली-9, ऐषबाग-4, गोसाईगंज-2, बी0के0टी0-4, माल-1, सरोजनीनगर-3) धनात्मक रोगी पाये गये। इसके अलावा मलेरिया के 4 (मोहनलालगंज-1, ऐषबाग-1, अलीगंज-1, गोसाईगंज-1) धनात्मक रोगी पाये गये।
इस तरह से जनवरी 2024 से अब तक जनपद में डेंगू के कुल 970 एवं मलेरिया के 440 धनात्मक रोगी पाये गये हैं. आज यानी 10 अक्टूबर को करीब 1527 घरों एवं आस-पास मच्छरजनित स्थितियों का सर्वेक्षण किया गया और कुल “12” घरों में मच्छरजनित स्थितियां पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया। नगर मलेरिया इकाई एवं जिला मलेरिया अधिकारी की टीमों द्वारा जनपद के विभिन्न स्थलो/भवनों का निरीक्षण किया गया तथा लार्वा रोधी रसायन का छिडकाव किया गया।

क्षेत्रीय जनता को घर के आस-पास पानी जमा न होने, पानी से भरे हुए बर्तन एवं टंकियों को ढंक कर रखें, हर सप्ताह कूलर के पानी को खाली करके साफ कपड़े से पोछ कर सूखा एवं साफ करने के बाद ही पुनः प्रयोग में लाने, पूरी बांह के कपड़े पहनने, बच्चों को घर से बाहर न निकलने, मच्छर रोधी क्रीम लगाने एवं मच्छरदानी में रहने तथा डेंगू एवं मच्छर जनित रोगों से बचाव हेतु “क्या करें, क्या न करें” सम्बंधित स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की गयी।
मच्छरों की ब्रीडिंग रोकने के हैं ये उपाय
वाटर टैंक व कंटेनरों को ढक कर रखे, घर के अंदर व आसपास पानी को जमा न होने दे।
अनावश्यक कन्टेनर, कबाड़, टायर व नारियल के खोल में पानी जमा न होने दे। तत्काल उसका निस्तारण सुनिश्चित करे।
प्रत्येक सप्ताह कूलर का पानी बदले, कूलर आदि में ज्यादा दिनों तक पानी जमा न होने दे।
बर्ड बाथ, फूलदान आदि में प्रत्येक सप्ताह पानी बदले।
स्वयं इस तरह करें बचाव
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करे।
दिन के समय मच्छरों के काटने से बचने के लिए फुल सिलिव्स के कपड़े पहने बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह पर दवा का उपयोग करे।
क्या न करें
घर मे या घर के आस पास कूलर, बाल्टी, बैरल, फूलदान, बर्ड बाथ, फ्रीज, टायर व नारियल के खोल में पानी जमा न होने दे।
टूटे बर्तन, अनुपयोगी बोतल, टिन, पुराने टायर और कबाड़ को घर मे न जमा होने दे और न ही घर के पास उन्हें फेंके। उक्त चीजों का उचित निस्तारण सुनिश्चित कराए ताकि उसमे मच्छरों की ब्रीडिंग न हो पाए।
बुखार होने पर स्वंय से दवा न करे, चिकित्सक के परामर्श के उपरान्त ही दवा का उपयोग करें।
मौसमी बीमारियों से जुड़ी जानकारी, सहयोग एवं सहायता हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय लखनऊ कन्ट्रोल रूम नम्बर 0522-2622080 संपर्क कर सकते हैं।