धर्मेंद्र की अब तबीयत कैसी? पढ़ें ताजा जानकारी…450 करोड़ की संपत्ति और 6 बच्चे; किसे मिलेगा कितना हिस्सा, जानें क्या कहता है कानून?

November 11, 2025 by No Comments

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Dharmendra Deol: हिंदी फिल्मों के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र का इलाज मुम्बई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में जारी है. वह कई दिनों से यहां भर्ती हैं और इसी बीच कल शाम से उनके निधन की भी खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो वहीं कई समाचार चैनलों ने भी उनके निधन की खबर चलाई. इस पर उनकी दूसरी पत्नी व राज्यसभा सांसद हेमा मालिनी व बेटी ईशा देओल ने खंडन किया व नाराजगी भी जताई तो वहीं ताजा जानकारी सामने आ रही है कि उनकी सेहत स्थिर है और उनके बेटे सनी बॉबी देओल उनसे मिलने के लिए पहुंचे हैं.

उनकी सेहत को लेकर सनी देओल की टीम ने भी तबीयत में सुधार की पुष्टी की है तो वहीं हेमा मालिनी ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर कहा है कि धर्मेंद्र की सेहत में सुधार है लेकिन जिस तरह से गलत खबरें चलाई जा रही है वह माफी के लायक नहीं है. इसी बीच सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र की कुल सम्पत्ति और उसके बंटवारे को लेकर खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.

जानें कितनी है नेटवर्थ?

धर्मेंद्र 89 की उम्र में भी फिल्मों में काम कर रहे हैं और वह प्रकृति के बीच अपना जीवन जीते हैं. तो वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के दावों के मुताबिक, धर्मेंद्र की नेटवर्थ 400 से 450 करोड़ रुपये है.उनकी कमाई फिल्मों के अलावा ब्रांड एंडोर्समेंट और बिजनेस इंवेस्टमेंट से भी है. साथ ही मुंबई में उनका एक आलीशान बंगला है. तो खंडाला और लोनावला में भी फार्महाउस हैं. साथ ही कई और रियल एस्टेट प्रॉपर्टीज भी उनके नाम पर है. वह एक मशहूर रेस्टोरेंट चेन Garam-Dharam भी है जिसे वह खुद चलाते हैं और उनके रेस्टोरेंट काफी प्रसिद्ध हैं. ये रेस्टोरेंट कई शहरों में हैं. उनके पास कई लग्जरी कारें भी हैं जिसमें मर्सिडीज बेंज एस-क्लास, लैंड रोवर रेंज रोवर जैसी कारें शामिल हैं.

जानें किस पत्नी से कितने बच्चे?

धर्मेंद्र ने दो महिलाओं से शादियां की. पहली पत्नी का नाम प्रकाश कौर है और दूसरी पत्नी का नाम हेमा मालिनी हैं. उनकी दोनों पत्नियों से 6 बच्चे हैं. पहली पत्नी से सनी देओल, बॉबी देओल, अजीता देओल और विजेता देओल. यानी चार बच्चे हैं तो दूसरी पत्नी से ईशा देओल और अहाना देओल. यानी दो बेटियां हैं.

13 पोते-पोतियां

धर्मेंद्र के 6 बच्चों में से 13 पोते-पोतियां है, ऐसे में सवाल उठता है कि अगर धर्मेंद्र की संपत्ति का बंटवारा होता है तो उसका हकदार सबसे अधिक कौन होगा?

सबसे बड़े बेटे सनी देओल के दो बेटे, करण देओल और राजवीर देओल.
बॉबी देओल से दो बेटे धर्म और आर्यमन देओल.
अजीता देओल की दो बेटियां हैं.
विजेता देओल की एक बेटा और एक बेटी.
ईशा देओल की दो बेटियां, राध्या तख्तानी और मिराया तख्तानी हैं.
आहाना देओल- डेरिन वोहरा (बेटा) तो वहीं जुड़वां बेटियां- अस्त्रिया वोहरा और आदिया वोहरा हैं.

क्या कहता है कानून?

सम्पत्ति के बंटवारे को लेकर अधिवक्ता राजीव दीक्षित कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में रेवनसिद्दप्पा बनाम मल्लिकार्जुन (2023 INSC 783) पर एक अहम फैसला सुनाया था जिसने सम्पत्ति के बंटवारे को लेकर बहुत कुछ साफ कर दिया.

इस फैसले के अनुसार अगर कोई व्यक्ति दो शादी करता है तो दूसरी शादी हिंदू मैरिज एक्ट (HMA) के तहत अमान्य मानी जाती है (उदाहरण के तौर पर धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की शादी, क्योंकि पहली पत्नी प्रकाश कौर जीवित हैं और तलाक नहीं हुआ है) लेकिन उस शादी से हुए बच्चों को कानून की नजर में वैध माना जाएगा.

अधिवक्ता आगे कहते हैं कि धारा 16 (1) को अगर देखे तों इसके मुताबिक, ऐसे बच्चों को अपने माता-पिता की संपत्ति पर पूरा अधिकार मिलेगा लेकिन ये अधिकारी केवल माता-पिता की संपत्ति में ही मिलेगा. यानी पूरे संयुक्त परिवार या पैतृक संपत्ति पर उनका सीधा हक नहीं होगा.

ईशा और आहना को क्या नहीं मिलेगा हिस्सा?

इस पर अधिवक्ता कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने ये स्पष्ट कर दिया है कि ‘दूसरी शादी से हुए बच्चे’ अपने पिता की स्व-अर्जित के साथ पैतृक संपत्ति में सिर्फ उनके हिस्से के ही अधिकारी हैं.

यानी कानूनी भाषा में इसे ‘काल्पनिक बंटवारा’ (No­tional Partition) कहा गया है. मतलब धर्मेंद्र के बाद कानूनी तौर पर माना जाएगा कि उनकी पैतृक संपत्ति का बंटवारा हो चुका है और उसमें जो हिस्सा धर्मेंद्र के नाम पर है केवल उसी हिस्से को उनके सभी वैध वारिसों में बराबर बांट दिया जाएगा.

ईशा देओल और आहना देओल की जानें क्या है कानूनी स्थिति?

दरअसल अगर हिंदू मैरिज एक्ट (HMA) को देखें तो हेमा मालिनी के साथ धर्मेंद्र की दूसरी शादी अमान्य (शून्य) है लेकिन फिर भी (क्योंकि उनकी पहली शादी प्रकाश कौर के साथ जारी थी), इसलिए HMA की धारा 16(1) के तहत धर्मेंद्र की बेटियों को उनके माता-पिता के संबंध में वैध बच्चे का दर्जा देती है. ऐसा इसलिए क्योंकि कानून का उद्देश्य नाजायज बच्चों को किसी भी तरह के कलंक को दूर रखना है.

जबकि धर्मेंद्र की संपत्ति में हेमा मालिनी को कोई हिस्सा नहीं मिलेगा. इस दशा में हेमा मालिनी को तभी कोई हिस्सा मिल सकता है यदि अगर धर्मेंद्र ने कोई वसीयत बनाई हो जिसमें उन्हें हिस्सा दिया गया हो या शादी की वैधता अदालत में साबित कर दी जाए.

एडवोकेट कहते हैं कि इस तरह से “सुप्रीम कोर्ट ने ये साफ किया है अमान्य शादी से पैदा हुए बच्चों को अब सिर्फ नाम का नहीं, बल्कि कानूनी अधिकार से संपत्ति में हिस्सा मिलेगा. मतलब साफ है कि ईशा और आहना देओल अपने पिता के हिस्से की पूरी संपत्ति में बराबर की हकदार होंगी.”

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा

सुप्रीम कोर्ट ने संपत्ति पर सीमा (धारा 16(3)) में एक बार फिर से साफ किया है कि वैधता का यह दर्जा उन्हें अपने आप बड़े हिंदू संयुक्त परिवार में सहदायिक (कोपार्सनर) नहीं बनाता. यानी उनके अधिकार सख्ती से सिर्फ उनके माता-पिता (धर्मेंद्र और हेमा मालिनी) की संपत्ति तक ही सीमित हैं, न कि “माता-पिता के अतिरिक्त किसी और व्यक्ति” की संपत्ति तक.

धर्मेंद्र की संपत्ति के कौन होंगे हकदार?

इसको लेकर अधिवक्ता कहते हैं कि उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर के साथ ही उनके बच्चे (सनी, बॉबी, अजीता और विजेता) के साथ ही दूसरी पत्नी हेमा मालिनी की दोनों बेटियां ईशा देओल और आहना देओल को धर्मेंद्र के हिस्से में आई संपत्ति में बराबर का हिस्सेदार माना जाएगा.

वारिसी हक पैतृक संपत्ति में (स्पष्टीकरण)

अधिवक्ता बताते हैं कि ‘सुप्रीम कोर्ट ने अपने 2023 के फैसले में इस बात को साफ किया है कि किस तरह से एक अमान्य शादी से जन्मे बच्चे माता-पिता के पैतृक या सहदायिक संपत्ति में हिस्से के हकदार हो सकते हैं. विशेष रूप से इसने HMA की धारा 16(3) और हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम (HSA) की धारा 6(3) के बीच सामंजस्य बैठाया है.’

काल्पनिक बंटवारा आवश्यक- जब एक हिंदू पुरुष सहदायिक (जैसे कि धर्मेंद्र) का निधन होता है तो HSA की धारा 6(3) के अंतर्गत माना जाता है कि मिताक्षरा सहदायिक संपत्ति का एक काल्पनिक बंटवारा (नोशनल पार्टीशन) उनके निधन से ठीक पहले हो गया था.

माता-पिता की संपत्ति तय करना- इसके अंतर्गत इस काल्पनिक बंटवारे में धर्मेंद्र को जो हिस्सा मिलता है उसे उत्तराधिकार के तौर से उनकी “संपत्ति” माना जाता है.

हस्तांतरण- इसके तहत इस तरह तय हुए हिस्से का बंटवारा बिना वसीयत के उत्तराधिकार (HSA की धारा 8 और 10 के अंतर्गत) के तहत, धर्मेंद्र के सभी क्लास-1 वारिसों में होता है.

धारा 16 वाले बच्चों के लिए HMA की धारा 16(1) के तहत वैधता पाने वाले बच्चे जैसे (ईशा देओल और आहना देओल), HSA की धारा 10 के अंतर्गत बंटवारे के लिए “बेटे” और “बेटियां” माने जाते हैं, जो वैध और धारा 16 वाले वैध बच्चों में कोई अंतर नहीं करती.

अधिकारों पर निष्कर्ष के तहत काल्पनिक बंटवारे के बाद धर्मेंद्र के हक में जो भी संपत्ति आई, उसमें ईशा देओल और आहना देओल, उनके दूसरे क्लास-1 वारिसों (जैसे उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर, जीवित होने पर; उनकी माँ, जीवित होने पर, पहली शादी के बच्चे सनी, बॉबी, विजेता और अजीता) के साथ बराबर की हिस्सेदारी का अधिकार होगा.

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