सोमवार को पूर्व और मंगलवार को उत्तर की ओर न करें यात्रा…अगर है बहुत जरूरी तो करें ये सरल उपाय; जानें क्या होता है दिशाशूल?
Hindu Dharma: सनातन धर्म में दिनों के हिसाब से कुछ दिशाओं की ओर यात्रा करने के लिए मना किया गया है, लेकिन यदि बहुत जरूरी हो तो इसके लिए उपाय भी हमारे धर्म-ग्रंथों में बताए गए हैं ताकि आपकी यात्रा सफल हो।
इस लेख में आचार्य विनोद कुमार मिश्र आपको इसी बात की जानकारी दे रहे हैं कि किस दिन किस दिशा की ओर यात्रा करना शुभ नहीं रहता, अगर जरूरी हो तो थोड़ा सा उपाय करने के बाद यात्रा के लिए घर से प्रस्थान कर सकते हैं। ताकि आपकी यात्रा शुभ और सफल हो। इसे ही दिशाशूल कहते हैं.
सोमवार
वैसे हो सके तो सोमवार को पूर्व दिशा की ओर यात्रा न करें, अर्थात इस दिशा की ओर यात्रा करने से बचें। अगर बहुत जरूरी हो तो दर्पण (आईना) देखकर की घर से निकलें। यात्रा सफल होगी।
मंगलवार
मंगलवार को उत्तर दिशा व वायव्य कोण में यात्रा करने से बचें। अगर अति आवश्यक हो तो गुड़ या राई खाकर घर से निकलें। यात्रा सफल होगी।
बुधवार
बुधवार को उत्तर दिशा व वायव्य कोण में यात्रा न करें यदि यात्रा आवश्यक हो तो गुड़ का सेवन करने के बाद ही घर से प्रस्थान करें।
बृहस्पतिवार
बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचें। अगर अति आवश्यक हो तो थोड़ा सा दही खाकर ही घर से निकलें।
शुक्रवार
शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा न करें। यदि यात्रा आवश्यक हो तो थोड़ा सा जौ का सेवन करने के बाद ही घर से निकलें।
शनिवार
शनिवार को पूर्व दिशा में यात्रा न करें। यदि यात्रा आवश्यक हो तो तिल का सेवन करने के बाद ही प्रस्थान करें।
रविवार
रविवार को पश्चिम दिशा में यात्रा न करें यदि यात्रा आवश्यक हो तो दर्पण देखकर ही घर से प्रस्थान करें।
DISCLAIMER: यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। किसी भी धार्मिक कार्य को करते वक्त मन को एकाग्र अवश्य रखें। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)
ये भी पढ़ें-Ahoi Ashtami Katha: अहोई अष्टमी पर संतान को न डांटें… पढ़ें कथा