Diwali-2025: दीवाली पर पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश…पुलिस को सौंपी ये जिम्मेदारी

October 15, 2025 by No Comments

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Diwali-2025: हर साल दिल्ली में दीवाली आने से पहले ही पटाखे जलेंगे या नहीं, इसको लेकर बहस शुरू हो जाती है. वजह है प्रदूषण तो इस बार सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों को जलाने की इजाजत दे दी है. इसके बाद से ही लोगों में हर्ष की लहर दौड़ पड़ी है.

सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के मुताबिक, चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की सुप्रीम कोर्ट बेंच ने यह फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे के बीच पटाखे जलाए जा सकेंगे.

पुलिस बनाएंगे गश्ती दल

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को गश्ती दल बनाने की जिम्मेदारी दी है और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि उनको ये निगरानी रखनी पड़ेगी कि बाजार में केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही बिकें. अगर कोई नियम तोड़ता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें और नोटिस जारी करें. कोर्ट ने कहा कि उसने इस मसले पर सॉलिसिटर जनरल और न्याय मित्र के दिए सुझावों के साथ-साथ उद्योग जगत की चिंताओं पर भी विचार किया है.

अमेजन-फ्लिपकार्ट पर प्रतिबंध

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अमेजन या फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के मुताबिक, कोर्ट ने ये भी कहा है कि ये पटाखे ग्रीन लेबल के नाम पर मार्केट में उतारे तो जाते हैं लेकिन इससे पर्यावरण को अधिक नुकसान होता है. कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह के मामलों में ‘संतुलित दृष्टिकोण’ अपनाना ज़रूरी है, ताकि उद्योग और पर्यावरण दोनों के हितों की रक्षा हो सके.

पटाखों की तस्करी बन गई है गम्भीर समस्या

इसी के साथ ही पीठ ने कहा कि पारंपरिक पटाखों की तस्करी एक गंभीर समस्या बन चुकी है. खबरों के मुताबिक, CJI बीआर गवई की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि पारंपरिक पटाखों की अक्सर तस्करी की जाती है जो कि अधिक हानिकारक होते हैं. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के सहयोग से पिछले छह वर्षों में ग्रीन पटाखों ने प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी की है.

सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देते हुए यह भी कहा कि हरियाणा के 22 जिलों में से 14 जिले एनसीआर का पार्ट हैं. इसलिए आदेश का दायरा पूरे एनसीआर क्षेत्र में भी लागू होगा. कोर्ट का फैसला सामने आने के बाद ये बात अब साफ हो चुकी है कि दीवाली पर अब दिल्ली और एनसीआर के लोग तय नियमों के तहत ग्रीन पटाखे फोड़ सकेंगे. ये वो पटाखे होते हैं जिनसे पारंपरिक पटाखों की तुलना में कम प्रदूषण होने की सम्भावना होती है.

पिछली सुनवाई में मिला था आश्वासन

गौरतलब है कि पिछली सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को कई सुरक्षा उपायों का भरोसा दिया था. इसमें यह भी शामिल था कि लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों के जरिये ही पटाखों की बिक्री हो. इस तरह से मार्केट में केवल अनुमति प्राप्त निर्माताओं को ही बिक्री करने की इजाजत होगी.

पहले ही मिल गई थी ग्रीन पटाखे बनाने की अनुमति

बता दें कि 26 सितम्बर को ही CJI गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली-एनसीआर में उन प्रमाणित निर्माताओं को अस्थायी रूप से ग्रीन पटाखे बनाने की इजाजत दे दी थी, जो राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (NEERI) और पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) से परमिट  रखते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ग्रीन पटाखों पर भी रहा है सख्त

मालूम हो कि इस साल अप्रैल में जस्टिस अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुयां की पीठ ने ये बात स्पष्ट करते हुए कहा था कि प्रत्येक वर्ष केवल 3-4 महीने के समय के लिए ही पटाखों पर प्रतिबंध लगाना बहुत प्रभावी नहीं होगा और हरित पटाखों के लिए भी कोई अपवाद नहीं होना चाहिए.

तो वहीं सुप्रीम कोर्ट ने पहले कहा था कि जब तक इस बात का प्रूफ नहीं मिल जाता कि हरे पटाखों (Green Crackers) से प्रदूषण बहुत कम होता है, तब तक इनको किसी तरह की कोई छूट नहीं दी जाएगी. कोर्ट का कहना था कि हवा में प्रदूषण का स्तर लंबे समय से खतरनाक बना हुआ है. साथ ही कोर्ट ने संविधान का हवाला देते हुए कहा था कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार में स्वस्थ जीवन और प्रदूषण मुक्त वातावरण में रहने का अधिकार शामिल है.

इसी साल जनवरी में भी सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के साथ ही हरियाणा सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने वाले आदेश को और आगे बढ़ा दिया था. इसको लेकर कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा में 17 जनवरी तक लागू प्रतिबंध को अगले आदेश तक जारी रखा जाए.

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