News: दृष्टि IAS के विकास दिव्यकीर्ति ने भगवान राम और माता सीता का विद्यार्थियों के सामने उड़ाया मजाक, बोले आपत्तिजनक शब्द, वायरल हुआ वीडियो, प्राची साध्वी ने कोचिंग बैन करने की सरकार से की मांग
सोशल मीडिया पर दृष्टि IAS के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ति का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह भगवान श्रीराम और माता सीता का मजाक उड़ाते हुए दिख रहे हैं और भगवान राम के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले भी वह इसी तरह के शब्दों का इस्तेमाल भगवान राम के लिए कर चुके हैं। इसको लेकर उनके खिलाफ ट्विटर पर अभियान छेड़ दिया गया है। इसी के साथ भगवा क्रांति सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्राची साध्वी ने कोचिंग सेंटर को बैन करने की मांग सरकार से की है।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक राजधानी भोपाल में दिल्ली की दृष्टि आईएएस कोचिंग के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ति का विरोध तेज हो गया है। न केवल प्राची साध्वी बल्कि भोपाल में संस्कृति बचाव मंच ने भी दिव्यकीर्ति के खिलाफ एफआईआर की मांग की है। संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्र शेखर तिवारी ने कहा कि डॉक्टर दिव्यकीर्ति ने अपनी कोचिंग में भगवान राम और सीता के प्रति जिस प्रकार की अनर्गल टिप्पणी की है। उसका संस्कृति बचाओ मंच विरोध करता है और यह मांग करता है कि इस मामले में केंद्र सरकार हस्तक्षेप करे और आपराधिक प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार करे। संस्कृति बचाओ मंच यह भी मांग करता है कि शीघ्र ईशनिंदा कानून को लाया जाए। ताकि सनातन धर्म के देवी-देवताओं के प्रति हर कोई जो अनर्गल टिप्पणी करता है वह बंद हो जाए और इन जैसे निकृष्ट लोगों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज होना चाहिए। दिव्यकीर्ति का सोशल मीडिया पर भी विरोध हो रहा है।
जानें कौन है दिव्यकीर्ति
बता दें कि डॉ. दिव्यकीर्ति ‘दृष्टि आईएएस’ कोचिंग इंस्टीट्यूट के संस्थापक हैं। हरियाणा के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे डॉ. दिव्यकीर्ति के माता-पिता दोनों हिंदी साहित्य के प्रोफेसर थे। इसलिए इनका बचपन से ही हिंदी के प्रति लगाव रहा है। दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, सिनेमा अध्ययन, सामाजिक मुद्दे और राजनीति विज्ञान उनकी रुचि के अन्य विषय हैं। इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी साहित्य में एमए, एमफिल और पीएचडी की है। इसके अलावा, ये दिल्ली विश्वविद्यालय और भारतीय विद्या भवन से अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं।
दिल्ली से की व्यावसायिक जीवन की शुरूआत
डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने अपने व्यावसायिक जीवन की शुरुआत दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्यापन-कार्य से की थी। डॉ. दिव्यकीर्ति ने अपने पहले ही प्रयास में, साल 1996 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली थी, जिसके बाद कीर्ति को केंद्रीय गृह मंत्रालय में नियुक्ति मिली थी लेकिन वहां पर वह ज्यादा समय तक काम नहीं कर सके और एक साल बाद ही उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इसी के बाद कीर्ति ने साल 1999 में ‘दृष्टि आईएएस’ कोचिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की। दृष्टि आईएएस के यूट्यूब चैनल पर 70 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। वहीं इंस्टाग्राम पर उनके 7 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। फिलहाल तेज होते विरोध ने कीर्ति की छवि पर प्रश्न चिह्न लगाना शुरू कर दिया है। (फोटो-सोशल मीडिया)
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