Haryana Election-2024: हरियाणा में चला पीएम मोदी के इस विजन का जादू…धराशायी हुए ये तमाम हर्डल
Haryana Assembly Election-2024: हरियाणा में किसानों व पहलवानों के साथ ही विपक्षी दलों के तमाम विरोध व आरोपों के हर्डल को पार करते हुए जिस तरह से विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की है, उससे विपक्षी दल व उनके समर्थक भौचक्के हैं. जहां चुनाव परिणाम सामने आने से पहले कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा को हरियाणा में मुंह की खानी पड़ेगी और विपक्षी दल भाजपा की हार को तमाम दावे कर रहे थे लेकिन अब नतीजे सभी के सामने हैं और जनता जनार्दन नेअपनी सरकार चुन ली है. इसी के साथ ही कांग्रेस का प्रदेश में 10 सालों से चल रहे राजनीतिक वनवास के समाप्त होने का सपना चूर-चूर हो गया.
अब तक मिले मतों में सबसे अधिक इस बार का प्रतिशत रहा
हालांकि नतीजों से पहले एग्जिट पोल के आंकड़ों ने कांग्रेस की खुशी जरूरी दी थी लेकिन चुनाव परिणाम ने इस बात को स्पष्ट कर दिया कि हरियाणा में एमपी और गुजरात की तरह ही पीएम नरेंद्र मोदी का मैजिक चला और पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने इतिहास रच दिया। जनता ने इस चुनाव में ये साफ कर दिया कि वह पीएम मोदी के विजन पर अभी भी भरोसा करती है। जहां 5 महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा को बहुत अच्छा परिणाम नहीं मिला तो वहीं हरियाणा के नतीजे ने ये साफ कर दिया कि भाजपा गिर कर उठना भी जानती है. यहां भाजपा को करीब 40 प्रतिशत वोट मिले हैं। यानी भाजपा को हरियाणा में अब तक मिले मतों में ये सबसे ज्यादा मत प्रतिशत है।
मोदी के विकास कार्यों का मिला परिणाम
हरियाणा में कुछ महीने पहले ही भाजपा ने मुख्यमंत्री बदल दिया था. इसको लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी सरकार पर हमला बोल रही थी. इसी के साथ ही किसानों के मुद्दे और पहलवानों के आरोपों को भी भाजपा झेल रही थी और कांग्रेस लगातार भाजपा को इन तमाम मुद्दों के साथ ही महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से भी घेरने की कोशिश कर रही थी लेकिन, पीएम मोदी के विजन ने हरियाणा की सत्ता में तीसरी बार भाजपा की वापसी का रास्ता खोल दिया।
अगर राजनीतिक जानकारों के विश्लेषण की मानें तो जो वोट बीजेपी को मिले हैं इसमें ज्यादातर वोट पीएम मोदी के द्वारा हरियाणा में कराए गए विकास के कार्य और यहां उनकी चुनावी सभाओं की वजह से मिले हैं और अगर कुछ पीछे मुड़कर देखें तो हरियाणा में 2009 में भाजपा को 9.04 प्रतिशत, 2014 में 33.2 प्रतिशत, 2019 में वोट प्रतिशत 36.49 और इस बार वोट प्रतिशत 40 फीसदी के करीब पहुंच गई है।
36 बिरादरी के वोटों का मिला लाभ
पीएम मोदी के अगर विजन की बात करें तो जानकार मानते हैं कि हरियाणा के लिए उनका विजन इस तरह देख सकते हैं- लोकसभा चुनाव से ठीक पहले यहां सीएम बदला गया और मनोहर लाल खट्टर को सांसद के बाद मंत्री बनाकर भाजपा पंजाबी समाज को तो साथ रखने में कामयाब हुई ही। नायब सिंह सैनी के सीएम बनते ही सैनी समाज भाजपा के साथ जुड़ गया. तो वहीं यहां जाटलैंड की जो सीटें थी, उसमें भी इस बार भाजपा ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. इस तरह से हरियाणा की सभी 36 बिरादरी के वोट पीएम मोदी के विजन के पक्ष में चले गए.
किसानों के मुद्दे पर भी बीजेपी ने चली गजब की रणनीति
हरियाणा विधानसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी ने जहां चुनावी सभा की, उन सीटों पर जीत का स्ट्राइक रेट 75 प्रतिशत रहा. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, किसानों की नाराजगी का मुद्दा उठाकर विपक्षी दलों ने बीजेपी को घेरने की कोशिश की तो वहीं बीजेपी ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में किसानों के लिए 24 फसलों के लिए एमएसपी की गारंटी का वादा किया और अग्निवीर योजना से रिटायर होने वाले सैनिकों को राज्य सरकार की नौकरियों में आरक्षण देने का वादा कर अपनी रणनीति से विपक्षी दलों को धराशायी कर दिया. इस तरह से पीएम मोदी की बात और उनका साथ हरियाणा के लोगों को इस तरह भाया कि चुनावी रिजल्ट ने विपक्षी दलों को सोचने पर मजबूर कर दिया. इस तरह से गुजरात, उत्तराखंड और एमपी के बाद हरियाणा ऐसा राज्य बन गया है, जहां पीएम मोदी के विजन को लोगों ने स्वीकार किया है।
पीएम मोदी ने कांग्रेस को इस तरह दी पटखनी
बता दें कि हरियाणा में हुए विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी की सिर्फ 4 रैलियां हुईं लेकिन, इसका इतना बड़ा असर इस चुनाव में मतदाताओं पर पड़ा कि नतीजों ने विपक्षी दलों के दांत खट्टे कर दिए. पीएम मोदी ने इस चुनाव में दलितों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया. प्रचार के दौरान उन्होंने गोहाना और मिर्चपुर कांड की याद हरियाणा की जनता को दिलाई. तो वहीं पीएम मोदी ने अपने विजन के साथ ही हरियाणा की जनसभाओं में कांग्रेस सरकार के बिना खर्ची-पर्ची के नौकरी नहीं देने की बात को प्रमुखता से उठाते हुए मंच से निशाना साधा. यही नहीं मंच से उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस की सरकार में प्रदेश को दामादों और दलालों के हवाले कर दिया गया.
पीएम मोदी की 4 और राहुल गांधी ने किए 9 कार्यक्रम
बता दें कि 16 अगस्त को हरियाणा में चुनाव घोषणा होने के बाद पीएम मोदी ने पहली रैली 14 सितंबर को की थी। इसके बाद कुल चार चुनावी रैलियां यहां की और चुनाव के दौरान ही हरियाणा में प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं से ऑनलाइन संवाद भी किया। तो दूसरी ओर कांग्रेस के स्टार प्रचारक राहुल गांधी ने हरियाणा में नौ कार्यक्रम किए जिसमें रैली के साथ ही जनसभा और यात्रा भी शामिल हैं।