Health: सर्दी में अगर मिल रहे हैं ये 7 संकेत…न करें इग्नोर; हार्ट की हो सकती है गम्भीर बीमारी

January 5, 2025 by No Comments

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Heart Attack Warning Signs: एक्सपर्ट की मानें तो सर्दियों में हार्ट सम्बंधी बीमारियों का खतरा अधिक बढ़ जाता है क्योंकि इस दौरान शरीर को गर्म रखने के लिए दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है. ठंड में सिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम एक्टिव हो जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ जाता है. इसलिए जो लोग पहले से ही हार्ट की बीमारी जूझ रहे हैं उनको थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है. क्योंकि इस मौसम में हार्ट स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और सडेन हार्ट डेथ जैसे खतरे बढ़ सकते हैं.

इन सात संकेतों से रहें सावधान

एक्सपर्ट की मानें तो सर्दियों में फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा हो जाता है. इस कारण लगातार खांसी आने का खतरा बना रहता है. अगर खासी के साथ सफेद या गुलाबी ब्लड सहित कफ आ रहा है तो इससे ये बात साफ है कि दिल सही तरह से खून को पंप नहीं कर पा रहा है. इस स्थिति को पल्मोनरी कंजेशन भी कहते हैं. इसमें सांस की परेशानी और घरघराहट जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं.

तो वहीं इससे बचने के लिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि अगर कुछ लक्षणों को लेकर सावधानी बरती जाए और तुरंत डॉक्टर के पास चले जाएं तो कोई बड़ी घटना होने से पहले ही उसे टाला जा सकता है.

एक्सपर्ट की मानें तो सर्दी के कारण अगर हार्ट सही तरह काम न करे तो पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है. फिर इससे पैरों से लेकर टखनों में सूजन होने का खतरा बना रहता है. इसे एडिमा कहते हैं और ये हार्ट फेलियर का संकेत हो सकता है.

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ साइंटिफिक रिसर्च में पब्लिश यूएसवी प्राइवेट लिमिटेड की स्टडी के अनुसार, दिल के 47.31% मरीजों की धड़कन 81-100 bpm पाई गई, उसमें से 15.19% मामलों में टैचीकार्डिया पाया गया. सोशल मीडिया पर वायरल एक्सपर्ट के बयान की मानें तो सर्दी के दौरान हार्ट रेट और पेरिफेरल रिजेस्टेंस बढ़ता है. इससे धड़कनें तेज हो जाती हैं.

तेज चलने या फिर सीढ़ियां चढ़ने या भारी सामान उठाने में अगर सांस फूल रही है या फिर सांस तेज चल रही है या सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो तुरंत सावधान हो जाएं क्योंकि इस तरह के लक्षण सर्दियों में अधिक देखने को मिलते हैं और ये हार्ट में किसी परेशानी का संकेत देता है.

अगर सर्दी के मौसम में बिना किसी काम के ही पसीना निकल रहा है तो ये खतरे की घंटी हो सकता है. क्योंकि यह हार्ट डिजीज का संकेत हो सकता है. ब्लॉक आर्टरी की वजह से दिल को खून पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और शरीर का तापमान बढ़ जाता है. यही वजह है कि पसीना आने लगता है.

एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर चक्कर आना, सिर घूमना और बेहोशी जैसी समस्याएं होती हैं तो हो सकता है कि असामान्य हार्ट फंक्शन की वजह से ब्लड प्रेशर हाई और दिमाग में ब्लड फ्लो कम हो गया है. ये कार्डियक एरिदमिया के संकेत भी हो सकता है.

ठंड में नसें सिकुड़ने का खतरा बना रहता है. इससे दिल पर अधिक प्रेशर पड़ता है. इससे एनजाइना ट्रिगर होने का खतरा रहता है. इस कारण छाती में जकड़न महसूस हो सकती है. ऐसे में बांहों, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल जाता है. ये हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर दी गई है. पाठक किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य लें.

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