Hassan Nasrallah: क्या बरामद हो गया नसरल्लाह का शव? जानें क्या किया जा रहा है दावा; गरीब किसान के घर में हुआ था हिजबुल्लाह चीफ का जन्म, इस तरह गुजरी जिंदगी-Video
Hezbollah chief Hassan Nasrallah killed: इजरायली हमले में मारे जाने वाले हिजबुल्लाह चीफ की मौत पर दुनिया भर के तमाम देशों में मौजूद उसके समर्थक शोक मना रहे हैं तो वहीं उसकी मौत के दूसरे दिन हिजबुल्लाह चीफ का शव आज हमले वाली साइट से बरामद करने का दावा किया गया है। मालूम हो कि शनिवार को हिजबुल्लाह ने भी अपने बयान में हसन नसरल्लाह के मारे जाने की पुष्टि कर दी थी।
फिलहाल सूत्रों ने दावा किया है कि नसरल्लाह का शव आज लेबनान में इजरायली हवाई हमले के स्थल से बरामद किया गया है। बता दें कि वह वास्तव में कैसे मारा गया और उसका अंतिम संस्कार कब होगा, इसकी जानकारी हिजबुल्लाह की ओर से नहीं की गई है. मालूम हो कि दशकों से नसरल्लाह अपने भाषणों को खुफिया स्थान से जाकर प्रसारित करता था। उसे न सिर्फ लेबनान में बल्कि पश्चिम एशिया के सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक माना जाता था.
Sometime in the near future, there will be a war with Lebanon. Sadly, it seems inevitable.
So before the world screams its outrage toward Israel for attacking poor innocent Lebanon, let me tell you what Hezbollah did this week:
Here's a recap of week June 9-15:
⁃96 barrages… pic.twitter.com/e8AVimdCNZ
— Hen Mazzig (@HenMazzig) June 16, 2024
शरीर में कोई घाव न होने का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूत्रों की मानें तो हसन नसरल्लाह के शरीर पर कोई सीधा घाव नहीं मिला है। रविवार को एक चिकित्सा सूत्र और एक सुरक्षा सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि हिजबुल्लाह नेता सैय्यद हसन नसरल्लाह का शव बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इजरायली हवाई हमले के स्थल से बरामद किया गया। उसका शव बरकरार है। तो इसी के साथ ही सूत्रों ने ये भी कहा कि उसके शरीर पर कोई सीधा घाव नहीं पाया गया है. सूत्रों का मानना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि नसरल्लाह की मौत विस्फोट के बाद उसे पहुंचे कुंद आघात से हुई है। फिलहाल अभी तक शव की कोई तस्वीर या फिर वीडियो सामने नहीं आया है.
हमले की जगह पर हुए गहरे गड्ढे
तो दूसरी ओर मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इजरायली सेना ने जिस जगह हमला किया है, वहां जमीन में काफी गहराई तक गड्ढे हो गए हैं। गगनचुंबी इमारतें भी खंडहर हो गई हैं। तो इस बीच नसरल्लाह का शव सुरक्षित बरामद होने के दावे पर लोग हैरानी कर रहे हैं. मालूम हो कि शुक्रवार देर शाम लेबनान की राजधानी बेरूत में स्थित हिजबुल्ला के मुख्यालय पर हवाई हमला किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के इस हमले में 6 लोगों की मौत हुई है.
बेटी की भी हुई मौत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में हसन नसरल्लाह की बेटी जैनब (Zainab Nasrallah) की भी मौत हो गई है. खबर सामने आ रही है कि हिजबुल्लाह चीफ के मारे जाने के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई को सुरक्षित स्थान पर रखा गया। इसके अलावा इजरायल में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है.
छोटी सी दुकान चलाते थे पिता
सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के मुताबिक, बेरूत के उत्तरी बुर्ज हम्मूद उपनगर में 31 अगस्त 1960 को नसरल्लाह का जन्म हुआ था. वह एक गरीब किसान परिवार से ताल्लुक रखता था और उसके आठ भाई-बहन थे। बताया जाता है कि उसके पिता अब्दुल करीम एक छोटी सी सब्जी की दुकान चलाते थे। हसन नसरल्लाह के परिवार की बात करें तो उसकी पत्नी का नाम फातिमा यासीन है। उसके चार बच्चे थे। उसके सबसे बड़े बेटे की सितंबर 2017 में मौत हो गई थी। वो हिजबुल्लाह का लड़ाका था। मालूम हो कि 1975 में लेबनान में गृह युद्ध छिड़ा था. इसी दौरान वह अमल आंदोलन में शामिल हो गया था। नसरल्लाह शिया समुदाय से आता था.
1992 में बना था हिजबुल्लाह का महासचिव
साल 1992 में नसरल्लाह को हिजबुल्लाह का महासचिव बनाया गया था। तब उसने अब्बास अल-मुसावी का स्थान लिया था. मालूम हो कि मुसावी को भी इजरायल ने ही मार गिराया था। यही वजह रही कि उसे काफी सख्त सुरक्षा के बीच रखा जाता था और वह समय-समय पर अपना ठिकाना बदलता रहता था. इसको लेकर एक बार हसन नसरल्लाह ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वो बंकर में नहीं रहते, लेकिन वो समय-समय पर अपना ठिकाना बदलते रहते हैं। यहां ये चौंका देने वाली बात है कि जो लोग भी उसका इंटरव्यू लेने जाते थे उनको भी ये नहीं पता होता था कि वह कहां पर मौजूद है।
महबूबा मुफ्ती ने भी किया है सपोर्ट
PDP प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने ट्वीट किया, "लेबनान और गज़ा के शहीदों, खास तौर पर हसन नसरुल्लाह के साथ एकजुटता दिखाने के लिए मैं कल अपना अभियान रद्द कर रही हूं। हम इस दुख और अनुकरणीय प्रतिरोध की घड़ी में फिलिस्तीन और लेबनान के लोगों के साथ खड़े हैं।" pic.twitter.com/XZRL1diDRq
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 28, 2024