‘उड़ा देंगे खाड़ी के सारे पोर्ट…’ ईरान के रेडियो और टीवी पर जैसे ही गरजी चेतावनी UAE-साऊदी की कांप गई रूह
Strait of Hormuz: एक बार फिर से दुनिया भर की चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आ रही है क्योंकि एक बार फिर से होर्मुज की खाड़ी में युद्ध की चिंगारी भड़कती दिख रही है. सीजफायर के बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जैसे ही ‘नेवल ब्लॉकेड’ की घोषणा की हैईरान ने अब तक की सबसे डरावनी चेतावनी दे डाली है.
सोमवार को ईरान के सैन्य मुख्यालय ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि अगर अमेरिका ने हमारे बंदरगाहों को निशाना बनाने की कोशिश की या फिर व्यापार रोकने की कोशिश की तो खाड़ी के सारे पोर्ट उड़ा दिए जाएंगे. ईरान की इस चेतावनी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और सऊदी अरब के साथ ही दुनिया के तमाम देशों की नींद उड़ा दी है.
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग में जारी एक खबर में कहा गया है कि ‘फारस की खाड़ी और ओमान सागर में अगर सुरक्षा है या तो सबके लिए है या फिर किसी के लिए नहीं. यही ईरान के बंदरगाहों को खतरा है, तो इस क्षेत्र का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा.
ईरान की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ना चाहते हैं ट्रंप
ईरान के संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रजाई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ट्रंप की धमकी ‘महज एक झांसा’ है इसी के साथ ही चेतावनी दी कि अगर स्थिति बिगड़ी, तो ईरान अपने वो ‘पत्ते’ खोलेगा जो उसने अब तक इस खेल में इस्तेमाल नहीं किए हैं.
तो दूसरी ओर अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने नाकाबंदी को लेकर कहा है कि ये सोमवार 1400 GMT से लागू हो गई है. ट्रंप ईरान की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ना चाहते हैं है लेकिन ईरान इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताने के साथ ही इसे ‘समुद्री डकैती’ करार दे रहा है.
खाली हाथ वापस जाएगा अमेरिका
तो वहीं आग में घी डालने वाला बयान कुद्स फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल कानी की ओर से आया है. उन्होंने अमेरिका को पश्चिम एशिया से खाली हाथ वापस लौटने की बाद कही है. उन्होंने अमेरिका और इजरायल को यमन युद्ध की याद दिलाते हुए कहा है कि यहां पर उनको कोई सफलता नहीं मिली थी. तो वहीं कानी ने यह भी संकेत दिया कि ईरान समर्थित हूती विद्रोही एक बार फिर ‘बाब अल-मंडब’ जलडमरूमध्य को निशाना बना सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो लाल सागर का व्यापार पूरी तरह ठप हो जाएगा.
ईरान कहां-कहां कर सकता है हमला?
ईरान की धमकी से दुनिया के तमाम देश सहम गए हैं. क्योंकि इसका सीधा मतलब है कि अगर अमेरिका ईरान के जहाजों को रोकता है, तो ईरान इसके बदले में सऊदी अरब के ‘जुबैल’ या यूएई के ‘जेबल अली’ जैसे दुनिया के सबसे व्यस्त बंदरगाहों पर ड्रोन व मिसाइल से हमला कर सकता है. इसलिए ईरान की इस चेतावनी के बाद से ही ईरान और सऊदी की नींद उड़ गई है.